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Pauri News: पशुपालन से ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार

संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी Updated Sat, 07 Mar 2026 05:21 PM IST
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Villagers got self-employment from animal husbandry
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मजबूत कर रहे गांव की आर्थिकी
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पौड़ी। जनपद में पशुपालन विभाग की योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी मजबूत होने लगी है। काश्तकार बकरी, मुर्गी व गो पालन समेत अन्य योजनाओं से जुड़कर गांव की आर्थिकी को मजबूत कर रहे हैं।
विभाग के मुताबिक गो पालन में 143, बकरी पालन में 262, महिला बकरी पालन योजना में 30, मुर्गी पालन में 120 काश्तकारों को लाभान्वित किया गया है। नंदी पालन में छह जबकि गैर-सरकारी गो सदन में 18 और सरकारी गो सदन में तीन इकाइयां संचालित हो रही है। योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर जहां रोजगार मिला है वहीं उनकी आय भी बढ़ी है।
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विभाग ने इस साल जिला योजना से 262 लाभार्थियों को बकरी पालन योजना का लाभ दिया जिसमें लाभार्थी को 16 बकरियां उपलब्ध कराई गई। साथ ही महिला बकरी पालन योजना के तहत 30 विधवा महिलाओं को चार-चार बकरियां विभाग ने मुहैया कराई।


एसएसबी को आपूर्ति की जा रही बकरी व मुर्गियां
काश्तकार घर गांव में ही मुर्गी व बकरी पालन कर आय को मजबूत कर रहे हैं। मुर्गी पालन योजना में 120 लाभार्थियों को तीन-तीन हजार मुर्गियां वितरित की गई हैं। काश्तकारों को बाजार की व्यवस्था के लिए सीमा सुरक्षा बल श्रीनगर को मुर्गियों की आपूर्ति की जाती है।


- नए साल से मुर्गियों व बकरी की आपूर्ति एसएसबी को शुरू की गई है। चिकित्सकीय प्रमाणित होने के बाद अभी तक 654 किग्रा बकरी व 664 किग्रा मुर्गियों की आपूर्ति की जा चुकी है जिसमें जिंदा 120 रुपये प्रति किग्रा मुर्गी व 310 रुपये प्रति किग्रा उपलब्ध कराया जा रहा है। - डॉ. विशाल शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पौड़ी।
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