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Rishikesh News: कुंभ बजट से संवरेंगे स्वर्गाश्रम और लक्ष्मणझूला के गंगा घाट
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 29 Mar 2026 02:52 AM IST
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नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अंतर्गत लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम के बदहाल गंगा घाटों का मरम्मतीकरण और निर्माण कार्य अब कुंभ मेले बजट से होगा। उप कुंभ मेलाधिकारी ने यमकेश्वर विधायक और विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर लक्ष्मणझूला के बदहाल और जीर्णशीर्ण गंगा घाटों का निरीक्षण किया है।
जून 2013 की आपदा से लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम क्षेत्र के कई गंगा घाट बदहाल और जीर्णशीर्ण हैं। करीब 13 वर्ष का समय बीत चुका है। शासन-प्रशासन की ओर से इन घाटों की सुध नहीं ली जा रही थी। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और कुंभ मेले के अलावा क्षेत्र में वर्षभर हजारों की तादाद में देशी, विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। निकाय अंतर्गत बॉबे घाट, रामप्यारी घाट, किरमोला घाट, संत सेवा घाट समेत दर्जनों गंगा घाट बदहाल बने हुए हैं। अतिसंवेदनशील घाट होने के कारण अब तक इन घाटों पर स्नान के दौरान दर्जनों पर्यटक जान गंवा चुके हैं। पर्यटक और स्थानीय लोगों की सुरक्षा दृष्टिगत स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शासन प्रशासन से कई बार इन घाटों की मरम्मतीकरण की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों को उम्मीद थी कि कुंभ मेला 2027 के बजट में इन बदहाल घाटों का मरम्मतीकरण होगा, लेकिन जन प्रतिनिधियों को जब इस बात की भनक लगी कि कुंभ मेले में केवल इन घाटों पर लोहे की जंजीरें लगाकर इतिश्री होगा, तब जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से पत्राचार कर कुंभ मेला बजट में बदहाल घाटों का निर्माण करने की मांग की थी।
16 मार्च को अमर उजाला में निकाय क्षेत्र की बदहाल गंगा घाटों की उपेक्षा कर रही सरकार, लोगों में नाराजगी, शीर्षक खबर प्रमुखता के साथ प्रकाशित हुई। खबर का संज्ञान लेने के बाद 28 मार्च को उप कुंभ मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर बदहाल गंगा घाटों का निरीक्षण किया।
उप कुंभ मेलाधिकारी ने बताया कि कुंभ मेला बजट में बदहाल घाटों का मरम्मतीकरण और निर्माण किया जाएगा। विभागीय स्तर पर इसके लिए योजना तैयार की जा रही है। यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट ने भी विभागीय अधिकारियों से कहा कि यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर अधिशासी अधिकारी दीपक शर्मा, सभासद जितेंद्र धाकड़, विकास भंडारी, गजेंद्र नागर, त्रिवेंद्र नेगी, अरविंद नेगी, मनोज डोबरियाल आदि शामिल रहे।
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जून 2013 की आपदा से लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम क्षेत्र के कई गंगा घाट बदहाल और जीर्णशीर्ण हैं। करीब 13 वर्ष का समय बीत चुका है। शासन-प्रशासन की ओर से इन घाटों की सुध नहीं ली जा रही थी। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और कुंभ मेले के अलावा क्षेत्र में वर्षभर हजारों की तादाद में देशी, विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। निकाय अंतर्गत बॉबे घाट, रामप्यारी घाट, किरमोला घाट, संत सेवा घाट समेत दर्जनों गंगा घाट बदहाल बने हुए हैं। अतिसंवेदनशील घाट होने के कारण अब तक इन घाटों पर स्नान के दौरान दर्जनों पर्यटक जान गंवा चुके हैं। पर्यटक और स्थानीय लोगों की सुरक्षा दृष्टिगत स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शासन प्रशासन से कई बार इन घाटों की मरम्मतीकरण की मांग की है।
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जनप्रतिनिधियों को उम्मीद थी कि कुंभ मेला 2027 के बजट में इन बदहाल घाटों का मरम्मतीकरण होगा, लेकिन जन प्रतिनिधियों को जब इस बात की भनक लगी कि कुंभ मेले में केवल इन घाटों पर लोहे की जंजीरें लगाकर इतिश्री होगा, तब जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से पत्राचार कर कुंभ मेला बजट में बदहाल घाटों का निर्माण करने की मांग की थी।
16 मार्च को अमर उजाला में निकाय क्षेत्र की बदहाल गंगा घाटों की उपेक्षा कर रही सरकार, लोगों में नाराजगी, शीर्षक खबर प्रमुखता के साथ प्रकाशित हुई। खबर का संज्ञान लेने के बाद 28 मार्च को उप कुंभ मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर बदहाल गंगा घाटों का निरीक्षण किया।
उप कुंभ मेलाधिकारी ने बताया कि कुंभ मेला बजट में बदहाल घाटों का मरम्मतीकरण और निर्माण किया जाएगा। विभागीय स्तर पर इसके लिए योजना तैयार की जा रही है। यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट ने भी विभागीय अधिकारियों से कहा कि यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर अधिशासी अधिकारी दीपक शर्मा, सभासद जितेंद्र धाकड़, विकास भंडारी, गजेंद्र नागर, त्रिवेंद्र नेगी, अरविंद नेगी, मनोज डोबरियाल आदि शामिल रहे।