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Nainital News: खिलाड़ियों की परीक्षा ले रहा स्टेडियम में जलभराव और टपकती छत
Mon, 06 Jul 2026 01:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 06 Jul 2026 01:12 AM IST
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हल्द्वानी। बारिश का मौसम हल्द्वानी स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के लिए चुनौती बना है। यहां कई जगह पानी भर गया है। बैडमिंटन हॉल के मुख्य गेट के ऊपर छत भी टपक रही है। ऐसे में सुबह-शाम अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्टेडियम में जलभराव से खिलाड़ियों को अभ्यास में बाधा आ रहा है। खिलाड़ियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि घास उखड़ने से पानी जमा हो रहा है। दौड़ते समय पैर फिसलने से चोट लगने की आशंका बनी रहती है। मुख्य मैदान के चारों ओर बने दौड़ ट्रैक पर सबसे अधिक दिक्कत है। यहां गड्ढों में पानी भरा है।
एथलेटिक्स के खिलाड़ियों को मुख्य मैदान में अभ्यास की अनुमति नहीं है। उन्हें कीचड़ भरे सीमित स्थान पर प्रशिक्षण लेना पड़ रहा है। बैडमिंटन हॉल के मुख्य गेट पर भी छत टपक रही है। खेल विभाग ने स्थायी समाधान के बजाय टपकती छत के नीचे एक कूड़ेदान रख दिया है। स्टेडियम में अभ्यास को आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्राथमिक उपचार की सुविधा नहीं है।
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खिलाड़ियों की परेशानी को देखते हुए मैदान और बैडमिंटन हॉल को सही कराया जाएगा। खिलाड़ियों के फर्स्ट एड के लिए बेस अस्पताल प्रबंधन से वार्ता की गई। चोटिल होने पर उन्हें कोच और कर्मचारी चिकित्सालय ले जाते हैं। -डॉ. निर्मला पंत, जिला क्रीड़ा अधिकारी
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स्टेडियम में जलभराव से खिलाड़ियों को अभ्यास में बाधा आ रहा है। खिलाड़ियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि घास उखड़ने से पानी जमा हो रहा है। दौड़ते समय पैर फिसलने से चोट लगने की आशंका बनी रहती है। मुख्य मैदान के चारों ओर बने दौड़ ट्रैक पर सबसे अधिक दिक्कत है। यहां गड्ढों में पानी भरा है।
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एथलेटिक्स के खिलाड़ियों को मुख्य मैदान में अभ्यास की अनुमति नहीं है। उन्हें कीचड़ भरे सीमित स्थान पर प्रशिक्षण लेना पड़ रहा है। बैडमिंटन हॉल के मुख्य गेट पर भी छत टपक रही है। खेल विभाग ने स्थायी समाधान के बजाय टपकती छत के नीचे एक कूड़ेदान रख दिया है। स्टेडियम में अभ्यास को आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्राथमिक उपचार की सुविधा नहीं है।
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खिलाड़ियों की परेशानी को देखते हुए मैदान और बैडमिंटन हॉल को सही कराया जाएगा। खिलाड़ियों के फर्स्ट एड के लिए बेस अस्पताल प्रबंधन से वार्ता की गई। चोटिल होने पर उन्हें कोच और कर्मचारी चिकित्सालय ले जाते हैं। -डॉ. निर्मला पंत, जिला क्रीड़ा अधिकारी