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Pauri News: वन संपदा बनीं हाईवे चौड़ीकरण में रोड़ा, तीन किमी पर काम रुका
Thu, 13 Aug 2026 06:12 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Thu, 13 Aug 2026 06:12 PM IST
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वन विभाग ने शासन को भेजा चौड़ीकरण रोकने का प्रस्ताव
पौड़ी। राष्ट्रीय राजमार्ग पौड़ी-कोटद्वार के चौड़ीकरण पर पौड़ी के बाहरी हिस्से में वन संपदा रोड़ा बन सकती है। गहड़ गांव की छतरी से बुआखाल के समीप गल्ला गोदाम तक करीब तीन किमी हिस्से में चौड़ीकरण का काम रुकने की आशंका है। सघन मिश्रित वन क्षेत्र होने के कारण वन विभाग ने इस हिस्से में चौड़ीकरण का कार्य फिलहाल रोक दिया है। साथ ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों और शासन को भेजी है।
वन विभाग के अनुसार गहड़ गांव से गल्ला गोदाम तक के करीब तीन किमी के हिस्से में बांज, बुरांश, देवदार, काफल समेत अन्य प्रजातियों के 2200 से अधिक पेड़-पौधे हैं। विभाग का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए कटिंग होने पर बड़ी संख्या में मिश्रित वन संपदा नष्ट होगी।
वर्तमान में कोटद्वार से पौड़ी और श्रीनगर तक हाईवे के चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में तीन किमी हिस्से में शासन से निर्णय आने तक काम प्रभावित रह सकता है। इससे हाईवे चौड़ीकरण की परियोजना की गति पर भी असर पड़ना तय है।
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- सर्वे में चिह्नित थे सिर्फ 250 पेड़
वन विभाग के मुताबिक 2017-18 में किए गए सर्वे में इस क्षेत्र में करीब 250 मिश्रित पेड़ चिह्नित किए गए थे। बाद के आकलन में यहां पेड़-पौधों की संख्या बढ़कर 2200 से अधिक पाई गई। वन विभाग ने इसी आधार पर क्षेत्र की वन संपदा को लेकर उच्चाधिकारियों और शासन को रिपोर्ट भेजी है।
- मई में उच्चाधिकारियों व शासन को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। अब शासन से मिलने वाले निर्देशों के बाद ही इस हिस्से में चौड़ीकरण के काम को आगे बढ़ाने को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल तीन किमी में हाईवे चौड़ीकरण का कार्य रोक दिया गया है। - आयशा बिष्ट, एसडीओ, गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी।
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पौड़ी। राष्ट्रीय राजमार्ग पौड़ी-कोटद्वार के चौड़ीकरण पर पौड़ी के बाहरी हिस्से में वन संपदा रोड़ा बन सकती है। गहड़ गांव की छतरी से बुआखाल के समीप गल्ला गोदाम तक करीब तीन किमी हिस्से में चौड़ीकरण का काम रुकने की आशंका है। सघन मिश्रित वन क्षेत्र होने के कारण वन विभाग ने इस हिस्से में चौड़ीकरण का कार्य फिलहाल रोक दिया है। साथ ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों और शासन को भेजी है।
वन विभाग के अनुसार गहड़ गांव से गल्ला गोदाम तक के करीब तीन किमी के हिस्से में बांज, बुरांश, देवदार, काफल समेत अन्य प्रजातियों के 2200 से अधिक पेड़-पौधे हैं। विभाग का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए कटिंग होने पर बड़ी संख्या में मिश्रित वन संपदा नष्ट होगी।
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वर्तमान में कोटद्वार से पौड़ी और श्रीनगर तक हाईवे के चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में तीन किमी हिस्से में शासन से निर्णय आने तक काम प्रभावित रह सकता है। इससे हाईवे चौड़ीकरण की परियोजना की गति पर भी असर पड़ना तय है।
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- सर्वे में चिह्नित थे सिर्फ 250 पेड़
वन विभाग के मुताबिक 2017-18 में किए गए सर्वे में इस क्षेत्र में करीब 250 मिश्रित पेड़ चिह्नित किए गए थे। बाद के आकलन में यहां पेड़-पौधों की संख्या बढ़कर 2200 से अधिक पाई गई। वन विभाग ने इसी आधार पर क्षेत्र की वन संपदा को लेकर उच्चाधिकारियों और शासन को रिपोर्ट भेजी है।
- मई में उच्चाधिकारियों व शासन को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। अब शासन से मिलने वाले निर्देशों के बाद ही इस हिस्से में चौड़ीकरण के काम को आगे बढ़ाने को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल तीन किमी में हाईवे चौड़ीकरण का कार्य रोक दिया गया है। - आयशा बिष्ट, एसडीओ, गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी।