सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   High Court said that the state government cannot impose tax on hydroelectric power generation

Uttarakhand: जलविद्युत उत्पादन पर टैक्स नहीं लगा सकती राज्य सरकार, कंपनियों के पक्ष में कोर्ट ने दिया फैसला

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Tue, 28 Apr 2026 12:14 PM IST
विज्ञापन
सार

हाईकोर्ट ने जलविद्युत परियोजनाओं के हक में फैसला देते हुए कहा है कि राज्य सरकार ''जनरेशन आफ इलेट्रिसिटी'' पर टैक्स नहीं लगा सकती। 

High Court said that the state government cannot impose tax on hydroelectric power generation
नैनीताल हाईकोर्ट।
विज्ञापन

विस्तार

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा जलविद्युत परियोजनाओं से विद्युत उत्पादन पर टैक्स लगाने के खिलाफ विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं की ओर से दायर स्पेशल अपीलों पर सुनवाई के बाद जलविद्युत परियोजनाओं के हक में फैसला देते हुए कहा है कि राज्य सरकार ''जनरेशन आफ इलेट्रिसिटी'' पर टैक्स नहीं लगा सकती। यह टैक्स लगाना का अधिकार राज्य सरकार का नहीं केंद्र सरकार का है। पूर्व में कोर्ट ने एक्ट को सही ठहराते हुए विभिन्न हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट कम्पनियों की ओर से दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

Trending Videos


इस आदेश को हाइड्रोपावर कम्पनियों ने विशेष अपील दायर कर खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी थी। स्पेशल अपीलों में सुनवाई करते हुए पूर्व मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने इस पर अलग अलग मत रखे। इसकी पुष्टि के लिए पूर्व में न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ को रिफरेंस आदेश भेजा था जिस पर आज उनकी अदालत ने यह निर्णय दिया।न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले के अनुसार राज्य बनने के बाद उत्तराखंड सरकार ने राज्य की नदियों में जलविद्युत परियोजनाएं लगाए जाने हेतु विभिन्न कंपनियों को आमंत्रित किया था और उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश राज्य व जल विद्युत कंपनियों के मध्य करार हुआ। जिसमें तय हुआ कि कुल उत्पादन की 12 फीसदी बिजली उत्तराखंड को निशुल्क दी जाएगी, जबकि शेष बिजली उत्तर प्रदेश को बेची जाएगी।

लेकिन 2012 में उत्तराखंड सरकार ने उत्तराखंड वाटर टैक्स ऑन इलैक्ट्रिसिटी जनरेशन एक्ट बनाकर जल विद्युत कंपनियों पर वायर की क्षमतानुसार 2 से 10 पैसा प्रति यूनिट वाटर टैक्स लगा दिया, जिसे अलखनन्दा पावर प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड, टीएचडीसी, एनएचपीसी, स्वाति पावर प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड, भिलंगना हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट, जय प्रकाश पावर वेंचर प्राइवेट लिमिटेड आदि ने चुनौती दी। एकलपीठ ने इनकी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि विधायिका को इस तरह का एक्ट बनाने का अधिकार है। यह टैक्स पानी के उपयोग पर नहीं बल्कि पानी से विद्युत उत्पादन पर है जो संवैधानिक दायरे के भीतर बनाया गया है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed