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Pithoragarh News: मल्लिकार्जुन मंदिर के सौंदर्यीकरण में देरी पर भड़के ग्रामीण
Wed, 29 Jul 2026 11:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:37 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। पावर ग्रिड द्वारा मल्लिकार्जुन मंदिर के सौंदर्यीकरण का वादा पूरा नहीं किए जाने पर क्षेत्रवासियों में नाराजगी है। बुधवार को ग्राम प्रधान टिकेंद्र पाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पावर ग्रिड के प्रोजेक्ट मैनेजर अवनीत सिंह को ज्ञापन सौंपकर मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना था कि पावर स्टेशन के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान पावर ग्रिड ने मल्लिकार्जुन मंदिर के सौंदर्यीकरण का आश्वासन दिया था लेकिन वर्षों बाद भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई।
मंदिर के पुजारी पंडित नारायण दत्त पंत ने बताया कि पहले मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। पावर ग्रिड के इंजीनियरों ने मंदिर का निरीक्षण कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार की थी लेकिन इसके बाद मामला आगे नहीं बढ़ा और स्वीकृत धनराशि भी जारी नहीं हो सकी।
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प्रोजेक्ट मैनेजर अवनीत सिंह ने स्वीकार किया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए पूर्व में धनराशि स्वीकृत हुई थी लेकिन किसी कारणवश अवमुक्त नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञापन देने वालों में प्रदीप पाल, खोलिया गांव की प्रधान अंकिता पाल, हिनकोट के प्रधान कपिल पाल, तरुण पाल, विक्रम सिंह पाल, होशियार सिंह पाल, देवकी नंदन उपाध्याय और डॉ. लक्ष्मण पाल सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
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ग्रामीणों का कहना था कि पावर स्टेशन के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान पावर ग्रिड ने मल्लिकार्जुन मंदिर के सौंदर्यीकरण का आश्वासन दिया था लेकिन वर्षों बाद भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई।
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मंदिर के पुजारी पंडित नारायण दत्त पंत ने बताया कि पहले मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। पावर ग्रिड के इंजीनियरों ने मंदिर का निरीक्षण कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार की थी लेकिन इसके बाद मामला आगे नहीं बढ़ा और स्वीकृत धनराशि भी जारी नहीं हो सकी।
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प्रोजेक्ट मैनेजर अवनीत सिंह ने स्वीकार किया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए पूर्व में धनराशि स्वीकृत हुई थी लेकिन किसी कारणवश अवमुक्त नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञापन देने वालों में प्रदीप पाल, खोलिया गांव की प्रधान अंकिता पाल, हिनकोट के प्रधान कपिल पाल, तरुण पाल, विक्रम सिंह पाल, होशियार सिंह पाल, देवकी नंदन उपाध्याय और डॉ. लक्ष्मण पाल सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।