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Rishikesh News: चार महीने में करंट से पांच मौतें, ऊर्जा निगम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
Mon, 17 Aug 2026 07:08 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 17 Aug 2026 07:08 PM IST
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- चार महीने में पांच मौतों से ऊर्जा निगम की सुरक्षा व्यवस्था कठघरे में, दो लाइनमैन समेत महिला और दो बच्चियों की गई जान
ऋषिकेश। जिस ऊर्जा निगम पर लोगों के घरों और सड़कों को रोशन रखने की जिम्मेदारी है, उसी की लापरवाही अब लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ती नजर आ रही है। ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में बीते चार महीनों में विद्युत लाइन के तारों के करंट की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें ऊर्जा निगम के दो लाइनमैन भी शामिल हैं, जो हाईटेंशन लाइन पर काम करते समय करंट की चपेट में आए। वहीं, सड़क पर टूटकर पड़े बिजली के तारों ने एक महिला और दो बच्चियों की जिंदगी छीन ली।
ऋषिकेश क्षेत्र में पिछले चार महीनों के हादसों का सिलसिला ऊर्जा निगम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। हाईटेंशन लाइन पर काम करने वाले दो लाइनमैनों की करंट की चपेट में आने से मौत होने अंदाजा लगाया जा सकता है कि यदि विभाग के अपने ही कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं कर पा रहा हैं तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। दूसरी ओर सड़क पर टूटकर पड़े करंट प्रवाहित तारों की चपेट में आकर एक महिला और दो बच्चियों की मौत बेहद गंभीर मामला है। सड़क पर पड़ा बिजली का तार किसी भी राहगीर के लिए जानलेवा हो सकता है।
कब कब हुई घटनाएं
- 8 मई को कखूर, पट्टी दोगी निवासी धीरज पंवार (25) तपोवन क्षेत्र में बिजली की हाईटेंशन लाइन पर काम कर रहा था। इस दौरान अचानक तेज धमाके साथ उसे करंट लग गया। जिसमें वह 80 फीसदी से अधिक झुलस गया। बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
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- 15 जुलाई को मुनि की रेती क्षेत्र के आस्था पथ पर बुधवार शाम बारिश के दौरान विद्युत पोल में उतरे करंट की चपेट में आने से नौ वर्षीय बच्ची कुमकुम पुत्री रविशंकर, निवासी चंद्रेश्वर नगर, गली नंबर-19 की दर्दनाक मौत हो गई थी।
-22 जुलाई को आईएसबीटी क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन में काम करते समय आउटसोर्स लाइनमैन प्रदीप कुमार (30) निवासी काले की ढाल की कंरट की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
- 16 अगस्त को खदरी ग्राम पंचायत की सुमन व उसकी दो वर्षीय बच्ची हाईटेंशन लाइन के टूटे तार की चपेट में आने से मौत हो गई।
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ऋषिकेश। जिस ऊर्जा निगम पर लोगों के घरों और सड़कों को रोशन रखने की जिम्मेदारी है, उसी की लापरवाही अब लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ती नजर आ रही है। ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में बीते चार महीनों में विद्युत लाइन के तारों के करंट की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें ऊर्जा निगम के दो लाइनमैन भी शामिल हैं, जो हाईटेंशन लाइन पर काम करते समय करंट की चपेट में आए। वहीं, सड़क पर टूटकर पड़े बिजली के तारों ने एक महिला और दो बच्चियों की जिंदगी छीन ली।
ऋषिकेश क्षेत्र में पिछले चार महीनों के हादसों का सिलसिला ऊर्जा निगम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। हाईटेंशन लाइन पर काम करने वाले दो लाइनमैनों की करंट की चपेट में आने से मौत होने अंदाजा लगाया जा सकता है कि यदि विभाग के अपने ही कर्मचारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं कर पा रहा हैं तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। दूसरी ओर सड़क पर टूटकर पड़े करंट प्रवाहित तारों की चपेट में आकर एक महिला और दो बच्चियों की मौत बेहद गंभीर मामला है। सड़क पर पड़ा बिजली का तार किसी भी राहगीर के लिए जानलेवा हो सकता है।
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कब कब हुई घटनाएं
- 8 मई को कखूर, पट्टी दोगी निवासी धीरज पंवार (25) तपोवन क्षेत्र में बिजली की हाईटेंशन लाइन पर काम कर रहा था। इस दौरान अचानक तेज धमाके साथ उसे करंट लग गया। जिसमें वह 80 फीसदी से अधिक झुलस गया। बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
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- 15 जुलाई को मुनि की रेती क्षेत्र के आस्था पथ पर बुधवार शाम बारिश के दौरान विद्युत पोल में उतरे करंट की चपेट में आने से नौ वर्षीय बच्ची कुमकुम पुत्री रविशंकर, निवासी चंद्रेश्वर नगर, गली नंबर-19 की दर्दनाक मौत हो गई थी।
-22 जुलाई को आईएसबीटी क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन में काम करते समय आउटसोर्स लाइनमैन प्रदीप कुमार (30) निवासी काले की ढाल की कंरट की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
- 16 अगस्त को खदरी ग्राम पंचायत की सुमन व उसकी दो वर्षीय बच्ची हाईटेंशन लाइन के टूटे तार की चपेट में आने से मौत हो गई।