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Uttarakhand: दस दिन पहले ही बनी थी ई-मेल आईडी, 125 से ज्यादा लोगों को भेजे हैं मैसेज

माई सिटी रिपोर्टर Published by: गायत्री जोशी Updated Thu, 19 Feb 2026 10:14 AM IST
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सार

नैनीताल के जिला जज की आधिकारिक ई-मेल पर बम धमकी मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं।  नैनीताल ही नहीं इस आईडी के जरिये 125 से ज्यादा जगहों पर ई-मेल की गई है।

The email ID was created only ten days ago and messages have been sent to more than 125 people
सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार

 नैनीताल के जिला जज की ऑफिशियल ई-मेल आईडी पर बम धमाके की धमकी देने के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जिस आईडी से यह धमकी दी गई वह दस दिन पहले ही बनाई गई थी। नैनीताल ही नहीं इस आईडी के जरिये 125 से ज्यादा जगहों पर ई-मेल की गई है। जांच टीमें ई-मेल आईडी की और जानकारी लेने की कोशिश में जुटी है।

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तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण रोकने की बात कहते हुए एलटीटीई और पाकिस्तान आईएसआई का नाम लिखते हुए सुनैया दासन नाम की आईडी से धमकी वाली ई-मेल दो दिन लगातार भेजी गई। 17 फरवरी को नैनीताल व उत्तरकाशी जबकि अगले दिन कई अन्य जिलों में ई-मेल भेजी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साइबर सेल ने जांच तेज की है। इस प्रकरण में एसटीएफ से भी तकनीकी मदद मांगी गई है। जिन-जिन जगहों पर ये ई-मेल भेजे गए हैं वहां की पुलिस से भी नैनीताल पुलिस संपर्क कर जानकारी जुटा रही है।

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जांच टीमों की माने तो यह ई-मेल आईडी संदिग्ध है। इसके इनबॉक्स, सेंट व आउटबाॅक्स के खुलने के बाद ही और तथ्य मिल सकते हैं। अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि इसी ई-मेल के जरिये 125 से ज्यादा जगहों पर यही संदेश प्रेषित हुए हैं।

 

ऐसे शुरू हुई जांच

जांच एजेंसी ने जानकारी के लिए माइक्रोसॉफ्ट को ई-मेल भेजा है। यहां से आईपी एड्रेस मिलेगा। इसके बाद वीपीएन की जानकारी मिलेगी। यह डोमेन प्राइवेट है या पब्लिक यह तथ्य भी जांच की दिशा तय करेगा। फिर वीपीएन के सहारे मिले फोन नंबर के जरिये उस डिवाइस का पता चलेगा जिसके माध्यम से ई-मेल भेजा गया है। हालांकि इस जांच प्रक्रिया के पूरे होने में लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

 

ई-मेल भेजने वाले का पता लगाने में एजेंसी जुटी हुई है। एसटीएफ से भी मदद मांगी गई है। इसके अलावा जिन-जिन जगहों पर मेल भेजा गया है वहां की पुलिस से भी सामंजस्य बनाकर चल रहे हैं। यह लंबी प्रक्रिया है। ऐसे में जांच पूरा होने थोड़ा समय लग सकता है। - मनोज कुमार कत्याल, एसपी सिटी

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