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हम जल बना नहीं सकते, पर बचाना हमारे हाथ में : चिदानंद
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Mon, 23 Mar 2026 02:37 AM IST
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विश्व जल दिवस पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने जल संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि जल हमें जीवन देता है और हमारे ग्रह के भविष्य को आकार देता है। मानव सभ्यता का विकास सदैव नदियों के किनारे हुआ है और आज भी हमारा अस्तित्व जल पर ही निर्भर है। यह एक गंभीर विडंबना है कि जिस जल पर हमारा जीवन टिका है, उसी के प्रति हमारी लापरवाही निरंतर बढ़ती जा रही है।
स्वामी ने कहा कि जल को हम बना नहीं सकते, लेकिन उसे बचाना हमारे हाथ में है। जल ही जीवन है और इसकी हर बूंद अमृत के समान अनमोल है।
आज आवश्यकता केवल इस बात की नहीं है कि हम जल के महत्व को समझें, बल्कि इसे अपने व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। जल संरक्षण कोई एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है। यदि हम जल की प्रत्येक बूंद का सम्मान करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, समृद्ध और संतुलित भविष्य प्रदान कर सकेंगे। नदियों का संरक्षण केवल पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और भविष्य की सुरक्षा का प्रश्न है। विश्व जल दिवस पर हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि हम जल का सम्मान करेंगे, उसका संरक्षण करेंगे और एक भी बूंद व्यर्थ नहीं बहने देंगे।
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स्वामी ने कहा कि जल को हम बना नहीं सकते, लेकिन उसे बचाना हमारे हाथ में है। जल ही जीवन है और इसकी हर बूंद अमृत के समान अनमोल है।
आज आवश्यकता केवल इस बात की नहीं है कि हम जल के महत्व को समझें, बल्कि इसे अपने व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। जल संरक्षण कोई एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है। यदि हम जल की प्रत्येक बूंद का सम्मान करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, समृद्ध और संतुलित भविष्य प्रदान कर सकेंगे। नदियों का संरक्षण केवल पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और भविष्य की सुरक्षा का प्रश्न है। विश्व जल दिवस पर हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि हम जल का सम्मान करेंगे, उसका संरक्षण करेंगे और एक भी बूंद व्यर्थ नहीं बहने देंगे।
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