फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Electricity bill of Rs seventeen thousand sent without reading in nainital

Uttarakhand: 17 हजार के बिजली बिल ने दिया जोर का झटका, बिना मीटर रीडिंग भेजा; ऊर्जा निगम की मनमानी

Thu, 16 Jul 2026 11:40 AM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: Heera Updated Thu, 16 Jul 2026 11:40 AM IST
सार

नैनीताल के बीडी पांडे अस्पताल के स्टाफ क्वार्टर में नर्सों को बिना मीटर रीडिंग लिए 17 हजार रुपये के मनमाने बिजली बिल भेजे गए। नर्सिंग स्टाफ ने ऊर्जा निगम की इस मनमानी पर सवाल उठाए हैं।

विज्ञापन
Electricity bill of Rs seventeen thousand sent without reading in nainital
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

नैनीताल में बिजली उपभोक्ताओं को बिना मीटर रीडिंग लिए भारी-भरकम बिजली बिल भेजे जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला मल्लीताल स्थित बीडी पांडे अस्पताल के स्टाफ क्वार्टर का है, यहां रहने वाले नर्सिंग स्टाफ ने ऊर्जा निगम पर बिना वास्तविक मीटर रीडिंग के हजारों रुपये के बिल भेजने का आरोप लगाया है।

विज्ञापन


स्टाफ क्वार्टर में रहने वाली सीनियर नर्सिंग अधिकारी मीनाक्षी ने बताया कि उन्होंने 20 अप्रैल को अपना पिछला बिजली बिल जमा किया था लेकिन जुलाई में तीन महीने का उन्हें करीब 17 हजार रुपये का बिल मिला जबकि उनका बिल तो प्रतिमाह हजार रुपये से कम का ही आता था। उनका कहना है कि इस दौरान मीटर की रीडिंग लेने कोई कर्मचारी नहीं आया। फिर इतना अधिक बिल कैसे आ गया, समझ से परे है। इसी तरह नर्सिंग अधिकारी उर्मिला दास ने बताया कि उन्होंने 18 मार्च को बिल जमा किया था मगर इस माह उनके नाम चार महीने का करीब 20 हजार रुपये का बिल जारी कर दिया गया। इस बीच कोई कर्मचारी रीडिंग लेने तक नहीं आया।
विज्ञापन


स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल अस्पताल स्टाफ क्वार्टर तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बिना मीटर रीडिंग के बिजली बिल भेजे जा रहे है जबकि कई उपभोक्ताओं को समय पर बिल तक नहीं मिल रहा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


स्टाफ क्वार्टर से शिकायत प्राप्त हुई है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और यदि कहीं त्रुटि पाई जाती है तो नियमानुसार उसका समाधान किया जाएगा। घरों में रीडिंग लेते समय कर्मचारियों को कई बार कुत्ते काट चुके हैं, इसलिए वह रीडिंग नहीं ला पा रहे है। - प्रियंक पांडे, एसडीओ, ऊर्जा निगम

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed