{"_id":"69628e64ac2903f0cd0c6ac6","slug":"there-are-no-lecturers-for-mathematics-and-science-in-the-inter-colleges-of-didihat-pithoragarh-news-c-230-1-alm1001-136939-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: डीडीहाट के इंटर कॉलेजों में गणित, विज्ञान के प्रवक्ता नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: डीडीहाट के इंटर कॉलेजों में गणित, विज्ञान के प्रवक्ता नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 10 Jan 2026 11:07 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
डीडीहाट(पिथौरागढ़)। विकासखंड के इंटर कॉलेजों में दो हजार से अधिक विद्यार्थियों का भविष्य संकट में है। सभी इंटर कॉलेज प्रवक्ताओं की कमी से जूझ रहे हैं। गणित, विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता न होने से विद्यार्थी परेशान हैं। बोर्ड परीक्षा नजदीक आते ही विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। प्रवक्ताओं की कमी से बच्चों की पढ़ाई पूरी नहीं हो पा रही है। बोर्ड परीक्षा में अब कुछ दिन ही बचे हैं और पाठ्यक्रम पूरा नहीं होने से बच्चे तनाव में हैं।
विकास खंड के अन्तर्गत अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज डीडीहाट, जीजीआईसी डीडीहाट, दूनाकोट और चौबाटी में प्रवक्ताओं की कमी है। जीआईसी डीडीहाट में सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित पढ़ाई है। यहां गणित, हिंदी, संस्कृत जैसे विषयों में दो साल से प्रवक्ता नहीं है। जीजीआईसी में हिंदी, संस्कृत, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान के प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। जीआईसी दूनाकोट में गणित प्रवक्ता और एलटी में संस्कृत के अध्यापक का पद रिक्त है। जीआईसी चौबाटी में एलटी सामाजिक विज्ञान का पद खाली है। चौबाटी और दूनाकोट में प्रवक्ताओं के अधिकतर पदों का दायित्व अतिथि शिक्षक निभा रहे हैं। प्रवक्ताओं और एलटी अध्यापकों की कमी का खामियाजा हर साल बोर्ड परीक्षार्थी उठा रहे हैं। इस बार भी बोर्ड परीक्षा नजदीक है। पूरे साल बगैर गुरु के ज्ञान लेने वाले विद्यार्थियों की चिंता परीक्षा नजदीक आते ही बढ़ने लगी है।
-लोग बोले-
इंटर कॉलेजों में प्रवक्ताओं की कमी बच्चों की शैक्षिक प्रतिभा को नुकसान पहुंचा रही है। शिक्षकों के बिना बच्चों का पाठ्यक्रम पूरा होना असंभव है। - डीएस पांगती, शिक्षाविद
-- -
बिना गुरु के ज्ञान संभव नहीं होता। शिक्षा विभाग को बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षकों को उपलब्ध कराना शिक्षा के अधिकार के तहत अत्यंत आवश्यक है। - आरएस चौहान, अध्यक्ष बार संघ
-- -
पहाड़ के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या में लगातार कमी का मुख्य कारण प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों की कमी का होना है। - गोविंद लाल शाह, राज्य आंदोलनकारी
-- -कोट--
प्रवक्ताओं की कमी से बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसका ख्याल रखा जाएगा। अधिकतर स्कूलों में गेस्ट टीचरों को तैनाती दी गयी है। - हिमांशु नौगई, खंड शिक्षा अधिकारी, डीडीहाट
Trending Videos
विकास खंड के अन्तर्गत अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज डीडीहाट, जीजीआईसी डीडीहाट, दूनाकोट और चौबाटी में प्रवक्ताओं की कमी है। जीआईसी डीडीहाट में सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित पढ़ाई है। यहां गणित, हिंदी, संस्कृत जैसे विषयों में दो साल से प्रवक्ता नहीं है। जीजीआईसी में हिंदी, संस्कृत, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान के प्रवक्ताओं के पद रिक्त हैं। जीआईसी दूनाकोट में गणित प्रवक्ता और एलटी में संस्कृत के अध्यापक का पद रिक्त है। जीआईसी चौबाटी में एलटी सामाजिक विज्ञान का पद खाली है। चौबाटी और दूनाकोट में प्रवक्ताओं के अधिकतर पदों का दायित्व अतिथि शिक्षक निभा रहे हैं। प्रवक्ताओं और एलटी अध्यापकों की कमी का खामियाजा हर साल बोर्ड परीक्षार्थी उठा रहे हैं। इस बार भी बोर्ड परीक्षा नजदीक है। पूरे साल बगैर गुरु के ज्ञान लेने वाले विद्यार्थियों की चिंता परीक्षा नजदीक आते ही बढ़ने लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
-लोग बोले-
इंटर कॉलेजों में प्रवक्ताओं की कमी बच्चों की शैक्षिक प्रतिभा को नुकसान पहुंचा रही है। शिक्षकों के बिना बच्चों का पाठ्यक्रम पूरा होना असंभव है। - डीएस पांगती, शिक्षाविद
बिना गुरु के ज्ञान संभव नहीं होता। शिक्षा विभाग को बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षकों को उपलब्ध कराना शिक्षा के अधिकार के तहत अत्यंत आवश्यक है। - आरएस चौहान, अध्यक्ष बार संघ
पहाड़ के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या में लगातार कमी का मुख्य कारण प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों की कमी का होना है। - गोविंद लाल शाह, राज्य आंदोलनकारी
प्रवक्ताओं की कमी से बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसका ख्याल रखा जाएगा। अधिकतर स्कूलों में गेस्ट टीचरों को तैनाती दी गयी है। - हिमांशु नौगई, खंड शिक्षा अधिकारी, डीडीहाट