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Pithoragarh News: खलिया बुग्याल में रात्रि विश्राम कर सकेंगे, पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
Thu, 30 Jul 2026 11:02 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 30 Jul 2026 11:02 PM IST
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फोटो-30 पीटीएच 22 पी-मुनस्यारी का प्रसिद्ध खलिया बुग्याल। संवाद
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले के प्रसिद्ध बुग्यालों में अब पर्यटक रात्रि विश्राम कर सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट की ओर से वर्ष 2018 से लागू प्रतिबंध हटाए जाने के बाद पर्यटन कारोबार में तेजी आने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जगी है।
वर्ष 2018 में पर्यावरणीय कारणों से बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद खलिया, नामिक, रालम और जोहार घाटी के अन्य बुग्यालों में पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई। रात्रि विश्राम की अनुमति नहीं होने से पर्यटकों की संख्या में लगातार कमी आई और स्थानीय पर्यटन कारोबार पर भी असर पड़ा।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर लगी रोक हटाने के आदेश दिए हैं। स्थानीय पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि इससे सीमांत क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। हालांकि वन विभाग को अभी शासन स्तर से इस संबंध में लिखित आदेश मिलने का इंतजार है।
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खलिया बुग्याल के किनारे पर्यटकों का इंतजार कर रहे टैंट
रात्रि विश्राम पर रोक लगने के बाद वर्ष 2018 में खलिया बुग्याल से टैंट हटा दिए गए थे। वर्तमान में पर्यटन विभाग और निजी संचालकों ने बुग्याल के किनारे टैंट लगाए हुए हैं, जहां पर्यटकों का इंतजार किया जा रहा है। अनुमति मिलने के बाद इन टैंटों में फिर से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
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बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक हटने की जानकारी अन्य माध्यमों से संज्ञान में आई है। इस संबंध में फिलहाल किसी भी स्तर से लिखित आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद भी इस पर निर्णय लिया जाएगा। -आशुतोष सिंह, डीएफओ, पिथौरागढ़
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वर्ष 2018 में पर्यावरणीय कारणों से बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद खलिया, नामिक, रालम और जोहार घाटी के अन्य बुग्यालों में पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई। रात्रि विश्राम की अनुमति नहीं होने से पर्यटकों की संख्या में लगातार कमी आई और स्थानीय पर्यटन कारोबार पर भी असर पड़ा।
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हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर लगी रोक हटाने के आदेश दिए हैं। स्थानीय पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि इससे सीमांत क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। हालांकि वन विभाग को अभी शासन स्तर से इस संबंध में लिखित आदेश मिलने का इंतजार है।
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खलिया बुग्याल के किनारे पर्यटकों का इंतजार कर रहे टैंट
रात्रि विश्राम पर रोक लगने के बाद वर्ष 2018 में खलिया बुग्याल से टैंट हटा दिए गए थे। वर्तमान में पर्यटन विभाग और निजी संचालकों ने बुग्याल के किनारे टैंट लगाए हुए हैं, जहां पर्यटकों का इंतजार किया जा रहा है। अनुमति मिलने के बाद इन टैंटों में फिर से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक हटने की जानकारी अन्य माध्यमों से संज्ञान में आई है। इस संबंध में फिलहाल किसी भी स्तर से लिखित आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद भी इस पर निर्णय लिया जाएगा। -आशुतोष सिंह, डीएफओ, पिथौरागढ़