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Rishikesh News: अब पांच महीने बाद होंगे वन्यजीवों के दीदार
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Tue, 16 Jun 2026 02:26 AM IST
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सैलानियों के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व के गेट विधिवत रूप से बंद कर दिए गए हैं। अब पांच महीने के मानसून ब्रेक के बाद वन्यजीवों के दीदार होंगे। राजाजी की चीला रेंज से पार्क प्रशासन ने 53 लाख 87 हजार रुपए का राजस्व और मोतीचूर गेट से 12 लाख हजार रुपये का राजस्व प्राप्त किया है। पार्क निदेशक कोको रोसे ने बताया कि पर्यटन के क्षेत्र में पार्क प्रशासन ने सभी रेंजों से एक करोड़ 28 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त किया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 5 लाख रुपए अधिक है।
सोमवार को राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर, चीला, रानीपुर और चीलावाली रेंज के गेट पर्यटकों के लिए विधिवत रूप से बंद कर दिए गए हैं। मोतीचूर रेंज में वन क्षेत्राधिकारी महेश सेमवाल ने विधिवत रूप से तालाबंदी की तो वहीं चीला गेट को रेंज अधिकारी दीपक रावत ने गेट को बंद किया।
जानकारी के अनुसार चारों गेटों में करीब 50 हजार 309 पर्यटकों ने जंगल सफारी का लुत्फ उठाया। इसमें 47881 भारतीय और 2428 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। चीला रेंज में 20245 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया है, जिसमें 19139 भारतीय और 1106 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। कल 334 पर्यटकों ने हाथी की सफारी का लुत्फ उठाया, जिसमें 10 विदेशी सैलानी शामिल रहे। वहीं मोतीचूर रेंज में 659 पर्यटकों ने जंगल सफारी का लुत्फ उठाया, जिसे 12 लाख 89 हजार 663 रुपए का राजस्व प्राप्त किया गया।
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जंगल सफारी के दौरान दिखाई दिए ये वन्यजीव
जंगल सफारी के दौरान सैलानियों ने मोतीचूर रेंज में टाइगर, गुलदार, एशियाई हाथी, स्पॉटेड डियर, सांभर, काकड़, नीलगाय, वाइल्ड पिग, पैंगोलिन मॉनिटर लिजार्ड, ग्रेट हॉर्नबिल, पाइड हॉर्नबिल, ब्लैक स्टॉर्क, वूली नेक्ड स्टार्क, मिस्री वल्चर, हिमालयन ग्रिफॉन, बार्बेट, इंडियन थिक-नी, ब्राउन फिश आउल, जंगल आउलेट, स्पॉटेड आउलेट, किंगफिशर, ब्लैक शोल्डर काइट जैसे वन्यजीवों को दीदार किया। आखिरी दिन जंगल सफारी करने पहुंची ऊर्जा निगम की अवर अभियंता नीतू सिंह ने बताया कि उन्होंने पहली बार जंगल सफारी का आनंद लिया है और यह सफारी काफी उत्साह भरी थी।
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पार्क क्षेत्र में पर्यटन के क्षेत्र में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत इको टूरिज्म और बढ़ती हुई पर्यटकों की संख्या स्थानीय लोगों की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है। - कोको रोसे, पार्क निदेशक
सोमवार को राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर, चीला, रानीपुर और चीलावाली रेंज के गेट पर्यटकों के लिए विधिवत रूप से बंद कर दिए गए हैं। मोतीचूर रेंज में वन क्षेत्राधिकारी महेश सेमवाल ने विधिवत रूप से तालाबंदी की तो वहीं चीला गेट को रेंज अधिकारी दीपक रावत ने गेट को बंद किया।
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जानकारी के अनुसार चारों गेटों में करीब 50 हजार 309 पर्यटकों ने जंगल सफारी का लुत्फ उठाया। इसमें 47881 भारतीय और 2428 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। चीला रेंज में 20245 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया है, जिसमें 19139 भारतीय और 1106 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। कल 334 पर्यटकों ने हाथी की सफारी का लुत्फ उठाया, जिसमें 10 विदेशी सैलानी शामिल रहे। वहीं मोतीचूर रेंज में 659 पर्यटकों ने जंगल सफारी का लुत्फ उठाया, जिसे 12 लाख 89 हजार 663 रुपए का राजस्व प्राप्त किया गया।
जंगल सफारी के दौरान दिखाई दिए ये वन्यजीव
जंगल सफारी के दौरान सैलानियों ने मोतीचूर रेंज में टाइगर, गुलदार, एशियाई हाथी, स्पॉटेड डियर, सांभर, काकड़, नीलगाय, वाइल्ड पिग, पैंगोलिन मॉनिटर लिजार्ड, ग्रेट हॉर्नबिल, पाइड हॉर्नबिल, ब्लैक स्टॉर्क, वूली नेक्ड स्टार्क, मिस्री वल्चर, हिमालयन ग्रिफॉन, बार्बेट, इंडियन थिक-नी, ब्राउन फिश आउल, जंगल आउलेट, स्पॉटेड आउलेट, किंगफिशर, ब्लैक शोल्डर काइट जैसे वन्यजीवों को दीदार किया। आखिरी दिन जंगल सफारी करने पहुंची ऊर्जा निगम की अवर अभियंता नीतू सिंह ने बताया कि उन्होंने पहली बार जंगल सफारी का आनंद लिया है और यह सफारी काफी उत्साह भरी थी।
पार्क क्षेत्र में पर्यटन के क्षेत्र में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत इको टूरिज्म और बढ़ती हुई पर्यटकों की संख्या स्थानीय लोगों की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है। - कोको रोसे, पार्क निदेशक