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Rishikesh News: एम्स में गूंजा सेहत का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 08 Apr 2026 03:12 AM IST
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विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एम्स के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान लोगों को सेहत के संदेश दिए गए। इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम स्वास्थ्य के लिए एकजुट विज्ञान के साथ खड़े रहें हैं। वक्ताओं ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस केवल एक दिन नहीं बल्कि पूरी दुनिया को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का एक वैश्विक अभियान है।
मंगलवार को कार्यक्रम का उद्घाटन एम्स निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा किया जा रहा साक्ष्य-आधारित अनुसंधान न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में सहायक सिद्ध हो रहा है।
विशिष्ट अतिथि नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंस दिल्ली की प्रो. डॉ. सुनीला गर्ग ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उपलब्ध 12 सेवा पैकेजों की भूमिका को विस्तार से समझाया। कहा कि सामुदायिक भागीदारी एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय से ही स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच एवं गुणवत्ता में सुधार संभव है।
डीन एकेडमिक प्रो. सौरभ वार्ष्णेय और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री ने भी वन हेल्थ की अवधारणा, समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण एवं वर्तमान स्वास्थ्य चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे प्रयास स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाते हैं।
कम्युनिटी मेडिसिन की विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सैना ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और कहा कि मानव, पशु एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य के एकीकृत दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित जनस्वास्थ्य रणनीतियों को बढ़ावा देना विश्व स्वास्थ्य दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन पब्लिक हेल्थ से संबंधित विभिन्न कार्यशालाओं के आयोजन के साथ ही समूह चर्चा के विभिन्न सत्र भी आयोजित हुए। इस दौरान डीन रिसर्च प्रो. शैलेंद्र हांडू, मेडिसिन विभाग के हेड प्रो. रविकांत, डॉ. सुरेखा किशोर, डॉ. रंजीता कुमारी, डॉ. प्रदीप अग्रवाल, डॉ. स्मिता सिन्हा, डॉ. संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।
मंगलवार को कार्यक्रम का उद्घाटन एम्स निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा किया जा रहा साक्ष्य-आधारित अनुसंधान न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में सहायक सिद्ध हो रहा है।
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विशिष्ट अतिथि नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंस दिल्ली की प्रो. डॉ. सुनीला गर्ग ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उपलब्ध 12 सेवा पैकेजों की भूमिका को विस्तार से समझाया। कहा कि सामुदायिक भागीदारी एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय से ही स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच एवं गुणवत्ता में सुधार संभव है।
डीन एकेडमिक प्रो. सौरभ वार्ष्णेय और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री ने भी वन हेल्थ की अवधारणा, समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण एवं वर्तमान स्वास्थ्य चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे प्रयास स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाते हैं।
कम्युनिटी मेडिसिन की विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सैना ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और कहा कि मानव, पशु एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य के एकीकृत दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित जनस्वास्थ्य रणनीतियों को बढ़ावा देना विश्व स्वास्थ्य दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन पब्लिक हेल्थ से संबंधित विभिन्न कार्यशालाओं के आयोजन के साथ ही समूह चर्चा के विभिन्न सत्र भी आयोजित हुए। इस दौरान डीन रिसर्च प्रो. शैलेंद्र हांडू, मेडिसिन विभाग के हेड प्रो. रविकांत, डॉ. सुरेखा किशोर, डॉ. रंजीता कुमारी, डॉ. प्रदीप अग्रवाल, डॉ. स्मिता सिन्हा, डॉ. संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।