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Uk: बीसीए की छात्रा की कमरे में हुई थी संदिग्ध मौत, हाईकोर्ट सख्त; पूछा- एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Fri, 24 Apr 2026 01:51 PM IST
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सार

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल की छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हुआ। कोर्ट ने 28 अप्रैल तक जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

case of suspicious death of a student in Bhimtal, the High Court strictly asked why an FIR was not registered
नैनीताल हाईकोर्ट। - फोटो : संवाद
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विस्तार

हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल में बीसीए द्वितीय वर्ष की छात्रा लखनऊ निवासी युवती की कमरे में हुई संदिग्ध मौत की जांच कराए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को यह बताने को कहा कि परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं हुआ। जिसकी वजह से उन्हें लखनऊ में जीरो एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। कोर्ट ने इस पर 28 अप्रैल तक जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

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न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार लखनऊ निवासी मृतक छात्रा के पिता राम कृष्ण तोमर ने हाईकोर्ट में मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की है। जिसमें कहा गया है कि उनके द्वारा ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल में अपनी 18 वर्षीय बेटी का एडमिशन कराया था। वह बीसीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। वह कालेज के छात्रावास में रहती रहती थी। कालेज का समय समाप्त होने के बाद अक्सर वह घर बात करती रहती थी। उसके द्वारा उन्हें बताया गया कि कुछ सीनियर उसकी रैंगिग कर रहे हैं जो उसे अच्छा नही लगता है और वह इससे परेशान है। उसके बाद कालेज की तरफ से उन्हें सूचना दी जाती है कि उनकी पुत्री की सन्दिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। जबकि कालेज ने उसे मूर्छित अवस्था में सीएचसी सेंटर ले जाया गया जहां पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जब उनके द्वारा इसकी शिकायत भवाली थाने में की गई तो थाने ने कालेज के दबाव में आकर शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया।

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मौत की निष्पक्ष जांच कराने के लिए उन्होनें लखनऊ में जीरो एफआईआर दर्ज की गई। लखनऊ पुलिस ने इस मामले की जांच कराने के लिए शिकायत भवाली पुलिस थाने को भेजी। लेकिन अभी भी भवाली पुलिस उस पर कोई जांच नही कर रही है। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट से प्रार्थना की गई कि उनकी पुत्री की मौत कैसे हुई इसकी जांच कराई जाए। जबकि गेट से बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में उसके साथ छेड़छाड़ हुई वह भी दिख रहा है। जिनके द्वारा यह किया गया है उनके खिलाफ जांच कर कार्यवाही की जाए।

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