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बिरसा मुंडा ने समाज में चेतना जगाई : चिदानंद
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:42 AM IST
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परमार्थ निकेतन में धरती आबा बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस पर विशेष गंगा आरती की गई। आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि बिरसा मुंडा स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और जनजातीय अस्मिता के अमर प्रतीक थे। उन्होंने शोषण के विरुद्ध उलगुलान कर जनजातीय समाज में आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की चेतना जगाई। उनके लिए जल, जंगल और जमीन केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन, अस्तित्व और पहचान के आधार थे। स्वामी ने कहा कि बिरसा मुंडा में संत की करुणा, ऋषि की दूरदृष्टि और योद्धा का साहस था। उनका जीवन संदेश देता है कि संस्कृति और मूल्यों के प्रति आस्था रखते हुए चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। वे अन्याय के विरुद्ध सत्य और स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त करने वाली अमर चेतना हैं।