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Pithoragarh News: बिना सुरक्षा कवच के बर्फ से लड़ रहे वर्कचार्ज कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 29 Jan 2026 10:31 PM IST
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मुनस्यारी क्षेत्र में सड़क से बर्फ हटाते लोनिवि के वर्कचार्ज कर्मी।
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। इसे अनदेखी कहें या लापरवाही जो लोनिवि के वर्कचार्ज कर्मचारी माइनस तीन से पांच डिग्री के बीच बगैर संसाधनों के सड़कों से बर्फ हटा रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बीच अपने कमरों में हीटर और ब्लोअर की गर्मी ले रहे जिम्मेदारों को इन कर्मियों का दर्द नजर ही नहीं आ रहा है। हिमनगरी मुनस्यारी की सड़कों पर बर्फ हटाने में जुटे लोनिवि के वर्कचार्ज कर्मचारियों को चार साल से न तो स्नो बूट मिले हैं और ना ही गर्म वर्दी।
सीमांत क्षेत्र में पिछले दो दिन हुई बर्फबारी से सड़कों पर कई जगह आवाजाही बाधित हुई है। हिमनगरी को जोड़ने वाली थल-मुनस्यारी सड़क अब भी बर्फ से पटी है और लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कर्मचारी बर्फ हटाकर यातायात सुचारु करने में जुटे हैं। हैरानी है कि इन कर्मचारियों को बगैर स्नो बूट और गर्म वर्दी उपलब्ध कराए ही कड़ाके की ठंड में ठिठुरने के लिए छोड़ दिया गया है। इसमें कई महिला कर्मी भी शामिल हैं जो कंपकंपाते हुए फावड़े, बेचले चलाकर सड़क से बर्फ हटा रही हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी ने जब इस मामले की पड़ताल की तो पूरे सिस्टम के दावों की हकीकत सामने आई। पता चला कि पिछले चार वर्षों से लोनिवि के वर्कचार्ज कर्मियों को ठंड के मौसम में न तो गर्म वर्दी मिली है और ना ही स्नो बूट। हाड़ कंपाती ठंड में ये कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए विवश हैं और जिम्मेदार अपने कमरों में बैठकर ब्लोअर और हीटर की गर्मी ले रहे हैं।
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बारिश में भी नहीं मिलती रेन कोट
लोनिवि के नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष पुरमल सिंह भंडारी ने बताया कि डीडीहाट डिविजन में 65 वर्कचार्ज कर्मचारी तैनात हैं। यह डिविजन बर्फबारी की दृष्टि से सबसे अधिक संवेदनशील है। कई बार इन कर्मियों को स्नो बूट और गर्म वर्दी देने की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि बारिश में भी कर्मियों को रेन कोट तक नसीब नहीं हो रहा है। उन्होंने जल्द कर्मियों को जरूरी संसाधन उपलब्ध न कराने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोट
स्नो बूट और गर्म वर्दी की डिमांड भेजी गई है। स्वीकृति मिलने पर तत्काल वर्कचार्ज कर्मियों को संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। - अजय थपलियाल, ईई, लोनिवि, डीडीहाट
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सीमांत क्षेत्र में पिछले दो दिन हुई बर्फबारी से सड़कों पर कई जगह आवाजाही बाधित हुई है। हिमनगरी को जोड़ने वाली थल-मुनस्यारी सड़क अब भी बर्फ से पटी है और लोक निर्माण विभाग के वर्कचार्ज कर्मचारी बर्फ हटाकर यातायात सुचारु करने में जुटे हैं। हैरानी है कि इन कर्मचारियों को बगैर स्नो बूट और गर्म वर्दी उपलब्ध कराए ही कड़ाके की ठंड में ठिठुरने के लिए छोड़ दिया गया है। इसमें कई महिला कर्मी भी शामिल हैं जो कंपकंपाते हुए फावड़े, बेचले चलाकर सड़क से बर्फ हटा रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी ने जब इस मामले की पड़ताल की तो पूरे सिस्टम के दावों की हकीकत सामने आई। पता चला कि पिछले चार वर्षों से लोनिवि के वर्कचार्ज कर्मियों को ठंड के मौसम में न तो गर्म वर्दी मिली है और ना ही स्नो बूट। हाड़ कंपाती ठंड में ये कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए विवश हैं और जिम्मेदार अपने कमरों में बैठकर ब्लोअर और हीटर की गर्मी ले रहे हैं।
बारिश में भी नहीं मिलती रेन कोट
लोनिवि के नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष पुरमल सिंह भंडारी ने बताया कि डीडीहाट डिविजन में 65 वर्कचार्ज कर्मचारी तैनात हैं। यह डिविजन बर्फबारी की दृष्टि से सबसे अधिक संवेदनशील है। कई बार इन कर्मियों को स्नो बूट और गर्म वर्दी देने की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि बारिश में भी कर्मियों को रेन कोट तक नसीब नहीं हो रहा है। उन्होंने जल्द कर्मियों को जरूरी संसाधन उपलब्ध न कराने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोट
स्नो बूट और गर्म वर्दी की डिमांड भेजी गई है। स्वीकृति मिलने पर तत्काल वर्कचार्ज कर्मियों को संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। - अजय थपलियाल, ईई, लोनिवि, डीडीहाट

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