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Nainital News: सचिव ने एशिया की सबसे बड़ी दूरबीन का अवलोकन किया
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नैनीताल। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. अभय करंदीकर ने रविवार को नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एरीज के देवस्थल परिसर में स्थापित एशिया की सबसे बड़ी 3.6 मीटर देवस्थल ऑप्टिकल दूरबीन का अवलोकन किया और वहां चल रहे शोध कार्यों की जानकारी ली।
प्रो. करंदीकर ने रविवार को मनोरा पीक स्थित संस्थान के परिसर का भी दौरा किया। उन्होंने वहां चल रहे खगोलीय अनुसंधान और वैज्ञानिक परियोजनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने वेधशाला में हो रहे अवलोकनात्मक खगोल विज्ञान के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में ऐसी विश्वस्तरीय सुविधाएं वैज्ञानिक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने युवा शोधकर्ताओं से बातचीत कर उन्हें नवाचार के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ऐतिहासिक संपूर्णानंद दूरबीन के 53 वर्ष पूरे होने और इसके सफल संचालन की भी सराहना की।
प्रमुख दूरबीनों का निरीक्षण और बैठक
प्रो. करंदीकर ने इंटरनेशनल लिक्विड मिरर दूरबीन और 1.3 मीटर दूरबीन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने इन दूरबीनों के माध्यम से चल रहे विभिन्न खगोलीय अनुसंधानों की जानकारी दी। 3.6 मीटर दूरबीन के प्रभारी डॉ. सौरभ ने वैज्ञानिक कार्यों का संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिया। एरीज के निदेशक डॉ. मनीष नजा ने सचिव के साथ विस्तृत बैठक की और संस्थान की उपलब्धियों से अवगत कराया। इस दौरान रजिस्ट्रार मोहित जोशी आदि रहे।
प्रो. करंदीकर ने रविवार को मनोरा पीक स्थित संस्थान के परिसर का भी दौरा किया। उन्होंने वहां चल रहे खगोलीय अनुसंधान और वैज्ञानिक परियोजनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने वेधशाला में हो रहे अवलोकनात्मक खगोल विज्ञान के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में ऐसी विश्वस्तरीय सुविधाएं वैज्ञानिक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने युवा शोधकर्ताओं से बातचीत कर उन्हें नवाचार के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ऐतिहासिक संपूर्णानंद दूरबीन के 53 वर्ष पूरे होने और इसके सफल संचालन की भी सराहना की।
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प्रमुख दूरबीनों का निरीक्षण और बैठक
प्रो. करंदीकर ने इंटरनेशनल लिक्विड मिरर दूरबीन और 1.3 मीटर दूरबीन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने इन दूरबीनों के माध्यम से चल रहे विभिन्न खगोलीय अनुसंधानों की जानकारी दी। 3.6 मीटर दूरबीन के प्रभारी डॉ. सौरभ ने वैज्ञानिक कार्यों का संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिया। एरीज के निदेशक डॉ. मनीष नजा ने सचिव के साथ विस्तृत बैठक की और संस्थान की उपलब्धियों से अवगत कराया। इस दौरान रजिस्ट्रार मोहित जोशी आदि रहे।