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Rishikesh News: उबड़-खाबड़ मार्ग पर हिचकोले खा रहे वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 09 Apr 2026 02:59 AM IST
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लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर लोक निर्माण विभाग दुगड्डा की ओर से करीब नौ करोड़ की लागत से निर्माण कार्य चल रहा है। विभिन्न मांगों को लेकर सरकारी और गैर सरकारी विभागों के अभियंता इन दिनों हड़ताल पर हैं। अभियंताओं के हड़ताल पर होने से धरातल पर व्यवस्थाएं दम तोड़ रही है।
ठेकेदारों ने जगह-जगह सड़कें खोद दी हैं। पर्यटक और स्थानीय लोगों के वाहन उबड़-खाबड़ मोटर मार्ग पर हिचकोले खा रहे हैं। स्थिति यह है कि वर्तमान समय में निर्माण कार्यों को देखने के लिए विभागों के अभियंता निर्माण स्थलों पर भी नहीं जा रहे हैं
चारधाम यात्रा को शुरू होने में महज सप्ताहभर का समय शेष रह गया है। तीर्थयात्री चारधाम दर्शन के बाद और पहले नीलकंठ मंदिर के दर्शन के लिए भी आते जाते हैं। हेंवलघाटी क्षेत्र में सैकड़ों कैंप, रिजॉर्ट संचालित है। पर्वतीय रूटों के वाहन भी इस मार्ग से आवाजाही करते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, स्वयंबर सिंह रावत ने बताया कि लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग को डामरीकरण के नाम पर जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया है। नीलकंठ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही ग्रामीणों को जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है। इस रूट पर 24 घंटों भीड़भाड़ रहती है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी रोजाना इसी सड़क से आवागमन करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टेट हाईवे डामरीकरण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।
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कोट
इन दिनों विभिन्न विभागों के अभियंता अपनी मांगों को लेकर धरने पर हैं। विभागीय स्तर से निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण ऐसी स्थिति हो रही है। - साहब सिंह सैनी, सहायक अभियंता, लोनिवि दुगड्डा
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चारधाम यात्रा को शुरू होने में महज सप्ताहभर का समय शेष रह गया है। तीर्थयात्री चारधाम दर्शन के बाद और पहले नीलकंठ मंदिर के दर्शन के लिए भी आते जाते हैं। हेंवलघाटी क्षेत्र में सैकड़ों कैंप, रिजॉर्ट संचालित है। पर्वतीय रूटों के वाहन भी इस मार्ग से आवाजाही करते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, स्वयंबर सिंह रावत ने बताया कि लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग को डामरीकरण के नाम पर जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया है। नीलकंठ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही ग्रामीणों को जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है। इस रूट पर 24 घंटों भीड़भाड़ रहती है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी रोजाना इसी सड़क से आवागमन करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टेट हाईवे डामरीकरण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।
कोट
इन दिनों विभिन्न विभागों के अभियंता अपनी मांगों को लेकर धरने पर हैं। विभागीय स्तर से निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण ऐसी स्थिति हो रही है। - साहब सिंह सैनी, सहायक अभियंता, लोनिवि दुगड्डा