सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Multi-crore scheme goes down the drain; funds to be surrendered.

Nainital News: करोड़ों रुपये की योजना पर फिरा पानी, सरेंडर होगी रकम

संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Fri, 24 Apr 2026 03:03 AM IST
विज्ञापन
Multi-crore scheme goes down the drain; funds to be surrendered.
विज्ञापन
नैनीताल। बलियानाला के भूमिगत जलस्रोत से हो रहे पानी के रिसाव का सदुपयोग कर तल्लीताल क्षेत्र के लोगों को पेयजल मुहैया करने की करोड़ों रुपये की योजना पर पानी फिर गया है। सर्वे एवं ड्रिलिंग में लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद योजना पर पूर्ण विराम लग गया है। जल संस्थान की ओर से अन्य स्थान पर ड्रिलिंग संभव न होने के चलते हाथ खींच लिए गए हैं। जल संस्थान के पत्र के आधार पर अब सिचाई विभाग राशि सरेंडर कर देगा।
Trending Videos

वर्ष 2018 में बलियानाला में आए भूस्खलन के बाद इसकी सुरक्षा के लिए हुए सर्वे के दौरान आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने बलियानाला में भूमिगत जल (वाडर सेचुरेटेडेट जोन) होने की पुष्टि की। यही नहीं बलियानाला की तलहटी में फूट रहे पानी को इसी का रिसाव बताया। वर्ष 2022-23 में इस पानी को लिफ्ट कर पेयजल के रूप में सदुपयोग की पहल शुुरु हुई। जीजीआईसी परिसर में पांच इंच के व्यास की ड्रिलिंग कर 240 फीट पर शुद्ध पेयजल प्राप्त भी हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन




वर्ष 2023-24 में जल संस्थान की ओर से दस इंच व्यास की 600 फीट तक ड्रिलिंग कर इस पानी को राजभवन व हाक्सडेल स्थित टैंक में लिफ्ट कर पानी की दिक्कत वाले तल्लीताल बाजार व पिछाड़ी बाजार और इसके बाद अन्य स्थानों पर पेयजल देना भी तय हुआ। योजना के तहत अवमुक्त 2.17 करोड़ रुपये के सापेक्ष अवमुक्त 50 लाख रुपये से जल संस्थान ने ड्रिलिंग की, जो फेल हो गयी और पूरी योजना पर पानी फिर गया।

सिंचाई विभाग से अवमुक्त राशि से ड्रिलिंग की गई, लेकिन पानीं मिल सका। समीप में संभावनाएं भी नजर नहीं आईं। ऐसे में ड्रिलिंग के बाद अवशेष राशि सिंचाई विभाग को वापस कर दी जाएगी। -रमेश सिंह गर्ब्याल, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
जल संस्थान की ड्रिलिंग में पानी न मिलने के बाद अन्य संभावनाओं पर विचार करना तय हुआ था। अभी जल संस्थान से संबंधित कोई पत्र या अवशेष धनराशि वापस नहीं की गई है। पत्र के क्रम में राशि को सरेंडर किया जाएगा। -प्रमोद पाठक सहायक अभियंता सिचाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed