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Pauri News: कीर्तिनगर में जर्जर स्कूल भवनों से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sat, 02 May 2026 06:51 PM IST
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- चार विद्यालय निष्प्रोज्य घोषित, वैकल्पिक व्यवस्था में बच्चों की पढ़ाई पर असर
कीर्तिनगर। विकासखंड में जर्जर स्कूल भवनों के कारण शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। क्षेत्र के दो राजकीय जूनियर हाईस्कूल और दो प्राथमिक विद्यालयों के भवन खस्ताहाल होने पर उन्हें निष्प्रोज्य घोषित कर दिया गया है, जिसके चलते विद्यालयों का संचालन वैकल्पिक स्थानों पर किया जा रहा है।
राजकीय जूनियर हाईस्कूल कोटी धारी और देवगढ़ी के छात्रों को पास के प्राथमिक विद्यालयों में शिफ्ट किया गया है। इन भवनों में पहले से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होने के कारण जगह की कमी बनी हुई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार गर्मियों में अध्यापकों को खुले में कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं, जबकि बारिश के समय सीमित कमरों में सभी कक्षाएं संचालित करना मजबूरी बन जाता है।
वहीं प्राथमिक विद्यालय धौडंगी और जिवालाखाल के भवन भी जर्जर स्थिति में हैं। जिवालाखाल विद्यालय को फिलहाल रामलीला समिति भवन में संचालित किया जा रहा है, लेकिन मई में शुरू होने वाली रामलीला के चलते कक्षाओं के संचालन की नई समस्या खड़ी हो गई है।
खंड शिक्षाधिकारी कीर्तिनगर डॉ. यशवंत सिंह नेगी ने बताया कि गत वर्ष सभी जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत और नवनिर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन इन चार विद्यालयों को बजट नहीं मिल सका। अब दोबारा प्रस्ताव भेजा गया है और जल्द बजट स्वीकृत होने की उम्मीद है।
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कीर्तिनगर। विकासखंड में जर्जर स्कूल भवनों के कारण शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। क्षेत्र के दो राजकीय जूनियर हाईस्कूल और दो प्राथमिक विद्यालयों के भवन खस्ताहाल होने पर उन्हें निष्प्रोज्य घोषित कर दिया गया है, जिसके चलते विद्यालयों का संचालन वैकल्पिक स्थानों पर किया जा रहा है।
राजकीय जूनियर हाईस्कूल कोटी धारी और देवगढ़ी के छात्रों को पास के प्राथमिक विद्यालयों में शिफ्ट किया गया है। इन भवनों में पहले से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होने के कारण जगह की कमी बनी हुई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार गर्मियों में अध्यापकों को खुले में कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं, जबकि बारिश के समय सीमित कमरों में सभी कक्षाएं संचालित करना मजबूरी बन जाता है।
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वहीं प्राथमिक विद्यालय धौडंगी और जिवालाखाल के भवन भी जर्जर स्थिति में हैं। जिवालाखाल विद्यालय को फिलहाल रामलीला समिति भवन में संचालित किया जा रहा है, लेकिन मई में शुरू होने वाली रामलीला के चलते कक्षाओं के संचालन की नई समस्या खड़ी हो गई है।
खंड शिक्षाधिकारी कीर्तिनगर डॉ. यशवंत सिंह नेगी ने बताया कि गत वर्ष सभी जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत और नवनिर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन इन चार विद्यालयों को बजट नहीं मिल सका। अब दोबारा प्रस्ताव भेजा गया है और जल्द बजट स्वीकृत होने की उम्मीद है।
