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Uttarakhand Weather: बारिश के बीच घर पर आफत बन गया पेड़, तीन लोग आधे घंटे तक फंसे रहे; फिर ऐसे बची जान

Fri, 10 Jul 2026 10:49 AM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: Heera Updated Fri, 10 Jul 2026 10:49 AM IST
सार

न्यू पैवेलियन होटल के पास बृहस्पतिवार रात बारिश के दौरान एक घर पर विशालकाय पेड़ गिर गया, जिससे दो लोग घायल हो गए और तीन लोग आधे घंटे तक मलबे में फंसे रहे। पुलिस, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड ने राहत-बचाव अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

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Heavy Rain in Nainital Uttarakhand
घायल व्यक्ति को पीठ पर लादकर ले जाता जवान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल शहर के न्यू पैवेलियन होटल के पास बृहस्पतिवार रात घर पर विशालकाय पेड़ गिरने से लोगों में अफरातफरी और चीखपुकार मच गई। हादसे में दो लोग घायल हो गए। बचाव दल ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। एसडीआरएफ के एसआई मनोज भाकुनी ने बताया कि बारिश के दौरान रात करीब आठ बजे घर पर पेड़ गिरने की सूचना मिली। पुलिस, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। कुछ लोग समय रहते बाहर निकल गए थे जबकि तीन लोग आधे घंटे तक घर में फंसे रहे।

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घटना में घायल अब्दुल वाशिद (58), दीवान आर्या (32) का बीडी पांडे अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों की हालत खतरे से बाहर है। रेस्क्यू टीमों ने घर की चहारदीवारी पर गिरे पेड़ को हटाया। तब जाकर लोगों ने घर में शरण ली। 
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नैनीताल में रातभर झमाझम बारिश, नाले उफान पर, कोहरे से थमी रफ्तार
सरोवर नगरी नैनीताल में बुधवार रात करीब आठ बजे से शुरू हुई मूसलधार बारिश बृहस्पतिवार सुबह तक जारी रही। लगातार हुई बारिश से शहर के नाले उफान पर आ गए और कई स्थानों पर पानी का बहाव तेज हो गया। शहर में बीते 24 घंटों में 119 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बारिश के चलते लोगों को आवाजाही में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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सुबह बारिश थमने के बाद शहर घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा। दृश्यता कम होने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और चालकों को सावधानी के साथ वाहन चलाने पड़े। दिनभर मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। बीच-बीच में रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही, जिससे ठंडक बनी रही। वहीं, शाम करीब चार बजे के बाद मौसम साफ हुआ और कोहरे का असर भी कम हो गया। इसके बावजूद ठंडी हवाओं के कारण शहर में लोगों ने हल्की ठंड का एहसास किया।


जलभराव वाले क्षेत्रों में गन्ने की फसल के नुकसान का आकलन करने के निर्देश
गन्ना विकास परिषद कार्यालय में एससीडीआई बीरेंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में नैनीताल जनपद के अंतर्गत आने वाले ब्लॉक प्रभारी अधिकारियों की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में चौधरी ने सभी ब्लॉक प्रभारियों एवं गन्ना विकास निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण कर गन्ना फसल को हुए संभावित नुकसान का आकलन करने और शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से जलभराव वाले खेतों से पानी की निकासी करने का आग्रह किया ताकि फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। बैठक में यह बताया गया कि क्षेत्र के किसानों को गन्ना उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करते हुए शरदकालीन गन्ना बुवाई की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस दौरान ब्लॉक प्रभारी राकेश कुमार ने कोसी नदी के निकटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा प्रस्तुत की। बैठक में दीपक कुमार शर्मा, योगेश चंद्र भट्ट, सोमपाल सिंह, सुभाष चंद्र आदि रहे।

मानसून आने पर नैनीताल घूमने का किराया घटाया
पर्यटन सीजन खत्म होने के साथ ही बरसात भी शुरू हो गई है। इस बीच पहाड़ों में सफर खतरनाक होने के साथ स्थानीय टैक्सी चालकों ने अपनी सेवाओं के दामों में 30 से 40 फीसदी तक कटौती कर दी है। हिमालय दर्शन, स्नो व्यू, बारापत्थर, लवर्स पॉइंट और सुसाइड पॉइंट के लोकल साइटसीन पैकेज के दाम काफी गिर गए हैं। पहले जो ट्रिप 1,500 से 2,000 रुपये के बीच बुक होती थी, वह अब मात्र 900 से 1,200 रुपये में उपलब्ध है। भीमताल, सातताल और नौकुचियाताल के लेक टूर के किराये में भी 800 से 1,000 रुपये तक कम हो गए हैं।

पीक सीजन में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है जिससे गाड़ियों की मांग बढ़ जाती है और ईंधन भी जाम में ज्यादा लगता है। ऑफ सीजन शुरू होते ही सैलानियों की आमद काफी कम हो गई है। लोकल साइटसीन और लेक टूर के रेट करीब 30 से 40 फीसदी तक कम कर दिए हैं। - शादाब, टैक्सी चालक

मई-जून के महीने में काम अच्छा रहता है लेकिन इन दिनों कारोबार काफी मंदा हो जाता है। अगर हम रेट कम नहीं करेंगे तो जो इक्का-दुक्का पर्यटक आ रहे हैं वे भी नहीं आएंगे। पहले काठगोदाम से नैनीताल का किराया 1500 तक लेते थे, अब इसे घटाकर 900 से 1000 रुपये कर दिया है। -ललित कुमार, टैक्सी चालक


बारिश के चलते ढेला और झिरना जोन रहे बंद, गर्जिया में हुई सफारी
बुधवार रात से लगातार हो रही बारिश के चलते कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) प्रशासन ने सोमवार को ढेला और झिरना पर्यटन जोन को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया। जोन के भीतर बहने वाले बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। हालांकि गर्जिया पर्यटन जोन में हालात सामान्य रहने पर जंगल सफारी जारी रही।

पार्क वार्डन बिंदर पाल ने बताया कि मानसून सीजन में सीटीआर के ढेला,झिरना और गर्जिया जोन खुले रहते हैं। बताया कि बुधवार देर रात से हो रही बारिश के चलते बृहस्पतिवार को ढेला, झिरना जोन को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था। बताया कि इस दौरान पर्यटकों ने 31 जिप्सियों के परमिट बुक कराए थे। इसमें 14 ढेला जबकि 17 परमिट झिरना के शामिल है।बताया कि जोन बंद होने से परमिट निरस्त हो गए। वहीं बताया कि सुबह तक बारिश रूक जाने के बाद दोपहर की पाली में सभी जोन में जंलग सफारी जारी रही। बताया कि शुक्रवार को बारिश की स्थिति को देखते हुए जोन को खोलने या बंद रखने का निर्णय लिया जाएगा।

पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से बाइक सवार घायल
भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में बृहस्पतिवार की पाडली की पहाड़ी से अचानक पत्थर के बाइक सवार पर गिरने से युवक घायल हो गया। जबकि पीछे बैठी युवती बाल-बाल बच गई। हादसे में रुद्रपुर की तरफ जा रहे जगदीश प्रसाद (25) पुत्र हरीश राम निवासी खनस्यू पतलोट ओखलकांडा को घायल हालत में ट्रक चालक की मदद से गरमपानी सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद युवक हालत को सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया। इधर भवाली-नैनीबैंड-सैनिटोरियम बाईपास पर बारिश के बाद जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने से सड़क पर यातायात बंद होने से यात्री परेशान रहे। नैनीताल की तरफ आने और जाने वाले यात्रियों को भवाली बाजार होते हुए आवाजाही करनी पड़ी।

सात नंबर क्षेत्र में भूधंसाव बढ़ा, प्रभावित परिवारों को शिफ्ट करने के निर्देश
नैनीताल शहर के सात नंबर स्थित अल्मा कॉटेज क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे भूधंसाव को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम नवाजिश खलिक ने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को तत्काल आवश्यक बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकने के आदेश भी दिए।



अल्मा कॉटेज क्षेत्र में पिछले वर्ष से ही सड़क और पहाड़ी में दरारें पड़ने लगी थीं। मूसलाधार बारिश के बाद सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी और पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसकने से भारी मात्रा में मलबा नीचे नाले में जा गिरा था। समय पर स्थायी सुरक्षा कार्य नहीं होने से इस वर्ष मानसून में दोबारा भूधंसाव शुरू हो गया, जिससे क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय सभासद जितेंद्र पांडे ने बताया कि लगातार हो रहे धंसाव से सड़क के ऊपर स्थित पांच और नीचे के सात परिवारों के भवन खतरे की जद में हैं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र स्थायी सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है। बृहस्पतिवार को एसडीएम नवाजिश खलिक ने सिंचाई विभाग व लोनिवि के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया। एसडीएम नवाजिश खलिक ने बताया कि सुरक्षा कार्य पूरे होने तक जोखिम वाले भवनों में रह रहे परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को शुक्रवार से बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि लोनिवि और अन्य संबंधित विभागों को समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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