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Pithoragarh News: महिला अस्पताल में लगेगी लिफ्ट, गर्भवतियों को नहीं चढ़नी पड़ेंगी सीढ़ियां
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 03 May 2026 10:30 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले की महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। अब महिला अस्पताल में गर्भवतियों को जांच और प्रसव के लिए सीढ़ियां नहीं चढ़नी पड़ेंगी। अस्पताल में जल्द ही लिफ्ट की सुविधा शुरू होगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने जिला योजना के तहत लिफ्ट स्थापना के लिए 38 लाख रुपये मंजूर कर दिए हैं।
जिले में सीएचसी और पीएचसी स्तर पर महिला रोग विशेषज्ञों की कमी के कारण अधिकांश महिलाओं को इलाज के लिए महिला अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज यहां पहुंचते हैं। तीन मंजिला नए भवन में बने चिकित्सकों के कक्षों और लेबर रूम तक पहुंचने के लिए गर्भवतियों को 100 से अधिक सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
लंबे समय से अस्पताल में लिफ्ट लगाने की मांग उठ रही थी। प्रभारी मंत्री के रूप में पहली बार जिले में पहुंचीं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए पहली ही जिला योजना बैठक में लिफ्ट के लिए बजट स्वीकृत कर दिया। उन्होंने प्रशासन को जल्द लिफ्ट लगाने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है और लिफ्ट लगने से मरीजों और तीमारदारों को बड़ी राहत मिलेगी।
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सियासी तकरार भी तेज
दरअसल, विधायक मयूख महर ने महिला अस्पताल में लिफ्ट लगाने के लिए अपनी निधि से 40 लाख रुपये देने की घोषणा की थी लेकिन प्रशासन ने नियमावली के अनुरूप विधायक निधि से लिफ्ट लगाने का काम संभव न होने का हवाला देकर इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। अब लिफ्ट को लेकर भाजपा ने विधायक पर सवाल खड़े किए हैं। प्रभारी मंत्री रेखा आर्या और भाजपा जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी ने कहा कि तीन बार के विधायक को यह मालूम होना चाहिए कि विधायक निधि से लिफ्ट लगाने का काम नियमावली के अनुरूप नहीं है। ऐसे में साफ है कि विधायक जनता को भ्रमित कर रहे हैं।
जिले में सीएचसी और पीएचसी स्तर पर महिला रोग विशेषज्ञों की कमी के कारण अधिकांश महिलाओं को इलाज के लिए महिला अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। रोजाना बड़ी संख्या में मरीज यहां पहुंचते हैं। तीन मंजिला नए भवन में बने चिकित्सकों के कक्षों और लेबर रूम तक पहुंचने के लिए गर्भवतियों को 100 से अधिक सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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लंबे समय से अस्पताल में लिफ्ट लगाने की मांग उठ रही थी। प्रभारी मंत्री के रूप में पहली बार जिले में पहुंचीं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए पहली ही जिला योजना बैठक में लिफ्ट के लिए बजट स्वीकृत कर दिया। उन्होंने प्रशासन को जल्द लिफ्ट लगाने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है और लिफ्ट लगने से मरीजों और तीमारदारों को बड़ी राहत मिलेगी।
सियासी तकरार भी तेज
दरअसल, विधायक मयूख महर ने महिला अस्पताल में लिफ्ट लगाने के लिए अपनी निधि से 40 लाख रुपये देने की घोषणा की थी लेकिन प्रशासन ने नियमावली के अनुरूप विधायक निधि से लिफ्ट लगाने का काम संभव न होने का हवाला देकर इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। अब लिफ्ट को लेकर भाजपा ने विधायक पर सवाल खड़े किए हैं। प्रभारी मंत्री रेखा आर्या और भाजपा जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी ने कहा कि तीन बार के विधायक को यह मालूम होना चाहिए कि विधायक निधि से लिफ्ट लगाने का काम नियमावली के अनुरूप नहीं है। ऐसे में साफ है कि विधायक जनता को भ्रमित कर रहे हैं।