{"_id":"6a78b9e9bef65a9b55064591","slug":"44-pilgrims-of-the-10th-batch-of-the-kailash-mansarovar-yatra-welcomed-in-tanakpur-with-the-application-of-tilak-immersed-in-devotion-pithoragarh-news-c-229-1-shld1007-142930-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: कैलाश मानसरोवर यात्रा के 10वें दल के 44 यात्रियों का टनकपुर में तिलक लगाकर स्वागत, भक्ति में डूबे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: कैलाश मानसरोवर यात्रा के 10वें दल के 44 यात्रियों का टनकपुर में तिलक लगाकर स्वागत, भक्ति में डूबे
Sun, 09 Aug 2026 11:03 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:03 PM IST
विज्ञापन
09tnp04pटनकपुर के पर्यटक आवास गृह में देवभूमि की संस्कृतिक में रंगे कैलाश मानसरोवर यात्रा के
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टनकपुर (चंपावत)। कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के अंतिम दल के 44 सदस्यों का रविवार शाम को टीआरसी में स्वागत किया गया। यात्री दल में भारी उत्साह देखा गया। देवभूमि की संस्कृति के अनुसार तिलक और फूलमालाओं से उनका अभिनंदन हुआ। हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। यह कैलाश मानसरोवर यात्रा का दसवां और अंतिम दल है। इसमें 28 पुरुष और 16 महिला यात्री शामिल हैं। अधिकतर यात्रियों ने कहा कि उन्हें पहली बार भोलेनाथ ने बुलाया है। उत्तराखंड के चंद्रशेखर खुल्बे और राजस्थान के योगेश शर्मा ने यात्रा को बचपन का सपना बताया। टीआरसी के प्रबंधक मनोज कुमार के अनुसार, दल सोमवार सुबह अगले पड़ाव के लिए रवाना होगा।
भोले से मिलने निकले गाजियाबाद के युवा आनंद त्यागी
टनकपुर। कैलाश मानसरोवर यात्रा के दसवें दल में महिला यात्रियों के साथ ही युवा भी खासे उत्साहित नजर आए। इनमें गाजियाबाद के छात्र 22 वर्षीय आनंत त्यागी बोले- उनका को पूरा परिवार सनातन संस्कृति में रंगा है। उनके पिता संजय कुमार तो दादा-दादी, अपनी सास, पत्नी मनीक्षी के साथ अलग-अलग चार बार शिव धाम की यात्रा कर चुके हैं, अब तीसरी पीढ़ी के हैं तो उनके अंदर भी वही सनातन का रंग हैं और वह भी अपने पिता की राह में निकल पड़े हैं और आने वाली पीढ़ी को भी प्रेरित करेंगे। दल में शामिल 21 वर्षीय गुजरात के जय रघुवीर भाई डांगर बोले -उनके मन में भोले बसे हैं और भोले ने अंदर से आवाज दी और मौका मिला तो वह भी शिव से मिलने जा रहे हैं। संवाद
............................
नौवें दल के यात्रियों ने किए आदि कैलाश के दर्शन
पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा के नौवें दल के यात्रियों ने रविवार को आदि कैलाश, पार्वती कुंड के दर्शन किए। आदि कैलाश के दर्शन से यात्री गदगद दिखे। यात्रियों ने नाभीढांग में ओम पर्वत के भी दर्शन किए। केएमवीएन के यात्रा अधिकारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि यात्री मंगलवार को लिपुलेख दर्रे से तकलाकोट में प्रवेश करेंगे। साथ ही सातवें दल के यात्री कैलाश परिक्रमा पूरी कर भारत लौटेंगे। आठवें दल के यात्री अभी कैलाश परिक्रमा में जुटे हैं। अंतिम दसवें दल के यात्री सोमवार को पिथौरागढ़ से धारचूला पहुंचेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भोले से मिलने निकले गाजियाबाद के युवा आनंद त्यागी
टनकपुर। कैलाश मानसरोवर यात्रा के दसवें दल में महिला यात्रियों के साथ ही युवा भी खासे उत्साहित नजर आए। इनमें गाजियाबाद के छात्र 22 वर्षीय आनंत त्यागी बोले- उनका को पूरा परिवार सनातन संस्कृति में रंगा है। उनके पिता संजय कुमार तो दादा-दादी, अपनी सास, पत्नी मनीक्षी के साथ अलग-अलग चार बार शिव धाम की यात्रा कर चुके हैं, अब तीसरी पीढ़ी के हैं तो उनके अंदर भी वही सनातन का रंग हैं और वह भी अपने पिता की राह में निकल पड़े हैं और आने वाली पीढ़ी को भी प्रेरित करेंगे। दल में शामिल 21 वर्षीय गुजरात के जय रघुवीर भाई डांगर बोले -उनके मन में भोले बसे हैं और भोले ने अंदर से आवाज दी और मौका मिला तो वह भी शिव से मिलने जा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
............................
नौवें दल के यात्रियों ने किए आदि कैलाश के दर्शन
पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा के नौवें दल के यात्रियों ने रविवार को आदि कैलाश, पार्वती कुंड के दर्शन किए। आदि कैलाश के दर्शन से यात्री गदगद दिखे। यात्रियों ने नाभीढांग में ओम पर्वत के भी दर्शन किए। केएमवीएन के यात्रा अधिकारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि यात्री मंगलवार को लिपुलेख दर्रे से तकलाकोट में प्रवेश करेंगे। साथ ही सातवें दल के यात्री कैलाश परिक्रमा पूरी कर भारत लौटेंगे। आठवें दल के यात्री अभी कैलाश परिक्रमा में जुटे हैं। अंतिम दसवें दल के यात्री सोमवार को पिथौरागढ़ से धारचूला पहुंचेंगे।
विज्ञापन