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Pithoragarh News: गांवों से सिलिंडर लेने पहुंचे लोग, नगरवासी निराश लौटे
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 21 Apr 2026 10:47 PM IST
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पिथौरागढ़ के लाश घर रोड में सिलिंडर लेने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़। संवाद
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में रसोई गैस का संकट तो कम नहीं हो रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सिंलिंडरों की पर्याप्त आपूर्ति के दावे भी हवाई साबित हुए हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि गांवों के परेशान लोग सिलिंडर लेने जिला मुख्यालय पहुंचे और नगरवासियों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
नगर के लाश घर रोड पर डूंगरा, मड़मानले सहित अन्य गांवों के 60 से अधिक लोग तड़के ही वाहन बुक कर खाली सिलिंडर के साथ पहुंचे। नगर के लोग भी यहां पहुंचकर लाइन में लगे। 10 बजे के करीब गैस एजेंसी का वाहन पहुंचा तो ग्रामीण क्षेत्र के लोग सिलिंडरों के लिए टूट पड़े। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बुकिंग करने के बाद वे सिलिंडर आने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन गाड़ी नहीं आ रही है। ऐसे में मजबूरन उन्हें जिला मुख्यालय आना पड़ा।
एजेंसी कर्मचारियों को उन्हें सिलिंडर देने पड़े तो नगर के लोगों को निराश लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि यदि उनके गांवों तक रसोई गैस का वाहन भेजा जाता तो उन्हें जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ता। वहीं पार्षद सुशील खत्री और करन सिंह ने गैर वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर के हिसाब से गैस वितरण की बात कही गई थी लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इधर, सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ. निर्मल बसेड़ा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सिलिंडर नहीं दिए जा रहे हैं। गांवों में ही सिलिंडरों की आपूर्ति हो रही है।
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नगर के लाश घर रोड पर डूंगरा, मड़मानले सहित अन्य गांवों के 60 से अधिक लोग तड़के ही वाहन बुक कर खाली सिलिंडर के साथ पहुंचे। नगर के लोग भी यहां पहुंचकर लाइन में लगे। 10 बजे के करीब गैस एजेंसी का वाहन पहुंचा तो ग्रामीण क्षेत्र के लोग सिलिंडरों के लिए टूट पड़े। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बुकिंग करने के बाद वे सिलिंडर आने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन गाड़ी नहीं आ रही है। ऐसे में मजबूरन उन्हें जिला मुख्यालय आना पड़ा।
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एजेंसी कर्मचारियों को उन्हें सिलिंडर देने पड़े तो नगर के लोगों को निराश लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि यदि उनके गांवों तक रसोई गैस का वाहन भेजा जाता तो उन्हें जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ता। वहीं पार्षद सुशील खत्री और करन सिंह ने गैर वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर के हिसाब से गैस वितरण की बात कही गई थी लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इधर, सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ. निर्मल बसेड़ा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सिलिंडर नहीं दिए जा रहे हैं। गांवों में ही सिलिंडरों की आपूर्ति हो रही है।

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