सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   father dies by suicide over financial crisis and son treatment cost

नीतू पाल की कहानी: इकलौते बेटे की धड़कनें बचाते-बचाते थम गईं पिता की सांसें; मासूम पुत्र को थी ये बीमारी

संवाद न्यूज एजेंसी, रामनगर Published by: गायत्री जोशी Updated Mon, 08 Jun 2026 10:11 AM IST
विज्ञापन
सार

रामनगर में आर्थिक तंगी और इकलौते बेटे के महंगे इलाज के बोझ से परेशान एक पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

father dies by suicide over financial crisis and son treatment cost
आर्थिक तंगी से परेशान होकर जिदंगी की जंग हारे नीतू पाल। - फोटो : अमर उजाल ग्राफिक
विज्ञापन

विस्तार

रामनगर में आर्थिक तंगी और लाचारी के चलते एक पिता ने रविवार को अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मोहल्ला ऊंटपड़ाव निवासी व्यक्ति ने मासूम बेटे की बीमारी और उसके महंगे इलाज से परेशान होकर फांसी लगा ली। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मोहल्ला ऊंटपड़ाव निवासी नीतू पाल (46) पुत्र पिताराम रामनगर के ही एक स्थानीय क्लीनिक में काम करते थे। उनके सात वर्षीय इकलौते बेटे प्रिंस की दोनों किडनियां खराब हैं जिसका लंबे समय से काशीपुर के निजी अस्पताल डायलिसिस चल रहा था। बच्चे की गंभीर स्थिति के कारण लगातार इलाज में महंगा खर्च आ रहा था। नीतू पाल क्लीनिक की सीमित आय में बेटे के इलाज का भारी-भरकम खर्च उठाने में असमर्थ महसूस कर रहे थे। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से जूझते हुए उन्होंने रविवार को अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की भनक लगते ही बदहवास परिजन नीतू को फंदे से उतारकर नजदीकी अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से पत्नी और दिव्यांग मां बेसुध है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला मासूम बच्चे की बीमारी का इलाज न करा पाने के अवसाद और आर्थिक तंगी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन


दिव्यांग मां और पत्नी बेसुध

घटना की भनक लगते ही बदहवास परिजन नीतू को फंदे से उतारकर नजदीकी अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से पत्नी और दिव्यांग मां बेसुध है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
विज्ञापन
Trending Videos


प्रथम दृष्टया मामला मासूम बच्चे की बीमारी का इलाज न करा पाने के अवसाद और आर्थिक तंगी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। -सुशील कुमार, कोतवाल
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed