Uttarakhand: नैनीताल की वोटर लिस्ट में 63 हजार से अधिक मतदाता सत्यापन से बाहर, बदल सकता है चुनावी गणित
नैनीताल जिले में मतदाता सूची के एसआईआर से पहले 63 हजार से अधिक ऐसे मतदाता चिन्हित हुए हैं जिनका भौतिक सत्यापन नहीं हो सका है। इन आंकड़ों ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है।
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नैनीताल जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले सामने आए प्री-एसआईआर आंकड़ों ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में कुल 63,117 ऐसे मतदाता सामने आए हैं जिनका भौतिक सत्यापन नहीं हो सका है। यह संख्या कई विधानसभा सीटों पर पिछली बार हुए चुनाव में जीत के अंतर से भी अधिक है। ऐसे में अगर एसआईआर में भी यही स्थिति रही तो आने वाले चुनाव में यह गायब वोट बैंक सियासी संतुलन को सीधे प्रभावित कर सकता है। हल्द्वानी, नैनीताल और रामनगर विधानसभा सीट पर जीत के अंतर से उन मतदाताओं की संख्या अधिक है जिनकी सर्वे के दौरान तस्दीक नहीं हो सकी। हालांकि लालकुआं और कालाढूंगी में जीत का यह अंतर बड़ा है।
आठ जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ
जिला निर्वाचन अधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर जनपद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को समयबद्ध एवं सफलतापूर्वक कराने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाने लगा है। एडीएम विवेक राय ने बुधवार को यहां सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) एवं विभिन्न राजनैनिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के तहत सभी बीएलओ आठ जून से सात जुलाई तक घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाएंगे। सात जुलाई को मतदान केंद्रों का युक्तिकरण, 14 जुलाई को मतदाता सूची का आलेख प्रकाशन के बाद 13 अगस्त तक दावे आपत्ति दर्ज की जाएगी। 11 सितंबर 2026 तक दावे आपत्तियों का निस्तारण होगा और 15 सितंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
तहसील स्थित एनआईसी सभागार में हुई बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एचडी पांडे समेत कांग्रेस से राम सिंह नगरकोटी, किरण सिंह मेहरा, भाजपा से मनीष पाल, अमित चौधरी, बसपा से जगदीश कुमार टम्टा, हरीश चंद सिनौली मौजूद रहे।