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Rishikesh News: संस्कृत छात्र अब सीखेंगे विदेशी भाषाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 06 Apr 2026 02:56 AM IST
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संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव दीपक कुमार गैरोला ने कहा कि संस्कृत के छात्रों को विदेशी भाषाओं को सीखने के लिए संस्कृत शिक्षा विभाग आर्थिक सहायता देगा।
दीपक कुमार गैरोला रविवार को नगर क्षेत्र में संचालित श्री मुनीश्वर वेदांग संस्कृत विद्यालय, कृष्ण कुंज संस्कृत विद्यालय, श्री भरत संस्कृत विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से संस्कृत शिक्षा के लिए किए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी।
सचिव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में 13 संस्कृत ग्रामों की स्थापना की है। संस्कृत पढ़ने वाली बालिकाओं को गार्गी छात्रवृत्ति देकर छात्राओं को भी संस्कृत पढ़ने की ओर प्रेरित करने का कार्य किया है। विद्यालयों में साहित्य, व्याकरण, ज्योतिष, वेद आदि विषयों के साथ-साथ विज्ञान, गणित, अंग्रेजी जैसे आधुनिक विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल कर संस्कृत के छात्रों को समाज में बराबरी का दर्जा देने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार की ओर से जल्द ही संस्कृत के छात्रों को आईएएस, पीसीएस परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाएगी। संस्कृत का ज्ञान पूरे विश्व को शांति के मार्ग पर ले जा सकता है, इसके लिए हमारे छात्रों को संस्कृत भाषा के ज्ञान के साथ-साथ विदेशी भाषाओं का ज्ञान भी होना जरूरी है, जिसके लिए विभाग उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के माध्यम से संस्कृत के छात्रों को विदेशी भाषाओं को सीखने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगा।
इस मौके पर डॉ. वाजश्रवा, सुरेंद्र दत्त भट्ट, डॉ. जनार्दन प्रसाद कैरवाण, पूजा वशिष्ठ, मनोज द्विवेदी, जितेंद्र प्रसाद भट्ट, शंकरमणि भट्ट, डॉ. भानु प्रकाश उनियाल, शशि गौड़, सुरेश पंत, हर्षमणि नौटियाल, प्रियव्रत रतूड़ी, सुमित चमोली आदि मौजूद रहे।
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दीपक कुमार गैरोला रविवार को नगर क्षेत्र में संचालित श्री मुनीश्वर वेदांग संस्कृत विद्यालय, कृष्ण कुंज संस्कृत विद्यालय, श्री भरत संस्कृत विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से संस्कृत शिक्षा के लिए किए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी।
सचिव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में 13 संस्कृत ग्रामों की स्थापना की है। संस्कृत पढ़ने वाली बालिकाओं को गार्गी छात्रवृत्ति देकर छात्राओं को भी संस्कृत पढ़ने की ओर प्रेरित करने का कार्य किया है। विद्यालयों में साहित्य, व्याकरण, ज्योतिष, वेद आदि विषयों के साथ-साथ विज्ञान, गणित, अंग्रेजी जैसे आधुनिक विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल कर संस्कृत के छात्रों को समाज में बराबरी का दर्जा देने का प्रयास किया जा रहा है।
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उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार की ओर से जल्द ही संस्कृत के छात्रों को आईएएस, पीसीएस परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाएगी। संस्कृत का ज्ञान पूरे विश्व को शांति के मार्ग पर ले जा सकता है, इसके लिए हमारे छात्रों को संस्कृत भाषा के ज्ञान के साथ-साथ विदेशी भाषाओं का ज्ञान भी होना जरूरी है, जिसके लिए विभाग उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के माध्यम से संस्कृत के छात्रों को विदेशी भाषाओं को सीखने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगा।
इस मौके पर डॉ. वाजश्रवा, सुरेंद्र दत्त भट्ट, डॉ. जनार्दन प्रसाद कैरवाण, पूजा वशिष्ठ, मनोज द्विवेदी, जितेंद्र प्रसाद भट्ट, शंकरमणि भट्ट, डॉ. भानु प्रकाश उनियाल, शशि गौड़, सुरेश पंत, हर्षमणि नौटियाल, प्रियव्रत रतूड़ी, सुमित चमोली आदि मौजूद रहे।