UK: खतरे का हईवे...15 दिन में आठ मौतें, इस रोड पर बढ़ते हादसों से राहगीरों से वाहन चालक तक दहशत में
बरेली रोड हाईवे पर वाहनों की बेलगाम रफ्तार ने बीते 15 दिनों में आठ लोगों की जान ले ली है। इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद पुलिस और परिवहन विभाग सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की बजाय सिर्फ निरीक्षण और चेकिंग तक ही सीमित हैं।
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बरेली रोड हाईवे पर वाहनों की बेलगाम रफ्तार लोगों को मौत की नींद सुला रही है। बीते 15 दिन के भीतर चार बड़े सड़क हादसों में आठ लोगों की मौत तो कुछ यहीं बयां कर रही है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए जिम्मेदार पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी निरीक्षण और चेकिंग तक ही सीमित हैं।
शहर के अत्यधिक व्यस्त रहने वाले तीनपानी से लेकर लालकुआं तक का हिस्सा अब मौत का हाईवे बन रहा है। आए दिन इस 12 किलोमीटर के पैच पर सड़क बेकसूरों के खून से लाल हो रही है। हाईवे पर अनियंत्रित तेज रफ्तार, भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही और असुरक्षित कटों के पास आए दिन हो रहे हादसों में लोग असमय जान गंवा रहे हैं। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि जब तक आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरने वाले हाईवे पर गति सीमा को कड़ाई से नियंत्रित नहीं किया जाएगा तब तक इन जानलेवा हादसों पर ब्रेक लगाना संभव नहीं है।
हाईवे पर लोगों की लापरवाही बरकरार
हाइवे के कटों से लिंक मार्ग पर जाने वाले लोग यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। दिन में कई बार लोग जान जोखिम में डाल हाइवे पार कर रहे हैं, जो उनकी जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। हाइवे पर चलते बाइक सवार मोबाइल फोन पर इस्तेमाल कर रहे हैं। दोपहिया वाहनों में तीन से चार सवारियां बैठाकर लोग बगैर हेलमेट तेज रफ्तार दौड़ रहे हैं। बृहस्पतिवार की शाम हाइवे पर लोगों की ऐसी लापरवाही कैमरे में कैद हुई।
हवाहवाई साबित हो रहे इंटरसेप्टर वाहन
परिवहन विभाग और पुलिस के पास मौजूद आधुनिक स्पीड डिटेक्टर मशीन और इंटरसेप्टर गाड़ियां शोपीस बनी हुई हैं। हाईवे पर बेलगाम दौड़ते वाहनों की रफ्तार पर शिकंजा कसने में विभाग नाकाम साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और आरटीओ का पूरा जोर सिर्फ शहर के चौराहों पर हेलमेट और कागजों में कमी पर चालान काटने तक सीमित रह गया है। तीनपानी से लालकुआं तक कई घने रिहायशी इलाके हैं। इसके बावजूद इन क्षेत्रों में न तो गति अवरोधक लगाए हैं और न ही वाहन चालकों को रफ्तार कम करने की चेतावनी देने वाले बोर्ड।
जनता में भय और गुस्सा
15 दिनों में 8 मौतों के आंकड़े से स्थानीय लोगों में हाईवे पर आवाजाही करने में भय बना हुआ हैं। लोगों का कहना है कि सड़कें सफर को सुगम बनाने के लिए चौड़ी की गई थीं लेकिन आबादी क्षेत्र में भी मनमानी और बेतरतीब तरीके से दौड़ते वाहन हादसे को न्योता दे रहे हैं। यदि पुलिस और परिवहन विभाग ने तुरंत अपनी कार्यप्रणाली नहीं सुधारी तो लोगों को सड़क पर उतरना पड़ेगा। बीती दो जुलाई की रात गोरापड़ाव में हाइवे पर रांग साइड से आ रहे ट्रक ने दो दोस्तों को कुचल दिया था, इसमें लालकुआं निवासी सिद्धार्थ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अयान ने अस्पताल में दम तोड़ा। बीती 11 जुलाई की रात तीनपानी फ्लाइओवर में हुए भीषण सड़क हादसे में स्कार्पियो की टक्कर से गोरापड़ाव और हाथीखाल क्षेत्र के चार दोस्त अंशू आर्या, राहुल, शिवम और आदित्य की मौत हो गई थी। इसके तीन दिन बाद ही हल्द्वानी-लालकुआं मार्ग पर दो ट्रेलरों की भिड़ंत हो गई। हादसे में सहारनपुर निवासी चालक धीरज सिंह की मौत हो गई थी। इसके तीन दिन अब पूर्व सैनिक को कुचल दिया गया।
सड़क हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को लगातार पेट्रोलिंग करने को कहा गया है। ट्रैफिक पुलिस को यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। -मनोज कत्याल, एसपी सिटी
बरेली रोड हाईवे के डिजाइन के संबंध में चर्चा हुई है। बढ़ते हादसे चिंता का विषय हैं। शहर में खनन के बावजूद अप्रैल, मई और जून तक सड़क हादसे कम हुए लेकिन जुलाई में इनकी संख्या बढ़ रही है। इनकी रोकथाम के लिए एआरटीओ और परिवहन अधिकारियों को रोजाना हाईवे पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। -अरविंद पांडे, आरटीओ प्रवर्तन, हल्द्वानी