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Uk: दयारा ट्रैक से लापता MBA की छात्रा का पांचवें दिन भी पता नहीं, 30 जून को उत्तरकाशी से निकली थी ट्रैकिंग पर

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Thu, 04 Jun 2026 09:52 AM IST
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सार

उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रैक से लापता हुई रामनगर की एमबीए छात्रा बबीता पांडे का पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही हैं।

Missing MBA student from Uttarkashi's Dayara Bugyal trek remains untraceable even on fifth day
सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार

 उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक से लापता हुई रामनगर निवासी बबीता पांडे (24) का पांचवें दिन भी पता नहीं चल पाया है। प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग और पुलिस टीमें जंगलों और ट्रेकिंग मार्गों पर सघन सर्च अभियान चला रही हैं मगर अब तक उन्हें सफलता हासिल नहीं हुई है। खोजबीन की नाकाम होती कोशिशों के गुजरते पलों के बीच घर पर बबीता का इंतजार कर रहे पिता, दादी और छोटा भाई चिंता में हैं। मां और बड़ा भाई बबीता की खोज के लिए उत्तरकाशी में है।

चिल्किया निवासी बबीता पांडेय दिल्ली से एमबीए की पढ़ाई कर रही हैं। 29 मई को वह अपने दो दोस्तों के साथ रामनगर से उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रैक घूमने गई थी। 30 मई की रात वह गोई क्षेत्र में टेंट लगाकर रुके थे। इसके बाद बबीता रहस्यम तरीके से गायब हो गई। 31 मई को घटना की जानकारी परिजनों को मिलने के बाद भाई हर्षित और मां अंजू बेटी की खोज में दयारा बुग्याल पहुंच गए। घर में बबीता की दादी नंदी और सबसे छोटा भाई अनुज और पिता गोपाल पांडे हैं। लगातार खोजबीन के असफल प्रयासों से परिजनों की चिंता बढ़ती चली जा रही है। बबीता के पिता गोपाल दत्त पांडेय ने बताया कि उनकी बेटी ट्रैकिंग के लिए गई थी लेकिन उन्हें क्या पता था कि उसके साथ ऐसा हादसा हो जाएगा। वह हर पल बबीता की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। उधर बबीता के मां और भाई के उत्तरकाशी पहुंचने के बाद मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की जा चुकी है। सीओ उत्तरकाशी के नेतृत्व में इस मामले की पूरी कार्रवाई की जा रही है।

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मैं चलने में सक्षम होता तो बेटी की तलाश करने जाता...

बबीता के पिता गोपाल पांडे ने बताया कि करीब पांच वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद वह पैरों से पूर्ण रूप से दिव्यांग हो गए है। बताया कि बेटी के इतने दिनों से लापता होने चिंता हर पल परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर वह खुद स्वस्थ होते तो बेटी की तलाश के लिए जाते तो और बेटी को ढूंढकर लाते।

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विशेष खोज टीम ने गोई झील में चलाया अभियान

उत्तरकाशी। दयारा बुग्याल ट्रैक से लापता रामनगर नैनीताल निवासी ट्रैकर बबीता पांडे की खोज लगातार जारी है। दयारा के गोई से लापता ट्रैकर को खोजने के लिए तमाम रेस्क्यू टीमें जुटी हैं। पिछले दिनों के तमाम प्रयासों के बाद बुधवार को पांचवें दिन विशेष खोज टीम ने गोई स्थित झील और पानी वाले स्थलों पर गहन तलाशी अभियान चलाया लेकिन ट्रैकर का कोई सुराग नहीं लग सका है। डीप ड्राइविंग टीम में एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन की टीमें शामिल हैं। वहीं सेना, आईटीबीपी, और वन विभाग की टीमें भी अपने स्तर से सर्च अभियान में जुटी है। मामले में दोनों युवक साथियों पर पुलिस की ओर से गत दिवस अपहरण का मामला भी दर्ज किया जा चुका है और उनसे पूछताछ की जा रही है। बताया जाता है कि बबीता ऊधमसिंह नगर निवासी हरमनपाल की दोस्त थी। वह हरमनपाल और शाहजहांपुर यूपी निवासी हरमनप्रीत के साथ घूमने आई थी।

 

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