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हमें हमारी संस्कृति से जोड़ती है हिंदी : डॉ. जगूड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 27 Mar 2026 03:09 AM IST
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16- एम्स में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ करती एम्स निदेशक प्रो.मीनू सिंह।स्रोत-एम्स
- फोटो : samvad
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एम्स में हिंदी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला एवं हिंदी क्विज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजकीय कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
राजभाषा विभाग गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ निदेशक डॉ. मीनू सिंह, प्रभारी अधिकारी (राजभाषा) एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मुकेश पाल, मुख्य वक्ता डॉ. नरेंद्र कुमार जगूड़ी तथा वीरेंद्र सिंह राणा ने किया।
मुख्यवक्ता डॉ. नरेंद्र कुमार जगूड़ी ने कहा कि हिंदी हमें हमारी संस्कृति से जोड़ती है और कार्यालयी कार्यों में इसके प्रयोग को बढ़ाने के साथ आने वाली चुनौतियों का समाधान भी संभव है। वीरेंद्र सिंह राणा ने हिंदी की स्वीकार्यता को व्यापक बनाने पर बल दिया।
संस्थान के उप निदेशक (प्रशासन) गोपाल मेहरा ने कहा कि मातृभाषा की श्रीवृद्धि के लिए हिंदी का उपयोग केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक आचार-व्यवहार और कार्यालयी कार्यों में निरंतर अपनाना आवश्यक है। कार्यशाला के आयोजन में हिंदी सेल के वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी शशि यादव, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी नीरज कुमार वर्मा, स्वाति कैंतुरा आदि ने सहयोग किया।
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राजभाषा विभाग गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ निदेशक डॉ. मीनू सिंह, प्रभारी अधिकारी (राजभाषा) एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मुकेश पाल, मुख्य वक्ता डॉ. नरेंद्र कुमार जगूड़ी तथा वीरेंद्र सिंह राणा ने किया।
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मुख्यवक्ता डॉ. नरेंद्र कुमार जगूड़ी ने कहा कि हिंदी हमें हमारी संस्कृति से जोड़ती है और कार्यालयी कार्यों में इसके प्रयोग को बढ़ाने के साथ आने वाली चुनौतियों का समाधान भी संभव है। वीरेंद्र सिंह राणा ने हिंदी की स्वीकार्यता को व्यापक बनाने पर बल दिया।
संस्थान के उप निदेशक (प्रशासन) गोपाल मेहरा ने कहा कि मातृभाषा की श्रीवृद्धि के लिए हिंदी का उपयोग केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक आचार-व्यवहार और कार्यालयी कार्यों में निरंतर अपनाना आवश्यक है। कार्यशाला के आयोजन में हिंदी सेल के वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी शशि यादव, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी नीरज कुमार वर्मा, स्वाति कैंतुरा आदि ने सहयोग किया।