{"_id":"69b2fa543409b2f2b4005baa","slug":"better-treatment-for-children-will-be-provided-at-ddhat-chc-pithoragarh-news-c-230-1-pth1019-139253-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: डीडीहाट सीएचसी में होगा बच्चों का बेहतर उपचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: डीडीहाट सीएचसी में होगा बच्चों का बेहतर उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 12 Mar 2026 11:09 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। आखिरकार सीमांत जिले में दूसरे बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो गई है। 19 साल बाद डीडीहाट सीएचसी में बच्चों को बेहतर उपचार मिलेगा। अब विकासखंड सहित इससे लगे क्षेत्रों के अभिभावकों को 40 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा।
पिथौरागढ़ जिले के सरकारी अस्पताल विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहे हैं। इनमें महिला, बाल रोग विशेषज्ञों की भारी कमी है। हालात यह है कि सिर्फ जिला अस्पताल में ही एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ पर जिले के बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी है।
अब मूल रूप से डीडीहाट विकासखंड के नौलियागांव निवासी डॉ. किशन सिंह महर अब सीएचसी डीडीहाट में बाल रोग विशेषज्ञ के तौर पर अपनी सेवाएं देंगे। लंबे समय से यहां बाल रोग विशेषज्ञ की कमी महसूस की जा रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपने ही क्षेत्र के अनुभवी डॉक्टर के आने से डीडीहाट और आसपास के गांवों के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
-
सेवा के लिए चुना गृह जनपद
डॉ. महर की प्रारंभिक शिक्षा चमाली एवं बागजीबला विद्यालय से हुई। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर से वर्ष 1981 में एमबीबीएस किया। 1985 में बाल चिकित्सक की डिग्री हासिल की। अपने लंबे चिकित्सा अनुभव के दौरान उन्होंने दिल्ली के एमसीडी अस्पतालों सहित कई स्थानों पर सेवाएं दीं। अब उन्होंने अपने गृह जनपद और क्षेत्र को सेवा के लिए चुना है।
दो फिजिशियन अवकाश पर, मरीज रहे परेशान
एक मात्र विशेषज्ञ ने बीमार लोगों की जांच और उपचार किया
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में दो फिजिशियन के एक साथ अवकाश पर जाने से मरीजों को दिक्कत झेलनी पड़ी। एकमात्र फिजिशियन के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ रही। इससे उन्हें इलाज के लिए लाइन में लगकर बारी का इंतजार करना पड़ा।
जिला अस्पताल में इन दिनों हर रोज ओपीडी 600 के पार पहुंच रही है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक पेट दर्द, बुखार, जुखाम, खांसी से ग्रसित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।
बृहस्पतिवार सुबह बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे। दो फिजिशियन के अवकाश पर जाने से एकमात्र विशेषज्ञ ने इलाज व जांच की जिम्मेदारी संभाली। फिजिशियन के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन रही जिससे उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
पीएमएस डॉ. भागीरथी गर्ब्याल ने बताया कि दो फिजिशियन के अवकाश पर रहने से दिक्कत हुई। एक फिजिशियन शुक्रवार को अवकाश से लौटेंगे इससे व्यवस्था पटरी पर आएगी। दूसरे फिजिशियन सोमवार से नियमित इलाज करेंगे।
-
धारचूला में पांच किशोरियों को लगाई एचवीपी वैक्सीन
धारचूला (पिथौरागढ़)। उप जिला चिकित्सालय में चिकित्सा प्रभारी डॉ. राजेश गुंज्याल ने एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का उद्घाटन किया। उन्होंने महिलाओं में होने वाले सर्वाधिक सर्वाइकल कैंसर से बचाव और सावधानियों की जानकारी दी। कहा कि एचपीवी वैक्सीन महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव का बेहतर उपाय है। उन्होंने बताया कि 14 और 15 वर्ष के साथ ही 90 दिन आयु वाली किशोरियों को यह वैक्सीन लगाई जानी है। पहले दिन पांच किशोरियों को वैक्सीन लगाई गई। बताया कि हफ्ते में बुधवार और शनिवार छोड़कर अन्य चार दिनों में वैक्सीन लगाई जाएगी। इस दौरान प्रदीप रौतेला, सपना राणा, रेखा बिष्ट, अंबिका नबियाल, शमा परवीन, कविता खैर, सारिका, आयशा खातून, कल्पना बुदियाल, आशा नजीमा, गोमती थापा, अंकिता, इंद्रा आदि रहीं।
Trending Videos
पिथौरागढ़ जिले के सरकारी अस्पताल विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहे हैं। इनमें महिला, बाल रोग विशेषज्ञों की भारी कमी है। हालात यह है कि सिर्फ जिला अस्पताल में ही एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ पर जिले के बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब मूल रूप से डीडीहाट विकासखंड के नौलियागांव निवासी डॉ. किशन सिंह महर अब सीएचसी डीडीहाट में बाल रोग विशेषज्ञ के तौर पर अपनी सेवाएं देंगे। लंबे समय से यहां बाल रोग विशेषज्ञ की कमी महसूस की जा रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपने ही क्षेत्र के अनुभवी डॉक्टर के आने से डीडीहाट और आसपास के गांवों के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
-
सेवा के लिए चुना गृह जनपद
डॉ. महर की प्रारंभिक शिक्षा चमाली एवं बागजीबला विद्यालय से हुई। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर से वर्ष 1981 में एमबीबीएस किया। 1985 में बाल चिकित्सक की डिग्री हासिल की। अपने लंबे चिकित्सा अनुभव के दौरान उन्होंने दिल्ली के एमसीडी अस्पतालों सहित कई स्थानों पर सेवाएं दीं। अब उन्होंने अपने गृह जनपद और क्षेत्र को सेवा के लिए चुना है।
दो फिजिशियन अवकाश पर, मरीज रहे परेशान
एक मात्र विशेषज्ञ ने बीमार लोगों की जांच और उपचार किया
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में दो फिजिशियन के एक साथ अवकाश पर जाने से मरीजों को दिक्कत झेलनी पड़ी। एकमात्र फिजिशियन के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ रही। इससे उन्हें इलाज के लिए लाइन में लगकर बारी का इंतजार करना पड़ा।
जिला अस्पताल में इन दिनों हर रोज ओपीडी 600 के पार पहुंच रही है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक पेट दर्द, बुखार, जुखाम, खांसी से ग्रसित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।
बृहस्पतिवार सुबह बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे। दो फिजिशियन के अवकाश पर जाने से एकमात्र विशेषज्ञ ने इलाज व जांच की जिम्मेदारी संभाली। फिजिशियन के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन रही जिससे उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
पीएमएस डॉ. भागीरथी गर्ब्याल ने बताया कि दो फिजिशियन के अवकाश पर रहने से दिक्कत हुई। एक फिजिशियन शुक्रवार को अवकाश से लौटेंगे इससे व्यवस्था पटरी पर आएगी। दूसरे फिजिशियन सोमवार से नियमित इलाज करेंगे।
-
धारचूला में पांच किशोरियों को लगाई एचवीपी वैक्सीन
धारचूला (पिथौरागढ़)। उप जिला चिकित्सालय में चिकित्सा प्रभारी डॉ. राजेश गुंज्याल ने एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का उद्घाटन किया। उन्होंने महिलाओं में होने वाले सर्वाधिक सर्वाइकल कैंसर से बचाव और सावधानियों की जानकारी दी। कहा कि एचपीवी वैक्सीन महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव का बेहतर उपाय है। उन्होंने बताया कि 14 और 15 वर्ष के साथ ही 90 दिन आयु वाली किशोरियों को यह वैक्सीन लगाई जानी है। पहले दिन पांच किशोरियों को वैक्सीन लगाई गई। बताया कि हफ्ते में बुधवार और शनिवार छोड़कर अन्य चार दिनों में वैक्सीन लगाई जाएगी। इस दौरान प्रदीप रौतेला, सपना राणा, रेखा बिष्ट, अंबिका नबियाल, शमा परवीन, कविता खैर, सारिका, आयशा खातून, कल्पना बुदियाल, आशा नजीमा, गोमती थापा, अंकिता, इंद्रा आदि रहीं।