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Rishikesh News: फरवरी तक पूर्ण हो जाएगा बजरंग सेतु का कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 08 Feb 2026 02:27 AM IST
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निर्माणाधीन बजरंग सेतु। स्रोत संवाद।
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बजरंग सेतु का निर्माण कार्य पूर्ण होने की तिथि अब विभाग 28 फरवरी बता रहा है। इसके बाद उद्घाटन की तिथि निर्धारित की जाएगी।
ऐतिहासिक लक्ष्मणझूला पुल के समीप वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर की ओर से बजरंग सेतु पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। करीब 69.20 करोड़ की लागत से बनने वाला पुल 132.30 मीटर लंबा और पांच मीटर चौड़ा है। पुल के दोनों साइड में डेढ़-डेढ़ मीटर का 65 मिमी की मोटाई वाला पारदर्शी कांच का फुटपाथ बन गया है।
प्रवेश द्वार की आकृति केदारनाथ धाम जैसी बन गई है। पुल पर हल्के चौपहिया वाहन भी आवाजाही करेंगे। लक्ष्मणझूला पुल के अनिश्चितकाल के लिए बंद होने के बाद इस पुल को ऐतिहासिक पुल के बड़े विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
लक्ष्मणझूला पुल के बंद होने के बाद से स्थानीय लोगों को अपने दोपहिया वाहनों से तपोवन और स्वर्गाश्रम क्षेत्र के बीच आवाजाही के लिए रामझूला पुल और जानकी सेतु तक करीब दो से तीन किमी का सफर तय करना पड़ रहा है।
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अप्रैल 2022 में बंद हुआ था 92 साल पुराना लक्ष्मणझूला पुल
16 अप्रैल 2022 को ऐतिहासिक लक्ष्मणझूला पुल को सुरक्षा की दृष्टि से अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया था। आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के मुताबिक पुल की तारे पूरी तरीके से जर्जर हो चुके थे। लगातार आवागमन की स्थिति में पुल कभी भी गिर सकता था। इसके बाद डीएम टिहरी ने आदेश जारी कर पुल अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया था।
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कोट
उम्मीद है कि विभाग की ओर से बजरंग पुल का निर्माण कार्य 28 फरवरी तक पूरा हो जाएगा। उसके बाद ही पुल के उद्घाटन की तिथि निर्धारित की जाएगी। - प्रवीण करनवाल, अधिशासी अभियंता लोनिवि नरेंद्रनगर
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ऐतिहासिक लक्ष्मणझूला पुल के समीप वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर की ओर से बजरंग सेतु पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। करीब 69.20 करोड़ की लागत से बनने वाला पुल 132.30 मीटर लंबा और पांच मीटर चौड़ा है। पुल के दोनों साइड में डेढ़-डेढ़ मीटर का 65 मिमी की मोटाई वाला पारदर्शी कांच का फुटपाथ बन गया है।
प्रवेश द्वार की आकृति केदारनाथ धाम जैसी बन गई है। पुल पर हल्के चौपहिया वाहन भी आवाजाही करेंगे। लक्ष्मणझूला पुल के अनिश्चितकाल के लिए बंद होने के बाद इस पुल को ऐतिहासिक पुल के बड़े विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
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लक्ष्मणझूला पुल के बंद होने के बाद से स्थानीय लोगों को अपने दोपहिया वाहनों से तपोवन और स्वर्गाश्रम क्षेत्र के बीच आवाजाही के लिए रामझूला पुल और जानकी सेतु तक करीब दो से तीन किमी का सफर तय करना पड़ रहा है।
अप्रैल 2022 में बंद हुआ था 92 साल पुराना लक्ष्मणझूला पुल
16 अप्रैल 2022 को ऐतिहासिक लक्ष्मणझूला पुल को सुरक्षा की दृष्टि से अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया था। आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के मुताबिक पुल की तारे पूरी तरीके से जर्जर हो चुके थे। लगातार आवागमन की स्थिति में पुल कभी भी गिर सकता था। इसके बाद डीएम टिहरी ने आदेश जारी कर पुल अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया था।
कोट
उम्मीद है कि विभाग की ओर से बजरंग पुल का निर्माण कार्य 28 फरवरी तक पूरा हो जाएगा। उसके बाद ही पुल के उद्घाटन की तिथि निर्धारित की जाएगी। - प्रवीण करनवाल, अधिशासी अभियंता लोनिवि नरेंद्रनगर