सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Electricity connection installed during elections became illegal after nine years

Pithoragarh News: चुनाव के समय लगा बिजली कनेक्शन नौ साल बाद हो गया अवैध

संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 03 Feb 2026 10:31 PM IST
विज्ञापन
Electricity connection installed during elections became illegal after nine years
प्राथमिक विद्यालय मिताड़ीगांव में बिजली कनेक्शन लगाने के लिए दिए गए शुल्क की रसीद। स्रोत : विद्
विज्ञापन
पिथौरागढ़। नेताओं की चुनावी घोषणाएं तो सभी ने सुनी हैं। अब सरकारी सिस्टम भी ऐसा करने लगा है। ऐसा ही हुआ है सीमांत जिले के मिताड़ीगांव प्राथमिक विद्यालय में। इस विद्यालय में मतदान केंद्र होने से विधानसभा चुनाव के समय यूपीसीएल ने बिजली का कनेक्शन लगाया। तब यह कनेक्शन वैध था। नौ साल बाद इसे अवैध करार देते हुए कनेक्शन काट दिया गया है। हैरानी है कि यू-डायस के रिकाॅर्ड में यह विद्यालय बिजली से रोशन होने वाली सूची में शामिल है।
Trending Videos

विद्यालय प्रबंधन के मुताबिक, वर्ष 2016 तक कनालीछीना विकासखंड के मिताड़ीगांव प्राथमिक विद्यालय में बिजली कनेक्शन नहीं लगा था। वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में यह मतदान केंद्र बनाया गया तो यहां तत्परता दिखाते हुए यूपीसीएल ने बिजली कनेक्शन लगा दिया। बाकायदा यहां मीटर भी लगाया गया। यू-डायस के रिकाॅर्ड में भी यह विद्यालय बिजली से रोशन होने वाले विद्यालयों की सूची में दर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले दिनों यूपीसीएल ने इस कनेक्शन को अवैध करार देते हुए काट दिया। चुनाव के समय यूपीसीएल ने खुद ही इस विद्यालय में बिजली का कनेक्शन लगाया और नौ साल बाद इसे अवैध करार देना किसी के गले से नहीं उतर रहा है। इस पर सवाल भी उठ रहे हैं। हैरानी की बात है कि शिक्षा विभाग इस विद्यालय में बिजली का कनेक्शन लगाने की सभी प्रक्रिया पूरी कर यूपीसीएल को इसके लिए शुल्क देने की बात कर रहा है। बिजली कनेक्शन कटने से अब इस विद्यालय में 15 से अधिक विद्यार्थी अंधेरे कक्षों में पढ़ने के लिए मजबूर हैं।

15 साल पहले कनेक्शन के लिए किया गया तीन हजार का भुगतान
जब यूपीसीएल ने विद्यालय का बिजली का कनेक्शन काटा तो प्रबंधन ने इसके लिए शुल्क जमा करने की रसीद रिकाॅर्ड में खोजी। विभाग ने वर्ष 2011 में यूपीसीएल को विद्यालय में कनेक्शन लगाने के लिए तीन हजार रुपये का शुल्क भी दिया है। यूपीसीएल ने चुनाव में बूथ बनने से विद्यालय में बमुश्किल छह साल बाद कनेक्शन लगाया। अब नौ साल बाद इसे अवैध बताकर काट दिया गया।
प्रधानाध्यापक ने बिल भेजने के लिए दिया था प्रार्थना पत्र
पिछले नौ साल से लगा बिजली का कनेक्शन कटने से स्कूल प्रबंधन, विद्यार्थी और अभिभावक हैरान हैं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि बिजली का बिल न आने पर उन्होंने यूपीसीएल को पत्र भी दिया। तब इसका संज्ञान नहीं लिया गया। अब इस कनेक्शन को अवैध बताकर काट दिया गया है जिससे विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कोट
कनालीछीना विकासखंड के सभी विद्यालयों में बिजली कनेक्शन लगे हैं। इसके लिए यूपीसीएल को शुल्क भी दिया जा चुका है। इस मामले की जानकारी ली जाएगी। विद्यालय में अवैध कनेक्शन लगने का सवाल ही नहीं उठता है। - तरुण कुमार पंत, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़

कोट
प्राथमिक विद्यालय मिताड़ीगांव में लगा बिजली का कनेक्शन अवैध बताकर काट दिया गया है जबकि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में यूपीसीएल ने खुद कनेक्शन लगाया था। मैंने बिल भेजने के लिए पत्र भी यूपीसीएल को दिया है। कनेक्शन कटने से विद्यार्थी परेशान हैं। - रमेश कापड़ी, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय मिताड़ीगांव
कोट
प्राथमिक विद्यालय मिताड़ीगांव में अन्य विद्यालय के नाम से जारी बिजली कनेक्शन गलती से लग गया था। यही कारण है कि इस कनेक्शन को काटा गया है। फिर भी इस मामले की जानकारी ली जाएगी। - वरुण कुमार सोनी, जेई, यूपीसीएल, कनालीछीना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed