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Pauri News: कोट ब्लॉक में भारत गैस आपूर्ति ठप, डेढ़ माह से ग्रामीण परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sun, 03 May 2026 07:23 PM IST
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पौड़ी। विकासखंड कोट क्षेत्र में भारत गैस की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ग्रामीणों का कहना है कि 24 मार्च के बाद से अब तक गैस डिलीवरी वाहन ब्लॉक क्षेत्र में नहीं पहुंचा है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गैस वाहन न आने के कारण रोजाना 25 से 30 उपभोक्ता जिला मुख्यालय स्थित भारत गैस कार्यालय पहुंच रहे हैं। गांवों से महिलाएं निजी वाहनों के जरिए सिलिंडर लेकर मुख्यालय आती हैं, जहां उन्हें दो से तीन घंटे तक लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। इसके बावजूद कई बार सत्यापन या बुकिंग संबंधी समस्याओं का हवाला देकर उपभोक्ताओं को बिना सिलिंडर दिए ही वापस भेज दिया जाता है।
इस दौरान गांव लौटने वाले वाहन छूट जाने से कई लोगों को मुख्यालय में ही रिश्तेदारों के यहां रुकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिला पंचायत कठुड़ आराधना देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य अजय कुमार व सामाजिक कार्यकर्ता तामेश्वर आर्य ने बताया कि गैस आपूर्ति बाधित होने से लोग फिर से लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने को विवश हैं।
गैस न मिलने से महिलाओं को लकड़ी के लिए जंगलों का रुख करना पड़ रहा है। ऐसे में जंगली जानवरों, खासकर गुलदार के हमलों का खतरा भी बना हुआ है। बुजुर्गों और महिलाओं को इस स्थिति में सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि गैस एजेंसी कार्यालय से हर बार अगले मंगलवार का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द नियमित आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
- कोट ब्लाॅक क्षेत्र में करीब तीन सप्ताह पहले संबंधित एजेंसी द्वारा क्षेत्र में सिलिंडर वितरण किया गया था। अब बुधवार को फिर से डिलीवरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन दिनों शादी के सीजन के चलते डिलीवरी का रोस्टर प्रभावित हुआ है, जिससे यह समस्या उत्पन्न हुई है।
- शैलेंद्र बडोला, पूर्ति निरीक्षक, पौड़ी।
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गैस वाहन न आने के कारण रोजाना 25 से 30 उपभोक्ता जिला मुख्यालय स्थित भारत गैस कार्यालय पहुंच रहे हैं। गांवों से महिलाएं निजी वाहनों के जरिए सिलिंडर लेकर मुख्यालय आती हैं, जहां उन्हें दो से तीन घंटे तक लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। इसके बावजूद कई बार सत्यापन या बुकिंग संबंधी समस्याओं का हवाला देकर उपभोक्ताओं को बिना सिलिंडर दिए ही वापस भेज दिया जाता है।
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इस दौरान गांव लौटने वाले वाहन छूट जाने से कई लोगों को मुख्यालय में ही रिश्तेदारों के यहां रुकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिला पंचायत कठुड़ आराधना देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य अजय कुमार व सामाजिक कार्यकर्ता तामेश्वर आर्य ने बताया कि गैस आपूर्ति बाधित होने से लोग फिर से लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने को विवश हैं।
गैस न मिलने से महिलाओं को लकड़ी के लिए जंगलों का रुख करना पड़ रहा है। ऐसे में जंगली जानवरों, खासकर गुलदार के हमलों का खतरा भी बना हुआ है। बुजुर्गों और महिलाओं को इस स्थिति में सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि गैस एजेंसी कार्यालय से हर बार अगले मंगलवार का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द नियमित आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
- कोट ब्लाॅक क्षेत्र में करीब तीन सप्ताह पहले संबंधित एजेंसी द्वारा क्षेत्र में सिलिंडर वितरण किया गया था। अब बुधवार को फिर से डिलीवरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन दिनों शादी के सीजन के चलते डिलीवरी का रोस्टर प्रभावित हुआ है, जिससे यह समस्या उत्पन्न हुई है।
- शैलेंद्र बडोला, पूर्ति निरीक्षक, पौड़ी।
