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Pauri News: श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर और पतंजलि गुरुकुलम ने लहराया परचम
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 20 Jan 2026 11:19 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवप्रयाग। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में राज्यस्तरीय शास्त्रीय स्पर्धाओं में श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर और पतंजलि गुरुकुलम ने परचम लहराया। कीर्ति परिसर न्याय, वेदभाष्यभाषण, आयुर्वेद भाषण, ज्योतिष, ज्योतिष शलाका, धर्मशास्त्र, साहित्य शलाका, शास्त्रस्फूर्ति आदि दस स्पर्धाओं में प्रथम रहा। अव्वल रहे छात्र 10 से 13 मार्च को कांचीपुरम में होने वाली राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लेंगे।
समापन पर मुख्य अतिथि निदेशक प्रभारी संस्कृत शिक्षा उत्तराखंड, कंचन देवराड़ी ने कहा कि बच्चों में स्वस्थ प्रतियोगिताओं का भाव केवल शिक्षण संस्थान स्तर तक ही नहीं, जीवन पर्यंत होना चाहिए। ज्ञान व्यक्ति को अनेक कठिनाइयों और बाधाओं से मुक्ति दिलाता है। विशिष्ट अतिथि दयालबाग शिक्षण संस्थान की प्रो. अनीता ने कहा कि संस्कृत परंपरावादी और कठोर सैद्धांतिक नहीं है, वह जमाने के साथ कदम मिलाकर चलने में सक्षम है।
परिसर निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने कहा कि पिछले साल 25 शास्त्रीय स्पर्धाएं हुई थीं, इस साल संख्या 31 पहुंच गई है। इसमें उत्तराखंड के 158 संस्कृत शिक्षण संस्थानों को आमंत्रित किया गया था। प्रो. महेश झा ने बच्चों की सराहना की। संयोजक ब्रह्मानंद मिश्रा ने बताया कि इसमें गढ़वाल विवि, केंद्रीय विवि हिमाचल, केंद्रीय संस्कृत विवि बलाहर परिसर, दयालबाग शिक्षण संस्थान आगरा आदि के शास्त्र विशेषज्ञ निर्णायक रहे। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. जनार्दन ने किया।
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अष्टाध्यायी कंठपाठ प्रतियोगिता में आरव रहे अव्वल
भगवद्गीता कंठ पाठ में हितेश और अंशिता विजेता
संवाद न्यूज एजेंसीदेवप्रयाग। केंद्रीय संस्कृत विवि में हुई अष्टाध्यायी कंठपाठ प्रतियोगिता में श्रीमद्दयानंद आर्ष ज्योति गुरुकुलम् पौंधा, देहरादून के आरव सारस्वत प्रथम, दिव्यांजलि भारती द्वितीय रहीं। अमरकोश कंठ पाठ में पौंधा के सक्षम आर्य पहले बौर शुभम द्वितीय रहे। उपनिषद कंठपाठ में वरेण्या त्यागी ने पहला, अक्षय ने दूसरा स्थान हासिल किया।
काव्य कंठ पाठ में पतंजलि गुरुकुलम्, मुल्यागांव की निशा नेगी प्रथम और कृष्ण पांडेय द्वितीय रहे। रामायण कंठ पाठ में पतंजलि की जाह्नवी पहले स्थान पर रहीं। दर्शनसूत्र कंठ पाठ में पतंजलि की खुशी पूर्वे प्रथम, साहिल द्वितीय रहे। भगवद्गीता कंठ पाठ में स्वामी दर्शनानंद गुरुकुलम् के हितेश ने पहला और अंशिता ने दूसरा स्थान हासिल किया। सुभाषित कंठ पाठ में सुयश मिश्र प्रथम लक्ष्य द्वितीय रहे। धातुरूप कंठ पाठ में पतंजलि गुरुकुलम् की हर्षिता चौबे प्रथम और श्रेया द्वितीय रहे।
शास्त्रस्फूर्ति स्पर्धा में भास्कर गण (रघुनाथ कीर्ति) के मोनिका, लोकेशचंद्र पहले व पतंजलि गण के मल्लिकादास और हर्षिता चौबे दूसरे स्थान पर रहे। व्याकरण भाषण में श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के केशव प्रसाद गौर ने पहला सुमेधा ने दूसरा स्थान हासिल किया। ज्योतिष भाषण में रघुनाथ कीर्ति की मोनिका प्रथम रहीं। धर्मशास्त्र भाषण में रघुनाथ कीर्ति के अभिषेक गौड़ पहले और ब्रह्चारिणी मल्लिकादास द्वितीय रहीं। साहित्यभाषण में पतंजलि गुरुकुलम हरिद्वार की प्रतिभा प्रथम, आयुर्वेद में रघुनाथ कीर्ति के हरिकृष्ण आर पहले और गगन दूसरे स्थान पर रहे।
न्यायभाषण में रघुनाथ कीर्ति की श्रुति, वेदांत में भगवानदास के ज्ञानेंद्र सिंह प्रथम और मुस्कान द्वितीय रहे। वेदभाष्यभाषण में रघुनाथ कीर्ति के हिमांशु पांडेय और सांख्ययोग में पतंजलि विश्वविद्यालय की शुभांगिनी आर्या प्रथम रहे। भारतीय विज्ञान भाषण में पतंजलि मुल्यागांव की खुशी कुमारी और अक्षरश्लोकी में पौंधा के रितेश पांडेय पहले स्थान पर रहे। व्याकरण शलाका में लोकेश चंद्र बड़सिलियाव व ज्योतिष शलाका में रघुनाथ कीर्ति के मुकुल प्रजापति प्रथम रहे।
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देवप्रयाग। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में राज्यस्तरीय शास्त्रीय स्पर्धाओं में श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर और पतंजलि गुरुकुलम ने परचम लहराया। कीर्ति परिसर न्याय, वेदभाष्यभाषण, आयुर्वेद भाषण, ज्योतिष, ज्योतिष शलाका, धर्मशास्त्र, साहित्य शलाका, शास्त्रस्फूर्ति आदि दस स्पर्धाओं में प्रथम रहा। अव्वल रहे छात्र 10 से 13 मार्च को कांचीपुरम में होने वाली राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लेंगे।
समापन पर मुख्य अतिथि निदेशक प्रभारी संस्कृत शिक्षा उत्तराखंड, कंचन देवराड़ी ने कहा कि बच्चों में स्वस्थ प्रतियोगिताओं का भाव केवल शिक्षण संस्थान स्तर तक ही नहीं, जीवन पर्यंत होना चाहिए। ज्ञान व्यक्ति को अनेक कठिनाइयों और बाधाओं से मुक्ति दिलाता है। विशिष्ट अतिथि दयालबाग शिक्षण संस्थान की प्रो. अनीता ने कहा कि संस्कृत परंपरावादी और कठोर सैद्धांतिक नहीं है, वह जमाने के साथ कदम मिलाकर चलने में सक्षम है।
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परिसर निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने कहा कि पिछले साल 25 शास्त्रीय स्पर्धाएं हुई थीं, इस साल संख्या 31 पहुंच गई है। इसमें उत्तराखंड के 158 संस्कृत शिक्षण संस्थानों को आमंत्रित किया गया था। प्रो. महेश झा ने बच्चों की सराहना की। संयोजक ब्रह्मानंद मिश्रा ने बताया कि इसमें गढ़वाल विवि, केंद्रीय विवि हिमाचल, केंद्रीय संस्कृत विवि बलाहर परिसर, दयालबाग शिक्षण संस्थान आगरा आदि के शास्त्र विशेषज्ञ निर्णायक रहे। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. जनार्दन ने किया।
अष्टाध्यायी कंठपाठ प्रतियोगिता में आरव रहे अव्वल
भगवद्गीता कंठ पाठ में हितेश और अंशिता विजेता
संवाद न्यूज एजेंसीदेवप्रयाग। केंद्रीय संस्कृत विवि में हुई अष्टाध्यायी कंठपाठ प्रतियोगिता में श्रीमद्दयानंद आर्ष ज्योति गुरुकुलम् पौंधा, देहरादून के आरव सारस्वत प्रथम, दिव्यांजलि भारती द्वितीय रहीं। अमरकोश कंठ पाठ में पौंधा के सक्षम आर्य पहले बौर शुभम द्वितीय रहे। उपनिषद कंठपाठ में वरेण्या त्यागी ने पहला, अक्षय ने दूसरा स्थान हासिल किया।
काव्य कंठ पाठ में पतंजलि गुरुकुलम्, मुल्यागांव की निशा नेगी प्रथम और कृष्ण पांडेय द्वितीय रहे। रामायण कंठ पाठ में पतंजलि की जाह्नवी पहले स्थान पर रहीं। दर्शनसूत्र कंठ पाठ में पतंजलि की खुशी पूर्वे प्रथम, साहिल द्वितीय रहे। भगवद्गीता कंठ पाठ में स्वामी दर्शनानंद गुरुकुलम् के हितेश ने पहला और अंशिता ने दूसरा स्थान हासिल किया। सुभाषित कंठ पाठ में सुयश मिश्र प्रथम लक्ष्य द्वितीय रहे। धातुरूप कंठ पाठ में पतंजलि गुरुकुलम् की हर्षिता चौबे प्रथम और श्रेया द्वितीय रहे।
शास्त्रस्फूर्ति स्पर्धा में भास्कर गण (रघुनाथ कीर्ति) के मोनिका, लोकेशचंद्र पहले व पतंजलि गण के मल्लिकादास और हर्षिता चौबे दूसरे स्थान पर रहे। व्याकरण भाषण में श्री भगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के केशव प्रसाद गौर ने पहला सुमेधा ने दूसरा स्थान हासिल किया। ज्योतिष भाषण में रघुनाथ कीर्ति की मोनिका प्रथम रहीं। धर्मशास्त्र भाषण में रघुनाथ कीर्ति के अभिषेक गौड़ पहले और ब्रह्चारिणी मल्लिकादास द्वितीय रहीं। साहित्यभाषण में पतंजलि गुरुकुलम हरिद्वार की प्रतिभा प्रथम, आयुर्वेद में रघुनाथ कीर्ति के हरिकृष्ण आर पहले और गगन दूसरे स्थान पर रहे।
न्यायभाषण में रघुनाथ कीर्ति की श्रुति, वेदांत में भगवानदास के ज्ञानेंद्र सिंह प्रथम और मुस्कान द्वितीय रहे। वेदभाष्यभाषण में रघुनाथ कीर्ति के हिमांशु पांडेय और सांख्ययोग में पतंजलि विश्वविद्यालय की शुभांगिनी आर्या प्रथम रहे। भारतीय विज्ञान भाषण में पतंजलि मुल्यागांव की खुशी कुमारी और अक्षरश्लोकी में पौंधा के रितेश पांडेय पहले स्थान पर रहे। व्याकरण शलाका में लोकेश चंद्र बड़सिलियाव व ज्योतिष शलाका में रघुनाथ कीर्ति के मुकुल प्रजापति प्रथम रहे।

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