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Nainital News: दो गुटों में बंटी पालिका बोर्ड बैठक में घमासान
Sun, 19 Jul 2026 01:38 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sun, 19 Jul 2026 01:38 AM IST
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नैनीताल। नगर पालिका बोर्ड की बहुप्रतीक्षित बैठक में शनिवार को पालिकाध्यक्ष की मौजूदगी में सभासदों, अधिशासी अधिकारी के बीच घमासान छिड़ गया। गहमागहमी के बीच बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई। चर्चित लेक ब्रिज चुंगी ठेके को लेकर पालिका सभागार में हुई बैठक शुरुआत में ही बोर्ड के दो धड़ों में बंटी नजर आई। लेक ब्रिज ठेका होने के पक्ष में पालिकाध्यक्ष के साथ छह सभासद नजर आए जबकि आठ सभासद दूसरे पक्ष के साथ नजर आए। बैठक में सवालों का संतोषजनक उत्तर न मिलने पर नाराज सभासद अपनी कुर्सियों से उठकर डाइस के पास जमीन पर बैठ गए और नारेबाजी की।
दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई बोर्ड बैठक की शुरूआत में ही सभासद मुकेश जोशी ने वार्ड में धनराशि आवंटन पर पालिकाध्यक्ष की शक्तियों पर सवाल किया और ईओ के जवाब से असंतुष्ट होने पर वह वहां से चले गए। सभासद जीतेंद्र पांडे ने बोर्ड की अनुमति बगैर लेक ब्रिज ठेका, निविदा शर्तों में दोपहिया शुल्क को शामिल करने, शर्तों में बदलाव पर सवाल किया। अंकित चंद्रा ने सभासदों को चार-चार सफाई कर्मी न देने पर सवाल किया तो रमेश प्रसाद ने रिकार्ड लिपिक पर उन्हें रिकॉर्ड रूम से जानकारी न देने और संबंधित से एक हजार रुपये लेकर जानकारी देने की बात रखी। पालिकाध्यक्ष ने शर्तों को बदलने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।
इधर, जीतेंद्र पांडे, सुरेंद्र कुमार आदि के अधिकारियों पर अनदेखी के आरोप व अन्य दोषारोपण पर ईओ रोहिताश शर्मा भड़क गए। उन्होंने सभासदों पर आरोप लगाया कि यहां के सभासद स्वयं दलाली कर रहे हैं। कभी आरटीआई तो कभी अन्य मौके पर निजी जुगाड़ में जुट जाते हैं। कहा कि दशकों की सेवा में उन्होंने ऐसा बोर्ड कभी नहीं देखा। इसी हो-हल्ले के बीच पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने बोर्ड बैठक समाप्ति की घोषणा कर दी।
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ये रहे मौजूद
- बैठक में पालिकाध्यक्ष के साथ सपना बिष्ट, शीतल कटियार, लता दफौटी, गीता उप्रेती, पूरन सिंह बिष्ट, मनोज जगाती रहे। दूसरे पक्ष में जीतेंद्र पांडे, रमेश प्रसाद, अंकित चंद्रा, भगवत रावत, काजल आर्या, गजाला कमाल, सुरेंद्र कुमार, राकेश पवार रहे।
ये उठे प्रमुख मुद्दे
- लेक ब्रिज निविदा, नंदा देवी मेला, डीएसए पार्किंग समेत अन्य निविदाओं की जांच हो।
- 1.66 करोड़ के कूड़ेदान खरीद की जांच हो।
पालिका पर यह लगे आरोप
- पालिका ने 20 लीटर का कूड़ादान 1400 रुपये का खरीदा है जबकि 33 लीटर की कीमत 974 रुपये
- बोर्ड की अनुमति के बिना खरीदी तिरंगा लाइट कैसे लगी। वार्ड में लाइट क्यों नहीं लगी?
- स्थानीय के लिए निशुल्क आरक्षित अंडा मार्केट में पार्किंग का ठेका क्यों हुआ?
हंगामे की भेंट चढ़ी बोर्ड बैठक
नैनीताल। नगर पालिका की बोर्ड बैठक में शनिवार को एक काला अध्याय जुड़ गया है। शुरू से अंत तक हंगामे, नोकझोंक के बीच हुई बैठक का समापन तू-तू मैं-मैं के साथ हुआ। बैठक बेनतीजा रहने, सभासदों के दो गुट में बंटने, बयानबाजी और ईओ समेत अधिकारियों की ओर से इस पालिका में कार्य करने से तौबा के बाद भविष्य की बोर्ड बैठक संचालन पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। बीती बोर्ड बैठक में भी घमासान हुआ था। कई बार हुए टकराव, मतभेद आदि के बाद पालिका की बोर्ड बैठक शहर से दूर पंगोट में की गई थी। अब लेक ब्रिज चुंगी को लेकर हुए विवाद के बाद पुराने ठेके, पालिका की खरीद की सीबीआई जांच समेत हाईकोर्ट जाने की धमकी मिली है।
सदस्यों के हस्ताक्षर, कोरम पूरा नहीं
नैनीताल। शनिवार को हुई बोर्ड बैठक में सभासद मांगों को मिनट्स में दर्ज करने की बात कहते देखे गए जबकि अधिकतर सभासदों ने बैठक से पहले रजिस्टर में दस्तखत तक नहीं किए। प्रशासनिक अधिकारी सुनील खोलिया समेत अन्य का कहना है कि जब बैठक में पांच सदस्यों ने ही हस्ताक्षर किए ऐसे में बैठक का कोरम पूरा न होने के कारण भी इस पर सवाल हैं।
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दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई बोर्ड बैठक की शुरूआत में ही सभासद मुकेश जोशी ने वार्ड में धनराशि आवंटन पर पालिकाध्यक्ष की शक्तियों पर सवाल किया और ईओ के जवाब से असंतुष्ट होने पर वह वहां से चले गए। सभासद जीतेंद्र पांडे ने बोर्ड की अनुमति बगैर लेक ब्रिज ठेका, निविदा शर्तों में दोपहिया शुल्क को शामिल करने, शर्तों में बदलाव पर सवाल किया। अंकित चंद्रा ने सभासदों को चार-चार सफाई कर्मी न देने पर सवाल किया तो रमेश प्रसाद ने रिकार्ड लिपिक पर उन्हें रिकॉर्ड रूम से जानकारी न देने और संबंधित से एक हजार रुपये लेकर जानकारी देने की बात रखी। पालिकाध्यक्ष ने शर्तों को बदलने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।
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इधर, जीतेंद्र पांडे, सुरेंद्र कुमार आदि के अधिकारियों पर अनदेखी के आरोप व अन्य दोषारोपण पर ईओ रोहिताश शर्मा भड़क गए। उन्होंने सभासदों पर आरोप लगाया कि यहां के सभासद स्वयं दलाली कर रहे हैं। कभी आरटीआई तो कभी अन्य मौके पर निजी जुगाड़ में जुट जाते हैं। कहा कि दशकों की सेवा में उन्होंने ऐसा बोर्ड कभी नहीं देखा। इसी हो-हल्ले के बीच पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल ने बोर्ड बैठक समाप्ति की घोषणा कर दी।
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ये रहे मौजूद
- बैठक में पालिकाध्यक्ष के साथ सपना बिष्ट, शीतल कटियार, लता दफौटी, गीता उप्रेती, पूरन सिंह बिष्ट, मनोज जगाती रहे। दूसरे पक्ष में जीतेंद्र पांडे, रमेश प्रसाद, अंकित चंद्रा, भगवत रावत, काजल आर्या, गजाला कमाल, सुरेंद्र कुमार, राकेश पवार रहे।
ये उठे प्रमुख मुद्दे
- लेक ब्रिज निविदा, नंदा देवी मेला, डीएसए पार्किंग समेत अन्य निविदाओं की जांच हो।
- 1.66 करोड़ के कूड़ेदान खरीद की जांच हो।
पालिका पर यह लगे आरोप
- पालिका ने 20 लीटर का कूड़ादान 1400 रुपये का खरीदा है जबकि 33 लीटर की कीमत 974 रुपये
- बोर्ड की अनुमति के बिना खरीदी तिरंगा लाइट कैसे लगी। वार्ड में लाइट क्यों नहीं लगी?
- स्थानीय के लिए निशुल्क आरक्षित अंडा मार्केट में पार्किंग का ठेका क्यों हुआ?
हंगामे की भेंट चढ़ी बोर्ड बैठक
नैनीताल। नगर पालिका की बोर्ड बैठक में शनिवार को एक काला अध्याय जुड़ गया है। शुरू से अंत तक हंगामे, नोकझोंक के बीच हुई बैठक का समापन तू-तू मैं-मैं के साथ हुआ। बैठक बेनतीजा रहने, सभासदों के दो गुट में बंटने, बयानबाजी और ईओ समेत अधिकारियों की ओर से इस पालिका में कार्य करने से तौबा के बाद भविष्य की बोर्ड बैठक संचालन पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। बीती बोर्ड बैठक में भी घमासान हुआ था। कई बार हुए टकराव, मतभेद आदि के बाद पालिका की बोर्ड बैठक शहर से दूर पंगोट में की गई थी। अब लेक ब्रिज चुंगी को लेकर हुए विवाद के बाद पुराने ठेके, पालिका की खरीद की सीबीआई जांच समेत हाईकोर्ट जाने की धमकी मिली है।
सदस्यों के हस्ताक्षर, कोरम पूरा नहीं
नैनीताल। शनिवार को हुई बोर्ड बैठक में सभासद मांगों को मिनट्स में दर्ज करने की बात कहते देखे गए जबकि अधिकतर सभासदों ने बैठक से पहले रजिस्टर में दस्तखत तक नहीं किए। प्रशासनिक अधिकारी सुनील खोलिया समेत अन्य का कहना है कि जब बैठक में पांच सदस्यों ने ही हस्ताक्षर किए ऐसे में बैठक का कोरम पूरा न होने के कारण भी इस पर सवाल हैं।