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Pauri News: पौड़ी में वनाग्नि को लेकर प्रशासन बेपरवाह, एक भी समीक्षा बैठक नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 03 Feb 2026 05:28 PM IST
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पौड़ी। जनपद में फायर सीजन शुरू होने में केवल 12 दिन बचे हैं लेकिन वनाग्नि सुरक्षा के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन के बीच अब तक एक भी समन्वय बैठक न होना प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है। यह लापरवाही आने वाले समय में बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।
जनपद विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला क्षेत्र है और वनाग्नि की दृष्टि से यह जिला हमेशा से संवेदनशील रहा है। यहां गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी, सिविल एवं सोयम वन प्रभाग पौड़ी, वन प्रभाग लैंसडौन, सिविल एवं सोयम वन प्रभाग लैंसडौन व भूमि संरक्षण प्रभाग रामनगर कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त कालागढ़ टाइगर रिजर्व और राजाजी राष्ट्रीय उद्यान का कुछ हिस्सा भी जिले में आता है।
फायर सीजन के साथ-साथ गैर फायर सीजन में भी जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। वन विभाग मानव संसाधन, तकनीकी उपकरणों और जागरूकता अभियानों की बात तो करता है लेकिन इसके बावजूद हर साल करोड़ों रुपये की वन संपदा जलकर राख हो जाती है।
हर वर्ष 15 फरवरी से फायर सीजन की शुरुआत होती है और इससे पहले वनाग्नि सुरक्षा के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की जाती रही है। इस वर्ष अब तक ऐसी कोई बैठक नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। वहीं, गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ एवं नोडल अधिकारी महातिम यादव ने बताया कि जनपद वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील है और वन विभाग ने सभी स्तरों पर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। जिला प्रशासन से बैठक के लिए समय मांगा गया है और उम्मीद है कि शीघ्र ही बैठक आयोजित की जाएगी।
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जनपद विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला क्षेत्र है और वनाग्नि की दृष्टि से यह जिला हमेशा से संवेदनशील रहा है। यहां गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी, सिविल एवं सोयम वन प्रभाग पौड़ी, वन प्रभाग लैंसडौन, सिविल एवं सोयम वन प्रभाग लैंसडौन व भूमि संरक्षण प्रभाग रामनगर कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त कालागढ़ टाइगर रिजर्व और राजाजी राष्ट्रीय उद्यान का कुछ हिस्सा भी जिले में आता है।
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फायर सीजन के साथ-साथ गैर फायर सीजन में भी जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। वन विभाग मानव संसाधन, तकनीकी उपकरणों और जागरूकता अभियानों की बात तो करता है लेकिन इसके बावजूद हर साल करोड़ों रुपये की वन संपदा जलकर राख हो जाती है।
हर वर्ष 15 फरवरी से फायर सीजन की शुरुआत होती है और इससे पहले वनाग्नि सुरक्षा के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की जाती रही है। इस वर्ष अब तक ऐसी कोई बैठक नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। वहीं, गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ एवं नोडल अधिकारी महातिम यादव ने बताया कि जनपद वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील है और वन विभाग ने सभी स्तरों पर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। जिला प्रशासन से बैठक के लिए समय मांगा गया है और उम्मीद है कि शीघ्र ही बैठक आयोजित की जाएगी।