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Pauri News: पीएचडी प्रवेश परीक्षा की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित
Tue, 14 Jul 2026 07:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 14 Jul 2026 07:40 PM IST
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चौरास परिसर में कुलपति से पीएचडी प्रवेश परीक्षा प्रकरण को लेकर वार्ता करते छात्र नेता---जागरूक
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छात्र नेताओं ने 12 जुलाई को पीएचडी प्रवेश परीक्षा पर उठाए थे सवाल
विवि ने कहा: परीक्षा पूरी पारदर्शिता व नियमों के साथ संपन्न हुई
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। 12 जुलाई को पीएचडी प्रवेश परीक्षा में उठे अनियमितता के आरोप के मामले में मंगलवार को एचएनबी गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में विवि के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों पर चर्चा हुई। कुलपति ने इस प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन करने की संस्तुति दी। इस पर कुलसचिव ने कमेटी के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। विवि का कहना है कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा पूरी पारदर्शिता व नियमों के साथ संपन्न हुई है।
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि चौरास परिसर स्थित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के दौरान कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हुई। वैकल्पिक व्यवस्थाओं के बाद भी परीक्षा संचालन पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। इसी दौरान लगभग दोपहर 12.30 बजे एक अभ्यर्थी ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए परीक्षा कक्ष छोड़ने की अनुमति का अनुरोध किया। केंद्र व्यवस्थापक की ओर से नियमानुसार संबंधित अभ्यर्थी की प्रश्न-पुस्तिका एवं ओएमआर उत्तर-पत्रक परीक्षा केंद्र में जमा कराकर उसे परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति प्रदान की गई। कुछ समय बाद उक्त अभ्यर्थी ने पुनः परीक्षा कक्ष में प्रवेश कर परीक्षा में श्हामिल ने का अनुरोध किया। परीक्षा नियमावली के अनुसार उसे अनुमति प्रदान नहीं की गई। पुनः प्रवेश की अनुमति न मिलने पर संबंधित अभ्यर्थी ने परीक्षा केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया। इसी के बाद यह विवाद उपजा जिसको विवि ने गंभीरता से लिया। इस मामले में गठित कमेटी एक-दो दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कुलसचिव प्रो. वाईपी रैवानी, पीएचडी प्रवेश परीक्षा के समन्वयक डॉ. प्रीतम सिंह नेगी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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एक ही बिल्डिंग में गुल हुई बिजली
चौरास परिसर स्थित जिस भवन में पीएचडी प्रवेश परीक्षा चल रही थी परीक्षा के दौरान उसी भवन की बिजली गुल होने की बात उजागर हुई है। इस मामले में सहायक अभियंता विद्युत ने अपनी रिपोर्ट विवि को दी है। उन्होंने किसी अवांछित तत्वों की ओर से इस घटनाक्रम को अंजाम देने की आशंका जताई। कुलसचिव प्रो. रैवानी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस की ओर से केंद्र व्यवस्थापक व पर्यवेक्षक के फोन सील किए जाने पर भी विवि के सभी अधिकारियों व शिक्षकों ने बैठक में आपत्ति जताई।
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छात्रों ने विवि की कार्रवाई पर जताया अंसतोष
श्रीनगर। विवि की पीएचडी प्रवेश परीक्षा व नियुक्तियों की सीबीआई जांच की मांग कर रहे छात्र संघ पदाधिकारियों व अन्य छात्र नेताओं ने विवि के निर्णय पर असंतोष जताया। उन्होंने बैठक के बाद कुलपति से भी वार्ता की। उन्हें कुलपति के स्तर से बैठक में लिए गए निर्णय से अवगत कराया गया। छात्र नेताओं ने कहा कि विवि की इस कार्रवाई से वह संतुष्ट नहीं हैं, बुधवार को वह पत्रकार वार्ता कर आगे की रणनीति बनाएंगे। मौके पर छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट, महासचिव अनुरोध पुरोहित, पूर्व महासचिव देवकांत देवराड़ी, रामप्रकाश, गौरव मोहन नेगी, दीपक चौधरी, प्रदीप रावत आदि मौजूद रहे। संवाद
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विवि ने कहा: परीक्षा पूरी पारदर्शिता व नियमों के साथ संपन्न हुई
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। 12 जुलाई को पीएचडी प्रवेश परीक्षा में उठे अनियमितता के आरोप के मामले में मंगलवार को एचएनबी गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में विवि के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों पर चर्चा हुई। कुलपति ने इस प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन करने की संस्तुति दी। इस पर कुलसचिव ने कमेटी के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। विवि का कहना है कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा पूरी पारदर्शिता व नियमों के साथ संपन्न हुई है।
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि चौरास परिसर स्थित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के दौरान कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हुई। वैकल्पिक व्यवस्थाओं के बाद भी परीक्षा संचालन पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। इसी दौरान लगभग दोपहर 12.30 बजे एक अभ्यर्थी ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए परीक्षा कक्ष छोड़ने की अनुमति का अनुरोध किया। केंद्र व्यवस्थापक की ओर से नियमानुसार संबंधित अभ्यर्थी की प्रश्न-पुस्तिका एवं ओएमआर उत्तर-पत्रक परीक्षा केंद्र में जमा कराकर उसे परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति प्रदान की गई। कुछ समय बाद उक्त अभ्यर्थी ने पुनः परीक्षा कक्ष में प्रवेश कर परीक्षा में श्हामिल ने का अनुरोध किया। परीक्षा नियमावली के अनुसार उसे अनुमति प्रदान नहीं की गई। पुनः प्रवेश की अनुमति न मिलने पर संबंधित अभ्यर्थी ने परीक्षा केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया। इसी के बाद यह विवाद उपजा जिसको विवि ने गंभीरता से लिया। इस मामले में गठित कमेटी एक-दो दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कुलसचिव प्रो. वाईपी रैवानी, पीएचडी प्रवेश परीक्षा के समन्वयक डॉ. प्रीतम सिंह नेगी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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एक ही बिल्डिंग में गुल हुई बिजली
चौरास परिसर स्थित जिस भवन में पीएचडी प्रवेश परीक्षा चल रही थी परीक्षा के दौरान उसी भवन की बिजली गुल होने की बात उजागर हुई है। इस मामले में सहायक अभियंता विद्युत ने अपनी रिपोर्ट विवि को दी है। उन्होंने किसी अवांछित तत्वों की ओर से इस घटनाक्रम को अंजाम देने की आशंका जताई। कुलसचिव प्रो. रैवानी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस की ओर से केंद्र व्यवस्थापक व पर्यवेक्षक के फोन सील किए जाने पर भी विवि के सभी अधिकारियों व शिक्षकों ने बैठक में आपत्ति जताई।
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छात्रों ने विवि की कार्रवाई पर जताया अंसतोष
श्रीनगर। विवि की पीएचडी प्रवेश परीक्षा व नियुक्तियों की सीबीआई जांच की मांग कर रहे छात्र संघ पदाधिकारियों व अन्य छात्र नेताओं ने विवि के निर्णय पर असंतोष जताया। उन्होंने बैठक के बाद कुलपति से भी वार्ता की। उन्हें कुलपति के स्तर से बैठक में लिए गए निर्णय से अवगत कराया गया। छात्र नेताओं ने कहा कि विवि की इस कार्रवाई से वह संतुष्ट नहीं हैं, बुधवार को वह पत्रकार वार्ता कर आगे की रणनीति बनाएंगे। मौके पर छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट, महासचिव अनुरोध पुरोहित, पूर्व महासचिव देवकांत देवराड़ी, रामप्रकाश, गौरव मोहन नेगी, दीपक चौधरी, प्रदीप रावत आदि मौजूद रहे। संवाद