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Pauri News: औषधीय पौधों पर शोध के लिए दो पेटेंट हासिल
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 21 Apr 2026 10:52 PM IST
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श्रीनगर। शोध और अनुसंधान के क्षेत्र में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है।
विश्वविद्यालय के पर्यावरणीय विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार मैखुरी के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की टीम को शोध पर दो महत्वपूर्ण पेटेंट हासिल हुए हैं।
पहला पेटेंट औषधीय पादप ‘फरण’ से औषधीय चूर्ण बनाने की वैज्ञानिक विधि विकसित करने पर मिला है जबकि दूसरा पेटेंट संकटग्रस्त प्रजाति ‘नकदूण’ से आयुर्वेदिक टैबलेट तैयार करने की तकनीक के लिए प्रदान किया गया है।
यह उपलब्धि न केवल पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक आधार देती है बल्कि स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और उपयोग को भी बढ़ावा देगी। प्रो. मैखुरी के नेतृत्व में इस शोध कार्य में डॉ. सरला सकलानी, रविन्द्र सिंह रावत व हरेंद्र रावत, लक्ष्मण कंडारी, प्रो. विनोद नौटियाल, प्रो. राजपाल सिंह नेगी, सुभाष चन्द्र, हैप्रेक के निदेशक डॉ. विजयकांत पुरोहित और सुदीप चंद्र आदि शामिल रहे। बता दें कि प्रो. मैखुरी का नाम स्टैनफोर्ड विवि की ओर से जारी विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में सात बार शामिल हो चुका है। संवाद
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विश्वविद्यालय के पर्यावरणीय विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार मैखुरी के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की टीम को शोध पर दो महत्वपूर्ण पेटेंट हासिल हुए हैं।
पहला पेटेंट औषधीय पादप ‘फरण’ से औषधीय चूर्ण बनाने की वैज्ञानिक विधि विकसित करने पर मिला है जबकि दूसरा पेटेंट संकटग्रस्त प्रजाति ‘नकदूण’ से आयुर्वेदिक टैबलेट तैयार करने की तकनीक के लिए प्रदान किया गया है।
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यह उपलब्धि न केवल पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक आधार देती है बल्कि स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और उपयोग को भी बढ़ावा देगी। प्रो. मैखुरी के नेतृत्व में इस शोध कार्य में डॉ. सरला सकलानी, रविन्द्र सिंह रावत व हरेंद्र रावत, लक्ष्मण कंडारी, प्रो. विनोद नौटियाल, प्रो. राजपाल सिंह नेगी, सुभाष चन्द्र, हैप्रेक के निदेशक डॉ. विजयकांत पुरोहित और सुदीप चंद्र आदि शामिल रहे। बता दें कि प्रो. मैखुरी का नाम स्टैनफोर्ड विवि की ओर से जारी विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में सात बार शामिल हो चुका है। संवाद

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