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Pithoragarh News: पहाड़ी होली... केवल उत्सव नहीं, सामाजिक और स्वाधीनता आंदोलन की बुलंद आवाज़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 03 Mar 2026 10:47 PM IST
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पिथौरागढ़। पर्वतीय क्षेत्रों में होली केवल हंसी-मजाक का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम रही है। स्वाधीनता संग्राम के दौरान कुमाऊंनी होली के गीतों ने महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाया।
आंगड़ो स्वदेशी, पिछड़ो स्वदेशी, मोसो चरखा मंगाई दें जैसे गीतों ने पहाड़ के गांवों में खादी और चरखे को लोकप्रिय बनाया। महिलाओं ने भी अपनी गुलामी से नाम कटा दो बलम गाकर पर्दे से बाहर निकलकर आजादी की अलख जगाई। इतना ही नहीं, सामाजिक कुरीतियों जैसे शराब और बिचौलियों के खिलाफ भी होली के सुरों ने जमकर प्रहार किया। आज पलायन के कारण भले ही इन परंपराओं पर संकट हो, लेकिन ऐतिहासिक होली के ये बोल आज भी पहाड़ की जीवंत विरासत का हिस्सा हैं।
खड़ी होली की मची धूम
सीमांत जिले में खड़ी होली की धूम मची है। गांवों में लोग खड़ी होली में मस्त हैं। अस्कोट क्षेत्र के नरेत, पंत गांव, ओझा गांव समेत कई गांवों में होली में होल्यार मस्त हैं। नरेत में होल्यारों ने होलियों का गायन किया। यहां पूरन अवस्थी, चारु चंद्र, धनश्याम अवस्थी, हेमु, मनोज, पंकज, प्रदीप समेत कई लोग शामिल रहे।
बड़ाबे की होली जोरों पर
नगर मुख्यालय में बड़ाबे गांव की होली जोरों पर चल रही है। होल्यारों ने घर-घर घूम होली गायन किया। होल्यारों में रमेश चंद्र जोशी, केदार दत्त जोशी, मथुरा दत्त जोशी, त्रिलोक जोशी, भूपेश जोशी, दिवाकर जोशी, गणेश जोशी समेत कई लोग शामिल थे।
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आंगड़ो स्वदेशी, पिछड़ो स्वदेशी, मोसो चरखा मंगाई दें जैसे गीतों ने पहाड़ के गांवों में खादी और चरखे को लोकप्रिय बनाया। महिलाओं ने भी अपनी गुलामी से नाम कटा दो बलम गाकर पर्दे से बाहर निकलकर आजादी की अलख जगाई। इतना ही नहीं, सामाजिक कुरीतियों जैसे शराब और बिचौलियों के खिलाफ भी होली के सुरों ने जमकर प्रहार किया। आज पलायन के कारण भले ही इन परंपराओं पर संकट हो, लेकिन ऐतिहासिक होली के ये बोल आज भी पहाड़ की जीवंत विरासत का हिस्सा हैं।
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खड़ी होली की मची धूम
सीमांत जिले में खड़ी होली की धूम मची है। गांवों में लोग खड़ी होली में मस्त हैं। अस्कोट क्षेत्र के नरेत, पंत गांव, ओझा गांव समेत कई गांवों में होली में होल्यार मस्त हैं। नरेत में होल्यारों ने होलियों का गायन किया। यहां पूरन अवस्थी, चारु चंद्र, धनश्याम अवस्थी, हेमु, मनोज, पंकज, प्रदीप समेत कई लोग शामिल रहे।
बड़ाबे की होली जोरों पर
नगर मुख्यालय में बड़ाबे गांव की होली जोरों पर चल रही है। होल्यारों ने घर-घर घूम होली गायन किया। होल्यारों में रमेश चंद्र जोशी, केदार दत्त जोशी, मथुरा दत्त जोशी, त्रिलोक जोशी, भूपेश जोशी, दिवाकर जोशी, गणेश जोशी समेत कई लोग शामिल थे।

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