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Pithoragarh News: बीमार बुजुर्ग को डोली से अस्पताल पहुंचाने के लिए नहीं मिले युवा कंधे, एसएसबी के जवान बने देवदूत
Wed, 01 Jul 2026 11:28 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:28 PM IST
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पिथौरागढ़। गांवों तक सड़क पहुंचाकर उन्हें विकास से जोड़ने और सुविधाओं का विस्तार कर पलायन रोकने के दावे धरातल पर बेअसर हैं। हालात यह है कि गांवों तक सड़क न पहुंचने से बीमारों को अस्पताल पहुंचाने के लिए डोली सहारा है। वहीं रोजगार की तलाश में युवाओं के पलायन करने से सिर्फ बुजुर्ग ही गांवों की रखवाली कर रहे हैं। ऐसा ही गांव है नेपाल सीमा से लगा जमतड़ी।
जमतड़ी गांव तक सड़क न पहुंचने से बीमारों और गर्भवतियों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना मजबूरी है, लेकिन यहां डोली पकड़ने के लिए युवा कंधे खोजने से भी नहीं मिल रहे। बुधवार को गांव की 60 वर्षीय कलछा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों को बीमार को मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए डोली पकड़ने के लिए युवा कंधे नहीं मिले। ऐसे में परिजनों ने सीमा सुरक्षा में डटे एसएसबी के जवानों से मदद की गुहार लगाई। 55 वीं वाहिनी एसएसबी के आठ से अधिक जवान गांव पहुंचे। जवानों ने अपने मजबूत कंधों पर डोली पकड़ी।
इसके सहारे बीमार को मुख्य सड़क तक पहुंचाया तब जाकर परिजन उसे वाहन से लेकर अस्पताल को रवाना हो सके। एसएसबी के प्रभारी उप निरीक्षक उत्तम सिंह के नेतृत्व में जवान महिला और उसके परिजनों के लिए देवदूत बनकर पहुंचे। उत्तम सिंह ने बताया कि एसएसबी सीमा सुरक्षा के लिए मानवीय सेवा के लिए तत्पर है।
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जमतड़ी गांव तक सड़क न पहुंचने से बीमारों और गर्भवतियों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना मजबूरी है, लेकिन यहां डोली पकड़ने के लिए युवा कंधे खोजने से भी नहीं मिल रहे। बुधवार को गांव की 60 वर्षीय कलछा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों को बीमार को मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए डोली पकड़ने के लिए युवा कंधे नहीं मिले। ऐसे में परिजनों ने सीमा सुरक्षा में डटे एसएसबी के जवानों से मदद की गुहार लगाई। 55 वीं वाहिनी एसएसबी के आठ से अधिक जवान गांव पहुंचे। जवानों ने अपने मजबूत कंधों पर डोली पकड़ी।
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इसके सहारे बीमार को मुख्य सड़क तक पहुंचाया तब जाकर परिजन उसे वाहन से लेकर अस्पताल को रवाना हो सके। एसएसबी के प्रभारी उप निरीक्षक उत्तम सिंह के नेतृत्व में जवान महिला और उसके परिजनों के लिए देवदूत बनकर पहुंचे। उत्तम सिंह ने बताया कि एसएसबी सीमा सुरक्षा के लिए मानवीय सेवा के लिए तत्पर है।
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