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Pauri News: 80 टीमों की तैनाती, 1.30 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Mon, 02 Feb 2026 04:54 PM IST
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पौड़ी। जनपद पौड़ी में पशुपालन विभाग ने लंपी रोग की रोकथाम के लिए पशुओं का टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। जिले में कुल एक लाख 63 हजार पशुओं के सापेक्ष विभाग ने 1 लाख 30 हजार पशुओं के टीकाकरण का निर्धारित किया है।
साथ ही टीकाकरण के लिए विभाग ने 80 टीमें गठित की हैं जो घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं। यह अभियान जनपद के 15 विकासखंडों की 1166 ग्राम पंचायतों और 7 नगरीय निकाय क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि लंपी रोग गाय और भैंसों में होने वाली एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो कैप्रिपॉक्स वायरस के कारण फैलती है। यह बीमारी मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और जूं जैसे खून चूसने वाले कीटों के माध्यम से फैलती है।
उन्होंने बताया कि लंपी रोग से प्रभावित पशुओं में त्वचा पर गांठें, तेज बुखार, दूध उत्पादन में कमी, आंख-नाक से पानी आना, लार टपकना, पैरों में सूजन और लसीका ग्रंथियों में सूजन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। सीवीओ डॉ. शर्मा ने बताया कि बीते वर्ष जिले में लंपी रोग का प्रकोप तेजी से फैला था, हालांकि समय पर किए गए टीकाकरण से बीमारी की रोकथाम में मदद मिली। इसी को देखते हुए इस वर्ष विभाग ने पहले से ही जागरूकता अभियान के साथ टीकाकरण शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि गाभिन (गर्भवती), छह माह से कम उम्र और बीमार पशुओं का टीकाकरण नहीं किया जाएगा। टीकाकरण अभियान को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजेश
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साथ ही टीकाकरण के लिए विभाग ने 80 टीमें गठित की हैं जो घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं। यह अभियान जनपद के 15 विकासखंडों की 1166 ग्राम पंचायतों और 7 नगरीय निकाय क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि लंपी रोग गाय और भैंसों में होने वाली एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो कैप्रिपॉक्स वायरस के कारण फैलती है। यह बीमारी मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और जूं जैसे खून चूसने वाले कीटों के माध्यम से फैलती है।
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उन्होंने बताया कि लंपी रोग से प्रभावित पशुओं में त्वचा पर गांठें, तेज बुखार, दूध उत्पादन में कमी, आंख-नाक से पानी आना, लार टपकना, पैरों में सूजन और लसीका ग्रंथियों में सूजन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। सीवीओ डॉ. शर्मा ने बताया कि बीते वर्ष जिले में लंपी रोग का प्रकोप तेजी से फैला था, हालांकि समय पर किए गए टीकाकरण से बीमारी की रोकथाम में मदद मिली। इसी को देखते हुए इस वर्ष विभाग ने पहले से ही जागरूकता अभियान के साथ टीकाकरण शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि गाभिन (गर्भवती), छह माह से कम उम्र और बीमार पशुओं का टीकाकरण नहीं किया जाएगा। टीकाकरण अभियान को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजेश