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Pithoragarh News: कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू, 49 श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना
Sun, 05 Jul 2026 11:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 05 Jul 2026 11:17 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। देवभूमि उत्तराखंड से संचालित पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा का रविवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले दल के 49 श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक यात्री देवभूमि की संस्कृति का ब्रांड एंबेसडर है और यात्रा से लौटते समय वह नई आध्यात्मिक ऊर्जा तथा अविस्मरणीय स्मृतियां साथ लेकर आएगा।
रविवार सुबह हल्की बारिश के बाद मौसम साफ हुआ। टीआरसी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी यात्रियों का रुद्राक्ष की माला और भगवान शिव का पटका पहनाकर अभिनंदन किया तथा उनसे आत्मीय संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। भगवान शिव की कृपा से ही श्रद्धालुओं को इस पवित्र यात्रा का अवसर मिलता है। उन्होंने यात्रियों से श्रद्धा और धैर्य के साथ यात्रा पूरी करने का आह्वान करते हुए कहा कि शिव में अटूट विश्वास हर कठिनाई को सरल बना देता है।
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उन्होंने कहा कि यह यात्रा सीमांत क्षेत्रों के विकास और समृद्धि का माध्यम भी है। इससे देशभर के लोग सीमांत गांवों की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली से परिचित होते हैं। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पाद खरीदकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्राचीन मंदिरों के पुनरुद्धार के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं।
प्रथम दल में 49 श्रद्धालु शामिल
शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि पहले दल में चिकित्सक सहित 49 तीर्थयात्री शामिल हैं। इनमें 34 पुरुष और 15 महिलाएं हैं। दल में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालु शामिल हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल सबसे वरिष्ठ जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा यात्री हैं।
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा माहौल
कार्यक्रम के दौरान ''''''''हर-हर महादेव'''''''' और ''''''''बम-बम भोले'''''''' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती, कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, पालिकाध्यक्ष विपिन कुमार सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
लोक संस्कृति से अभिभूत हुए श्रद्धालु, सीएम ने दिया फिर आने का न्योता
टनकपुर (चंपावत)। कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल के श्रद्धालु देवभूमि पहुंचते ही उत्तराखंड की लोक संस्कृति और आतिथ्य से अभिभूत नजर आए। शनिवार शाम टीआरसी में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में यात्रियों ने कुमाऊंनी झोड़ा सहित विभिन्न लोक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। भगवान शिव की आराधना और ''''''''हर-हर महादेव'''''''' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं से सीधे संवाद किया। यात्रियों ने स्वागत और व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा आत्मीय स्वागत पहले कभी नहीं मिला।
मुख्यमंत्री ने मूल रूप से बेरीनाग निवासी और वर्तमान में नोएडा में रह रहे श्रद्धालु भूपेश पंत से कुमाऊंनी भाषा में बातचीत की। उन्होंने यात्रा पंजीकरण, परिवार और गांव के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने मुस्कराते हुए कहा, घर आते रया...। श्रद्धालुओं ने कहा कि देवभूमि की हवा में ही श्रद्धा और भक्ति रची-बसी है। मुख्यमंत्री ने सभी यात्रियों को चारधाम यात्रा और वर्ष 2027 में होने वाले हरिद्वार कुंभ में आने का भी निमंत्रण दिया।
पिथौरागढ़ में छलिया नृत्य से हुआ यात्रियों का स्वागत
पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल का रविवार को कुमाऊं मंडल पर्यटक आवास गृह पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों और छलिया नृत्य के साथ भव्य स्वागत किया गया। जिलाधिकारी आशीष भटगांई, उपजिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा, पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्या सहित अन्य अधिकारियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
राजस्थान के अनिल जैन सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले हैं। उत्तराखंड से भूपेश पंत और पंकज गैरोला भी यात्रा दल का हिस्सा हैं। दोनों यात्रियों ने राज्य सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना की। दोपहर भोजन के बाद सभी श्रद्धालु धारचूला के लिए रवाना हुए, जहां से वे सोमवार को गुंजी के लिए प्रस्थान करेंगे।
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रविवार सुबह हल्की बारिश के बाद मौसम साफ हुआ। टीआरसी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी यात्रियों का रुद्राक्ष की माला और भगवान शिव का पटका पहनाकर अभिनंदन किया तथा उनसे आत्मीय संवाद भी किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। भगवान शिव की कृपा से ही श्रद्धालुओं को इस पवित्र यात्रा का अवसर मिलता है। उन्होंने यात्रियों से श्रद्धा और धैर्य के साथ यात्रा पूरी करने का आह्वान करते हुए कहा कि शिव में अटूट विश्वास हर कठिनाई को सरल बना देता है।
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उन्होंने कहा कि यह यात्रा सीमांत क्षेत्रों के विकास और समृद्धि का माध्यम भी है। इससे देशभर के लोग सीमांत गांवों की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली से परिचित होते हैं। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पाद खरीदकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्राचीन मंदिरों के पुनरुद्धार के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं।
प्रथम दल में 49 श्रद्धालु शामिल
शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि पहले दल में चिकित्सक सहित 49 तीर्थयात्री शामिल हैं। इनमें 34 पुरुष और 15 महिलाएं हैं। दल में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालु शामिल हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल सबसे वरिष्ठ जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा यात्री हैं।
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा माहौल
कार्यक्रम के दौरान ''''''''हर-हर महादेव'''''''' और ''''''''बम-बम भोले'''''''' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती, कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, पालिकाध्यक्ष विपिन कुमार सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
लोक संस्कृति से अभिभूत हुए श्रद्धालु, सीएम ने दिया फिर आने का न्योता
टनकपुर (चंपावत)। कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल के श्रद्धालु देवभूमि पहुंचते ही उत्तराखंड की लोक संस्कृति और आतिथ्य से अभिभूत नजर आए। शनिवार शाम टीआरसी में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में यात्रियों ने कुमाऊंनी झोड़ा सहित विभिन्न लोक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। भगवान शिव की आराधना और ''''''''हर-हर महादेव'''''''' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं से सीधे संवाद किया। यात्रियों ने स्वागत और व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा आत्मीय स्वागत पहले कभी नहीं मिला।
मुख्यमंत्री ने मूल रूप से बेरीनाग निवासी और वर्तमान में नोएडा में रह रहे श्रद्धालु भूपेश पंत से कुमाऊंनी भाषा में बातचीत की। उन्होंने यात्रा पंजीकरण, परिवार और गांव के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने मुस्कराते हुए कहा, घर आते रया...। श्रद्धालुओं ने कहा कि देवभूमि की हवा में ही श्रद्धा और भक्ति रची-बसी है। मुख्यमंत्री ने सभी यात्रियों को चारधाम यात्रा और वर्ष 2027 में होने वाले हरिद्वार कुंभ में आने का भी निमंत्रण दिया।
पिथौरागढ़ में छलिया नृत्य से हुआ यात्रियों का स्वागत
पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल का रविवार को कुमाऊं मंडल पर्यटक आवास गृह पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों और छलिया नृत्य के साथ भव्य स्वागत किया गया। जिलाधिकारी आशीष भटगांई, उपजिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा, पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्या सहित अन्य अधिकारियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
राजस्थान के अनिल जैन सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले हैं। उत्तराखंड से भूपेश पंत और पंकज गैरोला भी यात्रा दल का हिस्सा हैं। दोनों यात्रियों ने राज्य सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना की। दोपहर भोजन के बाद सभी श्रद्धालु धारचूला के लिए रवाना हुए, जहां से वे सोमवार को गुंजी के लिए प्रस्थान करेंगे।