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Pithoragarh News: हाथ की टूटी हड्डी को जोड़ने के लिए दर्द से कराहते हुए, 20 दिन इंतजार करता रहा मरीज

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Wed, 21 Jan 2026 12:58 PM IST
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सार

पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का मामला सामने आया है जहां 16 वर्षीय किशोर की टूटी हड्डी का ऑपरेशन 19 दिन बाद किया गया।

The patient waited for 20 days, groaning in pain, for his broken hand bone to be set
पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में भर्ती किशोर। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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साहब, मेरे बच्चे के हाथ की हड्डी टूटी है जो दर्द से सो भी नहीं पा रहा है। जल्द ऑपरेशन कर दीजिए। निजी अस्पताल का खर्च उठाने की मेरी हैसियत नहीं है, जिला अस्पताल प्रबंधन से यह कहते-कहते एक पिता थक गया। हैरानी है कि सभी ने इसके दर्द को अनदेखा कर दिया। जब कुछ संगठनों ने अस्पताल प्रबंधन से बात की तो बमुश्किल 19 दिन बाद मरीज को भर्ती कर 20 वें दिन इसका ऑपरेशन कर टूटी हड्डी को जोड़ा गया।

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यह मामला जिले में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही जिम्मेदारों और सिस्टम की लापरवाही को उजागर कर रहा है। मामला खुलने के बाद अब अस्पताल प्रबंधन जांच और कार्रवाई की बात कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।

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दरअसल, बीते एक जनवरी को घरों में रंगरोगन कर अपना घर चला रहे कनार के गोविंद के 16 वर्षीय बेटा पियूष कुमार घर के पास गिर गया। घटना में इसके कलाई से ऊपर की हड्डी टूटकर अलग हो गई। निजी अस्पताल का खर्च उठाने में नाकाम लाचार पिता अपने बेटे को तत्काल जिला अस्पताल लाया। यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ ने एक्स-रे कर ऑपरेशन की सलाह दी और घर भेज दिया। तब से किशोर दर्द से कराहते हुए ऑपरेशन कराने के लिए कई बार अस्पताल के चक्कत काटता रहा लेकिन सभी ने इसका दर्द अनदेखा कर दिया। संबंधित डॉक्टर घायल को ऑपरेशन के लिए तारीख देने के बाद गायब हो गए और दर्द से कराहते बेटे को देख पिता के आंसू टपकते रहे। मजबूत पिता ने जब अपना दर्द साझा किया तो कुछ संगठनों ने अस्पताल प्रबंधन के समक्ष मामला उठाया। तब जाकर पूरा सिस्टम नींद से जागा और आनन-फानन में 19 दिन बाद बीते सोमवार को किशोर को अस्पताल में भर्ती किया गया।


मंगलवार को बमुश्किल किशोर का ऑपरेशन कर टूटी हड्डी को जोड़ा गया। हैरारी की बात है कि पर्याप्त विशेषज्ञ और सुविधा होने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदारों की इस लापरवाही से बेटे की टूटी हड्डी को जोड़ने के लिए एक पिता को खासी जद्दोजहत करनी पड़ी। यह मामला जिले के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के दावों की पोल खोल रहा है।

पर्चे में 1500 रुपये की दवा लिखकर निभा दी गई जिम्मेदारी

 लाचार पिता गोविंद ने बताया कि एक जनवरी को वह बेटे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ ने एक्स-रे किया और पर्चे पर दवा लिखकर घर जाने की सलाह दी और बाद में आने को कहा। जब वह पर्चा लेकर दुकान पर गया तो 1500 रुपये की दवा खरीदी। हैरानी है कि जिला अस्पताल में जनऔषधी केंद्र संचालित होने और बाहर से दवा न लिखने के निर्देश के बाद भी संबंधित से डेढ़ हजार रुपये की दवा खरीदवाई गई जो कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। 

दो हड्डी रोग विशेषज्ञ तैनात, फिर भी इलाज न मिलना गंभीर

पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। इनमें से एक हड्डी रोग विशेषज्ञ को बेस से जिला अस्पताल भेजा गया है। ऐसा इसलिए कि बेस अस्पताल में मरीजों का दबाव कम होने के साथ ही यहां ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। बेस के हड्डी रोग विशेषज्ञ ने किशोर की जांच की और ऑपरेशन की सलाह दी। लंबे समय तक न तो उन्होंने खुद ऑपरेशन किया और न अपना केस दूसरे हड्डी रोग विशेषज्ञ को हस्तांतरित किया। ऐसे में किशोर को लंबे समय तक दर्द से कराहते हुए इलाज मिलने का इंतजार करना पड़ा। संवाद

जिस तरह किशोर की हड्डी टूटी है इसका तुरंत ऑपरेशन होना चाहिए। संबंधित चिकित्सक ने समय पर ऑपरेशन क्यों नहीं किया इसकी जानकारी ली जाएगी। जांच कर आवश्यक कार्रवाई होगी। इलाज में लापरवाही बरतना गंभीर है। इतने दिनों तक संबंधित चिकित्सक कहां थे इसकी भी जानकारी जुटाई जाएगी।-डॉ. अजय आर्य, निदेशक, चिकित्सा शिक्षा विभाग, देहरादून

मामला संज्ञान में आते ही संबंधित चिकित्सक को घायल का ऑपरेशन करने के निर्देश जारी किए। संबंधित से इसका स्पष्टीकरण लिया जाएगा। निश्चित तौर पर इतने लंबे समय तक घायल को ऑपरेशन के लिए इंतजार कराना गंभीर है।-डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़


मेरे पास पहले से ही ऑपरेशन की वेटिंग थी। ऐसे में मरीज को ऑपरेशन के लिए बाद में आने की सलाह दी गई। घायल का ऑपरेशन कर टूटी हड्डी को जोड़ दिया गया है। मैं सिर्फ एक दिन के लिए बाहर था।-डॉ. योगेश, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बेस अस्पताल, पिथौरागढ़

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