{"_id":"6a81bbd481da66a57a09849f","slug":"radar-and-new-ils-to-be-installed-at-doon-airport-flights-to-benefit-during-bad-weather-rishikesh-news-c-38-1-rks1002-145156-2026-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rishikesh News: दून एयरपोर्ट पर स्थापित होगा रडार और नया आईएलएस, खराब मौसम में उड़ानों को मिलेगी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rishikesh News: दून एयरपोर्ट पर स्थापित होगा रडार और नया आईएलएस, खराब मौसम में उड़ानों को मिलेगी राहत
Sun, 16 Aug 2026 07:02 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 16 Aug 2026 07:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- सुरक्षित उड़ानों के लिए देहरादून एयरपोर्ट पर किए जा रहे नए तकनीकी बदलाव
- रडार-आईएलएस से सुरक्षित होगी दून एयरपोर्ट की उड़ान
चंद्रमोहन कोठियाल
जौलीग्रांट। देहरादून एयरपोर्ट पर विमानों की सुरक्षित आवाजाही और खराब मौसम में उड़ानों के संचालन को बेहतर बनाने के लिए रडार और नया इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) लगाया जाएगा। 2009 में स्थापित पुराने आईएलएस को बदला जाएगा। इसके साथ नई एटीसी बिल्डिंग भी बनाई जाएगी, जिससे एयरपोर्ट का एयर स्पेस बढ़ाने और अधिक विमानों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
फिलहाल दून एयरपोर्ट पर रडार नहीं है। विमान पुराने आईएलएस, डॉप्लर वीएचएफ ओमनी डायरेक्शन रेंज (डीवीओआर), पाथ इंडीकेटर और अन्य उपकरणों की मदद से उतरते और उड़ान भरते हैं। नया रडार और आईएलएस लगने से खराब मौसम में विमानों को संचालन में कम परेशानी होगी तथा उड़ानों के रद्द या डायवर्ट होने की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। रडार स्थापित करने से पहले एयरपोर्ट पर जल्द टेक्निकल फिजिबिलिटी स्टडी कराई जाएगी। इसके बाद उपयुक्त स्थान का चयन कर रडार लगाया जाएगा। वहीं, वर्ष 2009 में लगाए गए आईएलएस की जगह नया सिस्टम स्थापित किया जाएगा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
नई एटीसी बिल्डिंग से बढ़ेगा एयर स्पेस
दून एयरपोर्ट को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) बिल्डिंग भी बनाई जाएगी। इसके लिए स्थान का चयन किया जा चुका है। रडार, नया आईएलएस और नई एटीसी बिल्डिंग बनने के बाद एयरपोर्ट का एयर स्पेस बढ़ाने में मदद मिलेगी। वर्तमान में दून एयरपोर्ट का एयर स्पेस 10 किलोमीटर तक है। यानी एटीसी 10 किलोमीटर के दायरे में मौजूद विमानों को ही नियंत्रित कर सकता है। एयर स्पेस बढ़ने के बाद एटीसी अपने दायरे में पहले से अधिक विमानों को नियंत्रित कर सकेगा।
विज्ञापन
एयरपोर्ट पर हो सकेगा चारधाम यात्रियों का रजिस्ट्रेशन
जौलीग्रांट। दून एयरपोर्ट पर जल्द ही पर्यटन सूचना काउंटर स्थापित किया जाएगा। जो पर्यटकों और चारधाम यात्रियों की मदद करेगा। वहीं, एयरपोर्ट पर आगामी सीजन से चारधाम यात्रियों को रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी मिल सकेगी। एयरपोर्ट पर खान-पान की दुकानों के नए टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं। नई पार्किंग पॉलिसी में एएआई ने नए टेंडर जारी करते हुए एयरपोर्ट आने वाले व्यावसायिक वाहनों का शुल्क घटाकर 345 से 80 रुपये कर दिया है जिसे कुछ माह बाद लागू कर दिया जाएगा।
-- एयरपोर्ट पर टेक्निकल फिजिबिलिटी स्टडी के बाद रडार स्थापित किया जाएगा। वहीं, पुराने आईएलएस के स्थान पर नया आईएलएस लगाया जाएगा। खाने पीने की चीजों और नई पार्किंग के टेंडर जारी कर दिए गए हैं। वहीं, एयरपोर्ट पर पर्यटन सूचना काउंटर भी स्थापित किया जा रहा है। इसमें चारधाम रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी मिलेगी। - भूपेश सीएच नेगी, एयरपोर्ट निदेशक
विज्ञापन
- रडार-आईएलएस से सुरक्षित होगी दून एयरपोर्ट की उड़ान
चंद्रमोहन कोठियाल
जौलीग्रांट। देहरादून एयरपोर्ट पर विमानों की सुरक्षित आवाजाही और खराब मौसम में उड़ानों के संचालन को बेहतर बनाने के लिए रडार और नया इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) लगाया जाएगा। 2009 में स्थापित पुराने आईएलएस को बदला जाएगा। इसके साथ नई एटीसी बिल्डिंग भी बनाई जाएगी, जिससे एयरपोर्ट का एयर स्पेस बढ़ाने और अधिक विमानों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
फिलहाल दून एयरपोर्ट पर रडार नहीं है। विमान पुराने आईएलएस, डॉप्लर वीएचएफ ओमनी डायरेक्शन रेंज (डीवीओआर), पाथ इंडीकेटर और अन्य उपकरणों की मदद से उतरते और उड़ान भरते हैं। नया रडार और आईएलएस लगने से खराब मौसम में विमानों को संचालन में कम परेशानी होगी तथा उड़ानों के रद्द या डायवर्ट होने की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। रडार स्थापित करने से पहले एयरपोर्ट पर जल्द टेक्निकल फिजिबिलिटी स्टडी कराई जाएगी। इसके बाद उपयुक्त स्थान का चयन कर रडार लगाया जाएगा। वहीं, वर्ष 2009 में लगाए गए आईएलएस की जगह नया सिस्टम स्थापित किया जाएगा।
विज्ञापन
नई एटीसी बिल्डिंग से बढ़ेगा एयर स्पेस
दून एयरपोर्ट को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) बिल्डिंग भी बनाई जाएगी। इसके लिए स्थान का चयन किया जा चुका है। रडार, नया आईएलएस और नई एटीसी बिल्डिंग बनने के बाद एयरपोर्ट का एयर स्पेस बढ़ाने में मदद मिलेगी। वर्तमान में दून एयरपोर्ट का एयर स्पेस 10 किलोमीटर तक है। यानी एटीसी 10 किलोमीटर के दायरे में मौजूद विमानों को ही नियंत्रित कर सकता है। एयर स्पेस बढ़ने के बाद एटीसी अपने दायरे में पहले से अधिक विमानों को नियंत्रित कर सकेगा।
विज्ञापन
एयरपोर्ट पर हो सकेगा चारधाम यात्रियों का रजिस्ट्रेशन
जौलीग्रांट। दून एयरपोर्ट पर जल्द ही पर्यटन सूचना काउंटर स्थापित किया जाएगा। जो पर्यटकों और चारधाम यात्रियों की मदद करेगा। वहीं, एयरपोर्ट पर आगामी सीजन से चारधाम यात्रियों को रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी मिल सकेगी। एयरपोर्ट पर खान-पान की दुकानों के नए टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं। नई पार्किंग पॉलिसी में एएआई ने नए टेंडर जारी करते हुए एयरपोर्ट आने वाले व्यावसायिक वाहनों का शुल्क घटाकर 345 से 80 रुपये कर दिया है जिसे कुछ माह बाद लागू कर दिया जाएगा।