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Pauri News: मुआवजे के लिए रेल परियोजना प्रभावितों का तहसील में प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Fri, 24 Apr 2026 05:52 PM IST
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कहा-सुरंग निर्माण के दौरान कई मकानों में पड़ी दरारों का अभी तक नहीं मिला मुआवजा
दो सप्ताह में मुआवजा राशि देने, वंचित परिवारों को सूची में शामिल करने की उठाई मांग
कहा-मांग पूरी नहीं हुई तो करेंगे उग्र आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
कीर्तिनगर। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के निर्माण कार्यों से प्रभावित ग्रामीणों का शुक्रवार को मुआवजे में देरी को लेकर गुस्सा फूट पड़ा। प्रभावित ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। साथ ही शासन व प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने दो सप्ताह में मुआवजा राशि का भुगतान न किए जाने और वंचित परिवारों को सूची में शामिल न किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
शुक्रवार को कांग्रेस और उक्रांद के कार्यकर्ताओं के साथ ही परियोजना प्रभावित बड़ी संख्या में तहसील मुख्यालय कीर्तिनगर पहुंचे और प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लक्ष्मोली, मलेथा, घिल्डियालगांव, जाखणी, देवली, रानीहाट, नैथाणा आदि गांवों के प्रभावित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रेलवे परियोजना के सुरंग निर्माण के दौरान हुई ब्लास्टिंग से कई मकानों में दरारें आ गईं और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए लेकिन पिछले करीब दो वर्षों से मुआवजा नहीं मिल पाया है जबकि मुआवजे के लिए आरवीएनएल ने साढ़े 3 करोड़ रुपये अवमुक्त किए थे। ग्रामीणों ने कहा कि कई प्रभावित परिवार सर्वे से भी वंचित हैं। उन्होंने पुनः सर्वेक्षण, वास्तविक क्षति के अनुसार मुआवजा देने और सीएसआर फंड से प्रस्तावित विकास कार्यों को जल्द शुरू करने की मांग उठाई। इस मौके पर उपजिलाधिकारी मंजू राजपूत ने बताया कि विकासखंड में कुल 469 प्रभावित परिवार चिह्नित किए गए हैं। 398 प्रभावितों की मुआवजा संबंधी फाइलें अग्रिम कार्यवाही के लिए भेजी जा चुकी हैं। शेष 71 परिवारों की फाइलें प्राप्त होते ही एक सप्ताह में धनराशि आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। दूसरे चरण में शेष वंचित परिवारों का सर्वेक्षण कर उन्हें भी राहत दी जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी टिहरी को मांगों का ज्ञापन भेजा। इस मौके पर पूर्व प्रमुख विजयंत सिंह निजवाला, जिला पंचायत सदस्य उत्तम सिंह असवाल, महिपाल सिंह बुटोला, चिरंजीव पुंडीर, श्याम लाल आर्य, मोहनानंद डोभाल, रघुवीर भंडारी, निति राज, रामलाल नौटियाल, रश्मि रावत, प्रदीप गोदियाल, अचल नेगी, अरुण नेगी, रजनी मेवाड़ आदि मौजूद थे।
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दो सप्ताह में मुआवजा राशि देने, वंचित परिवारों को सूची में शामिल करने की उठाई मांग
कहा-मांग पूरी नहीं हुई तो करेंगे उग्र आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
कीर्तिनगर। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के निर्माण कार्यों से प्रभावित ग्रामीणों का शुक्रवार को मुआवजे में देरी को लेकर गुस्सा फूट पड़ा। प्रभावित ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। साथ ही शासन व प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने दो सप्ताह में मुआवजा राशि का भुगतान न किए जाने और वंचित परिवारों को सूची में शामिल न किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
शुक्रवार को कांग्रेस और उक्रांद के कार्यकर्ताओं के साथ ही परियोजना प्रभावित बड़ी संख्या में तहसील मुख्यालय कीर्तिनगर पहुंचे और प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लक्ष्मोली, मलेथा, घिल्डियालगांव, जाखणी, देवली, रानीहाट, नैथाणा आदि गांवों के प्रभावित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रेलवे परियोजना के सुरंग निर्माण के दौरान हुई ब्लास्टिंग से कई मकानों में दरारें आ गईं और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए लेकिन पिछले करीब दो वर्षों से मुआवजा नहीं मिल पाया है जबकि मुआवजे के लिए आरवीएनएल ने साढ़े 3 करोड़ रुपये अवमुक्त किए थे। ग्रामीणों ने कहा कि कई प्रभावित परिवार सर्वे से भी वंचित हैं। उन्होंने पुनः सर्वेक्षण, वास्तविक क्षति के अनुसार मुआवजा देने और सीएसआर फंड से प्रस्तावित विकास कार्यों को जल्द शुरू करने की मांग उठाई। इस मौके पर उपजिलाधिकारी मंजू राजपूत ने बताया कि विकासखंड में कुल 469 प्रभावित परिवार चिह्नित किए गए हैं। 398 प्रभावितों की मुआवजा संबंधी फाइलें अग्रिम कार्यवाही के लिए भेजी जा चुकी हैं। शेष 71 परिवारों की फाइलें प्राप्त होते ही एक सप्ताह में धनराशि आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। दूसरे चरण में शेष वंचित परिवारों का सर्वेक्षण कर उन्हें भी राहत दी जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी टिहरी को मांगों का ज्ञापन भेजा। इस मौके पर पूर्व प्रमुख विजयंत सिंह निजवाला, जिला पंचायत सदस्य उत्तम सिंह असवाल, महिपाल सिंह बुटोला, चिरंजीव पुंडीर, श्याम लाल आर्य, मोहनानंद डोभाल, रघुवीर भंडारी, निति राज, रामलाल नौटियाल, रश्मि रावत, प्रदीप गोदियाल, अचल नेगी, अरुण नेगी, रजनी मेवाड़ आदि मौजूद थे।
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