सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Rural women's hospital opened on paper

Pithoragarh News: कागजों में खोल दिया ग्रामीण महिला चिकित्सालय

संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 07 Mar 2026 11:14 PM IST
विज्ञापन
Rural women's hospital opened on paper
-थल के गोचर में खोला गया ग्रामीण महिला चिकित्सालय। संवाद
विज्ञापन
थल (पिथौरागढ़)। आज महिला दिवस उत्साह के साथ मनाया जाएगा। सीमांत जिले में महिलाओं की किस कदर उपेक्षा हो रही है थल में खोला गया ग्रामीण महिला चिकित्सालय इसका प्रमाण है। क्षेत्र की महिलाओं को जांच, प्रसव सहित अन्य इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने के दावे कर 10 सितंबर 2003 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़ ने यहां ग्रामीण महिला चिकित्सालय का लोकार्पण किया था। यहां एक महिला डॉक्टर की तैनाती भी हुई। एक साल बाद भी वर्ष 2004 में महिला डॉक्टर का स्थानांतरण अल्मोड़ा हो गया। तब से 22 साल बीतने के बाद भी इस महिला अस्पताल में महिला डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है। हैरानी की बात है कि महिला अस्पताल को पीएचसी से संबद्ध कर जिम्मेदारी निभा दी गई। दिक्कत की बात यह है कि दोनों महिला स्टाफ नर्स के एक साथ अवकाश पर जाने से यहां पिछले तीन महीने से प्रसव नहीं हो रहे हैं। क्षेत्र की गर्भवतियां प्रसव कराने के लिए 60 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाने के लिए मजबूर हैं। इस ग्रामीण महिला चिकित्सालय की बदहाली से हर कोई परेशान है और हैरान भी। संवाद
Trending Videos

पुरुष स्टाफ नर्स तैनात, कौन कराए प्रसव
गोचर पीएचसी में दो महिला जबकि एक पुरुष स्टाफ नर्स की तैनाती है। महिला स्टाफ नर्स के भरोसे किसी तरह यहां प्रसव हो रहे थे। दोनों ही मैटरनिटी लीव पर चली गईं। अब यहां सिर्फ पुरुष स्टाफ नर्स तैनात हैं। ऐसे में यहां प्रसव बंद कर गर्भवतियों को हायर सेंटर रेफर करना ही एकमात्र विकल्प है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बोले लोग
सरकार और विभाग ने यहां ग्रामीण महिला चिकित्सालय तो खोला लेकिन इसमें महिलाओं के इलाज और प्रसव की सुविधा नहीं है। यहां महिला अस्पताल के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाना क्षेत्र की हर महिला के हितों की अनदेखी है। - दीपा वर्मा, पूर्व ग्राम प्रधान, थल
ग्रामीण महिला अस्पताल को पीएचसी से संबद्ध करना क्षेत्र की हर महिला के साथ धोखा है। गांव की महिला अपनी दिक्कत सुगमता से सिर्फ महिला डॉक्टर को बता सकती है। पुरुष अस्पताल के कर्मचारी महिला अस्पताल को चला रहे हैं जो किसी भी मायने में सही नहीं है। - हंसा बिष्ट, थल
गोचर अस्पताल में महिला डॉक्टर की तैनाती जरूरी है। क्षेत्र की गर्भवतियों को प्रसव कराने के लिए जान जोखिम में डालकर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है। ग्रामीण महिलाओं के लिए इलाज कराना भी मुश्किल है। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। - दीपक भैसोड़ा, प्रधान, अठखेत
यहां क्षेत्र का एकमात्र महिला अस्पताल खोला गया है। मुनस्यारी, डीडीहाट, कनालीछीना, बेड़ीनाग विकासखंड की महिलाएं इस अस्पताल पर निर्भर हैं। यहां महिला डॉक्टर की तैनाती को नहीं हुई लेकिन इसे पीएचसी से संबद्ध कर जिम्मेदारी निभा दी गई है। यह गलत है। - नवीन चंद्र पाठक, थल
कोट
शासन से मिले निर्देश के तहत ही ग्रामीण महिला अस्पताल को पीएचसी से संबद्ध किया गया है। दोनों महिला स्टाफ नर्स छह माह के अवकाश पर हैं। इससे प्रसव कराने में दिक्कत हो रही है। पुरुष स्वास्थ्य कर्मियों से प्रसव कराने के लिए गर्भवतियां मना कर रही हैं। ऐसे में उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए विभाग से पत्राचार किया गया है। - डॉ. अर्पित दत्त, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पीएचसी, गोचर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed