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Pithoragarh News: शिक्षकों की कमी से बेटी पढ़ाओ को झटका
Sun, 28 Jun 2026 10:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 28 Jun 2026 10:37 PM IST
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चंपावत। आधी आबादी को शिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने के सरकारी संकल्प जमीनी धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। जिले के आठ बालिका विद्यालयों की तस्वीर इसकी गवाह है, जहां स्वीकृत पदों के मुकाबले 54 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। बिना गुरु जी के चल रहे इन स्कूलों में करीब चार हजार छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है जिससे स्थानीय अभिभावकों और छात्र संगठनों में रोष है।
चंपावत जिले में वर्तमान में सात जीजीआईसी और एक राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित है। इन आठ बालिका विद्यालयों में जिले की करीब चार हजार छात्राएं अध्ययनरत हैं।
विद्यालयों में मानकों के अनुसार सहायक अध्यापकों के 78 पद स्वीकृत हैं। बावजूद इसके 44 पद रिक्त चल रहे हैं। इनमें से राजकीय बालिका इंटर कॉलेज काकड़ में सात, टनकपुर में तीन, चंपावत में नौ, बनबसा में छह, चमदेवल में सात, लोहाघाट में पांच और खेतीखान में सात पद रिक्त हैं।
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इसके अलावा विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 78 पद स्वीकृत हैं। बावजूद सहायक अध्यापकों के भी वर्तमान में 10 पद रिक्त चल रहे हैं। विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण छात्राओं की नियमित पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
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बालिकाओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की तैनाती की गई है। रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को भेज दी गई है। नियुक्तियां शासन स्तर से की जाती हैं। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यकता और प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। -मान सिंह बिष्ट, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी, चंपावत
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चंपावत जिले में वर्तमान में सात जीजीआईसी और एक राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित है। इन आठ बालिका विद्यालयों में जिले की करीब चार हजार छात्राएं अध्ययनरत हैं।
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विद्यालयों में मानकों के अनुसार सहायक अध्यापकों के 78 पद स्वीकृत हैं। बावजूद इसके 44 पद रिक्त चल रहे हैं। इनमें से राजकीय बालिका इंटर कॉलेज काकड़ में सात, टनकपुर में तीन, चंपावत में नौ, बनबसा में छह, चमदेवल में सात, लोहाघाट में पांच और खेतीखान में सात पद रिक्त हैं।
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इसके अलावा विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 78 पद स्वीकृत हैं। बावजूद सहायक अध्यापकों के भी वर्तमान में 10 पद रिक्त चल रहे हैं। विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण छात्राओं की नियमित पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
बालिकाओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की तैनाती की गई है। रिक्त पदों की सूचना निदेशालय को भेज दी गई है। नियुक्तियां शासन स्तर से की जाती हैं। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यकता और प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। -मान सिंह बिष्ट, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी, चंपावत