{"_id":"6a7db37a601e8a78260fbb6d","slug":"the-responsibility-of-the-dialysis-unit-of-base-hospital-is-now-with-hans-foundation-shrinagar-news-c-53-1-sri1002-125263-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: बेस अस्पताल की डायलिसिस यूनिट की जिम्मेदारी अब हंस फाउंडेशन को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: बेस अस्पताल की डायलिसिस यूनिट की जिम्मेदारी अब हंस फाउंडेशन को
Thu, 13 Aug 2026 05:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Thu, 13 Aug 2026 05:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
अस्पताल प्रशासन और हंस फाउंडेशन में हुआ समझौता
सितंबर के प्रथम सप्ताह के बाद नई व्यवस्था से शुरू होगा संचालन
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस चिकित्सालय की डायलिसिस यूनिट का संचालन अब हंस फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन और हंस फाउंडेशन के बीच समझौता (एमओयू) हुआ है। सितंबर के प्रथम सप्ताह के बाद हंस फाउंडेशन डायलिसिस यूनिट का पूर्ण रूप से संचालन अपने अधीन शुरू कर देगा। यह एमओयू तीन वर्ष के लिए किया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद डायलिसिस मरीजों को पूर्व की भांति व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण और बेहतर सुविधाएं मिलती रहेगी।
बेस चिकित्सालय की डायलिसिस यूनिट में वर्तमान में कुल 10 बेड हैं। यहां विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले करीब 62 मरीज डायलिसिस कराते हैं। यूनिट में एक माह में लगभग 513 से अधिक डायलिसिस किए जाते हैं। एमओयू से पहले हंस फाउंडेशन की दो सदस्यीय टीम में शामिल हंस फाउंडेशन के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक अमर सिंह और सहायक कार्यक्रम प्रबंधक वरुना सिंह ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एएन पांडेय के साथ यूनिट का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डायलिसिस मशीनों के नियमित रखरखाव, कनजयूमेबल, तकनीकी जांच और समय-समय पर फिटनेस परीक्षण की जिम्मेदारी के साथ-साथ मानव शक्ति भी हंस फाउंडेशन निभाएगा। प्राचार्य डाॅ. सीएमएस रावत ने कहा कि डायलिसिस यूनिट के हंस फाउंडेशन के अधीन जाने के बाद मरीजों को मिलने वाली सुविधा के शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पात्र मरीजों को डायलिसिस की निःशुल्क सुविधा मिलती रहेगी। इस मौके पर डायलिसिस यूनिट के नर्सिंग इंचार्ज मोहर सिंह, नर्सिंग अधिकारी जितेंद्र सिंह, रेनूका, नीलम, नैन्सी, अनिता, नरेश भट्ट आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अस्पताल प्रशासन और हंस फाउंडेशन में हुआ समझौता
सितंबर के प्रथम सप्ताह के बाद नई व्यवस्था से शुरू होगा संचालन
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के बेस चिकित्सालय की डायलिसिस यूनिट का संचालन अब हंस फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन और हंस फाउंडेशन के बीच समझौता (एमओयू) हुआ है। सितंबर के प्रथम सप्ताह के बाद हंस फाउंडेशन डायलिसिस यूनिट का पूर्ण रूप से संचालन अपने अधीन शुरू कर देगा। यह एमओयू तीन वर्ष के लिए किया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद डायलिसिस मरीजों को पूर्व की भांति व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण और बेहतर सुविधाएं मिलती रहेगी।
बेस चिकित्सालय की डायलिसिस यूनिट में वर्तमान में कुल 10 बेड हैं। यहां विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले करीब 62 मरीज डायलिसिस कराते हैं। यूनिट में एक माह में लगभग 513 से अधिक डायलिसिस किए जाते हैं। एमओयू से पहले हंस फाउंडेशन की दो सदस्यीय टीम में शामिल हंस फाउंडेशन के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक अमर सिंह और सहायक कार्यक्रम प्रबंधक वरुना सिंह ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एएन पांडेय के साथ यूनिट का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डायलिसिस मशीनों के नियमित रखरखाव, कनजयूमेबल, तकनीकी जांच और समय-समय पर फिटनेस परीक्षण की जिम्मेदारी के साथ-साथ मानव शक्ति भी हंस फाउंडेशन निभाएगा। प्राचार्य डाॅ. सीएमएस रावत ने कहा कि डायलिसिस यूनिट के हंस फाउंडेशन के अधीन जाने के बाद मरीजों को मिलने वाली सुविधा के शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पात्र मरीजों को डायलिसिस की निःशुल्क सुविधा मिलती रहेगी। इस मौके पर डायलिसिस यूनिट के नर्सिंग इंचार्ज मोहर सिंह, नर्सिंग अधिकारी जितेंद्र सिंह, रेनूका, नीलम, नैन्सी, अनिता, नरेश भट्ट आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन